मुस्लिमों के खिलाफ नहीं, लेकिन अन्याय का विरोधी : काटजू

By: | Last Updated: Wednesday, 1 October 2014 3:25 PM

नई दिल्ली: मुस्लिम पर्सनल लॉ के संबंध में विवादित बयान देने के एक दिन बाद आज भारतीय प्रेस परिषद (पीसीआई) के अध्यक्ष मार्कंडेय काटजू ने कहा कि वह किसी धर्म के खिलाफ नहीं हैं और वह अन्याय के खिलाफ बोल रहे थे.

 

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस काटजू ने अपने ब्लॉग पर लिखा, ‘‘ मुस्लिम पर्सनल लॉ को लेकर मेरी हालिया आलोचना से कुछ लोगों ने यह निष्कर्ष निकालने का प्रयास किया है कि मैं मुस्लिमों या इस्लाम के खिलाफ हूं. यह पूरी तरह से गलत है. मेरे कई अच्छे मित्र मुस्लिम हैं, और मैं इस्लाम सहित सभी धर्मों का सम्मान करता हूं. जैसा कि मैंने बार-बार कहा है कि मैं पूरी तरह से धर्मनिरपेक्ष हूं.’’

 

उन्होंने कहा कि कश्मीर में बाढ़ आपदा के समय वह पहले व्यक्ति थे जो कश्मीरियों के समर्थन में खडे हुए जो ‘‘अधिकतर मुस्लिम’’ हैं. काटजू ने कहा कि उन्होंने हरसंभव तरीके से उनकी मदद करने का प्रयास किया.

 

काटजू ने कहा कि उन्होंने गाजा और अन्य स्थानों पर मुस्लिमों के उत्पीड़न की भी आलोचना की है.

 

उन्होंने कहा, ‘‘ हालांकि, मैं निश्चित तौर पर मानता हूं कि व्यभिचार के लिए किसी महिला की पत्थर मार-मार जान ले लेना बर्बर है, तथा मैं मानता हूं कि मौखिक तलाक मुस्लिम महिलाओं के खिलाफ अन्याय और भेदभावपूर्ण है.’’ काटजू ने कहा, ‘‘ मैं सभी प्रकार के अन्याय के खिलाफ हूं, चाहे यह हिन्दू समाज में हो या मुस्लिम समाज में या किसी अन्य समाज में.’’ काटजू ने कहा कि उन्होंने हिन्दुओं में जाति व्यवस्था और पुराने हिन्दू कानून (1955 के पहले) की आलोचना की थी जो हिन्दू महिलाओं के खिलाफ भेदभाव करता था.

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Web Title: justice katju
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