जम्मू कश्मीर: जान जोखिम डालकर चल रहा है रेस्क्यू ऑपरेशन, राहत मिलने में देरी से टूटने लगा लोगों का धैर्य

By: | Last Updated: Wednesday, 10 September 2014 7:22 AM

नई दिल्ली: जम्मू कश्मीर में बाढ़ की पल-पल की खबरें हम आपको दिखा रहे हैं. श्रीनगर में बारिश नहीं होने से मुश्किल कम हुई है क्योंकि पानी घटना शुरू हुआ है. शहर का पानी डल झील में जा रहा है जिससे डल का जलस्तर बढ़ रहा है. हालांकि लोगों की मुश्किलें खत्म नहीं हुई हैं. राहत मिलने में देरी से लोगों का धैर्य टूटने लगा है. श्रीनगर में कुछ गुस्साए लोगों ने एनडीआरएफ के एक जवान की पिटाई की है.

 

सेना, एनडीआरएफ के जवान अपनी जान जोखिम में डालकर लोगों को बचाने में जुटे हुए हैं. अब भी करीब चार लाख लोग फंसे हुए हैं.  बाढ़ से मरनेवालों की तादाद 200 तक पहुंच चुकी है. यह आंकड़ा अभी बढ़ सकता है. वहीं सेना पूरी ताकत से राहत और बचाव के काम में लगी है, 60 से ज्यादा हेलीकॉप्टर बाढ़ में फंसे लोगों को निकालने और राहत पहुंचाने में जुटे हैं.

 

 

जम्मू कश्मीर में एक तरफ सेना लोगों को बचाने में जुटी है तो दूसरी ओर निर्माण का भी काम कर रही है. जम्मू के फ्लाईमंडल में तवी नदी का पुल बाढ़ बह गया था लेकिन सेना ने पुल फिर बना दिया है. पक्का नहीं लेकिन कच्चा पुल हो चुका है.

 

जम्मू और पुंछ के बीच यातायात शुरू

गृह मंत्रालय ने जम्मू-कश्मीर के बाढ़ प्रभावित इलाकों में बांटने के लिए सवा लाख बिस्कुट के पैकेट, एक लाख लीटर पानी, और डेढ़ सौ टन तैयार खाने का सामान भेजा. जम्मू और पुंछ के बीच यातायात शुरू हो गया है. सेना और बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन ने इसके लिए लोहे का पुल बनाया है. वहीं एयर इंडिया ने एलान किया है कि जम्मू और कश्मीर बाढ़ में फंसे पर्यटकों को उनके घर मुफ्त में पहुंचाया जाएगा.

 

तबाही की मार झेल रहे लोगों को राहत कैंप में लाया जा रहा है. बुद्धल के समोट गांव के राहत कैंप में पहुंचे एबीपी न्यूज़ संवाद्दाता अजय बाचलू और लोगों से बातचीत की. यहां लोगों का कहना है कि बारिश से उनके घर गिर गए. लोगों का कहना है कि फौज ने उनकी बहुत ज्यादा हेल्प की है. यहां के लोग इस बात से बहुत दुखी हैं कि फसल के साथ साथ उनके घर भी टूट गए हैं.  देखें ये रिपोर्ट-