कश्मीर घाटी में बाढ़ का कहर, जान और माल का भारी नुकसान

By: | Last Updated: Thursday, 4 September 2014 4:30 AM

नई दिल्ली: कश्मीर को दुनिया का स्वर्ग कहा जा जाता है लेकिन कुदरती खूबसूरती वाली घाटी में कुदरत का कहर बरपा है. बाढ़ के कारण कश्मीर के कई इलाकों में जान औऱ माल का भारी नुकसान हुआ है.

 

बीएसएफ अधिकारी समेत 22 लोग भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ में मारे जा चुके हैं. अलग अलग इलाकों से करीब ऐसे 100 लोगों को निकाला गया है जो फँस गए थे.  झेलम नदी के किनारे बसे लोगों को सुरक्षित जगहों पर जाने के लिए कहा गया है. झेलम नदी में पानी का स्तर खतरे के निशान से 21 फीट ऊपर पहुंच गया है. निचले इलाके से लोगों को हटा लिया गया है.

 

मौसम विभाग का कहना है कि कम से कम अगले 48 घंटों में मौसम में सुधार की कोई संभावना नहीं है और पूरी कश्मीर घाटी में भारी बारिश होती रहेगी और बर्फ बारी की भी संभावना है.

 

राजौरी जिले में भी बाढ़ की आपदा आई है. धारावी नदी की तेज धार में कल दो लोग फंस गए थे. सेना और दमकल कर्मचारियों ने साझा ऑपरेशन चलाकर दोनों को बचा लिया.

 

गांदरबल में कैसे तेज धार में फंसे लोगों को बताया गया. सिंध नदी में मंजूर अहमद को 5 घंटे के बाद निकाला गया. सुबह 9 बजे शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन दोपहर 2 बजे तक चलता रहा.

 

कुलगाम में भी लगातार भारी बारिश का कहर जारी है. बारिश के कारण स्कूल -कॉलेज भी बंद कर दिए गए हैं.

 

श्रीनगर शहर में आज बाढ़ की चेतावनी जारी की गई क्योंकि लगातार बारिश की वजह से झेलम नदी का पानी खतरे के निशान से 4 फुट उपर बह रहा है जबकि दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग और कुलगाम जिलों के 23 गांव बाढ़ की चपेट में हैं.

 

पिछले तीन दिन से लगातार हो रही बारिश के कारण घाटी के कई हिस्सों में तबाही मची है. अनंतनाग तथा कुलगाम जिले सर्वाधिक प्रभावित हुए हैं.

 

श्रीनगर के उपायुक्त फारूक अहमद शाह ने बताया ‘‘श्रीनगर शहर में बाढ़ की चेतावनी जारी की गई है और सभी आपात सेवाओं को बाढ़ की चुनौती से निपटने के लिए सक्रिय कर दिया गया है.’’ उन्होंने बताया कि शहर के राम मुंशी बाग इलाके में झेलम नदी का पानी खतरे के निशान से 4 फुट उपर बह रहा है.