गैमलिन पर नजर रखेंगे केजरीवाल ताकि गलत काम को रोका जा सके

By: | Last Updated: Monday, 18 May 2015 2:42 AM

नई दिल्ली: शंकुतला गैमलिन को कार्यवाहक मुख्य सचिव बनाये जाने को लेकर उपराज्यपाल के साथ चल रही कटु जंग में अपना रूख कड़ा करते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने इस महिला अधिकारी पर रिलायंस इंफ्रा की स्वामित्व वाली बिजली आपूर्ति कंपनियों को 11 हजार करोड़ रूपये का रिण देने के मामले में पक्षपात करने का आरोप लगाया.

 

केजरीवाल ने यह भी आरोप लगाया कि नरेन्द्र मोदी सरकार चाहती है कि उनकी सरकार ‘‘नाकाम’’ हो जाए.

 

केजरीवाल द्वारा मोदी सरकार पर यह हमला तब किया गया है जबकि एक ही दिन पहले गैमलिन ने उपराज्यपाल नजीब जंग के निर्देश पर कार्यवाहक मुख्य सचिव का पदभार संभाला. उपराज्यपाल पर मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि वह निर्वाचित सरकार को अप्रभावी बनाना चाहते हैं.

 

उत्तरी दिल्ली के बुराड़ी में अपनी जनसभा ‘आटो संवाद’ में केजरीवाल ने आरोप लगाया कि कि गैमलिन चाहती थीं कि सरकार ऐसे दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करे जिससे बिजली फर्मों को 11 हजार करोड़ रूपये मिलते.

 

उन्होंने कहा, ‘‘जब हमारी सरकार बनी थी, वह एक पत्र पर हस्ताक्षर कराने हमारे बिजली मंत्री के पास यह कहते हुए आई थीं कि रिलायंस की मालिकाना हक वाली बिजली कंपनियों ने 11 हजार करोड़ रूपये के रिण के लिए आवेदन किया है. वह चाहती थीं कि मंत्री दस्तावेज पर हस्ताक्षर कर दें और कहा कि यह केवल औपचारिकता है.’’

 

उन्होंने कहा, ‘‘जब हमारे मंत्री ने इस पत्र की जांच की तो यह गारंटी पत्र निकला. अगर रिलायंस की मालिकाना कंपनियां रिण भरने में नाकाम रहती तो बोझ जनता पर आता और दिल्ली में दरें दो तीन गुना बढ़ जातीं.’’

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार सुनिश्चित करेगी कि अगले 10 दिन गैमलिन के कार्यालय जाने वाली हर फाइल उनके पास से होकर जाए. केन्द्र पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि सरकार में रहने पर उनका संघर्ष सड़कों पर किये गये संघर्ष से कहीं ज्यादा है.

 

केजरीवाल ने आरोप लगाया, ‘‘हमने मुख्य सचिव (गैमलिन) की नियुक्ति का विरोध किया लेकिन मोदी सरकार ने उन्हें मुख्य सचिव नियुक्त कर दिया. हम बीते चार दिन से संघर्ष कर रहे हैं लेकिन मोदी सरकार दिल्ली सरकार को नाकाम बनाना चाहती है.’’

 

आप प्रमुख ने कहा, ‘‘यह संदेह पैदा करता है कि वे (बीजेपी नीत केन्द्र सरकार) दस दिन में कुछ गलत करेंगे लेकिन मैं आपको आश्वस्त करता हूं कि मैं उन (गैमलिन) पर नजर रखूंगा और हर फाइल मेरे पास से होकर जाएगी.’’

 

केन्द्र भी इस विवाद में कूदा और गृह राज्यमंत्री किरण रिजिजू ने आप सरकार पर पूर्वोत्तर सरकार के लोगों का अपमान करने का आरोप लगाया और पूछा कि क्या दिल्ली सरकार दिल्ली में अराजकता लाने की कोशिश कर रही है.

 

कार्यवाहक मुख्य सचिव की नियुक्ति पर सत्तारूढ़ आप और दिल्ली के उपराज्यपाल नजीब जंग के बीच गतिरोध कल बढ़ गया था जब केजरीवाल ने जंग से संविधान के दायरे में काम करने के लिए कहा और उन पर प्रशासन पर नियंत्रण का प्रयास करने का आरोप लगाया.

 

केजरीवाल के कड़े विरोध के बावजूद जंग ने गैमलिन को शुक्रवार को कार्यवाहक मुख्य सचिव के पद पर तैनात कर दिया. कल मुख्यमंत्री ने उनसे यह पद नहीं संभालने को कहा लेकिन उन्होंने इस निर्देश की अनदेखी करते हुए उपराज्यपाल के आदेश की तामील की. रिजिजू ने कहा कि उपराज्यपाल द्वारा नियमांे के तहत अधिकारी की नियुक्ति हुई और दिल्ली सरकार बिना किसी सबूत के उनके खिलाफ आरोप लगा रही है.

 

उन्होंने आप सरकार पर पूर्वोत्तर की एक महिला आईएएस अधिकारी का चरित्र हनन करने और संविधान की अवज्ञा करने का आरोप लगाया.

 

विवाद के बीच, दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने कहा कि अगर उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री के बीच कोई समन्वय नहीं होगा तो ‘‘गतिरोध का माहौल’’ पैदा होगा. पन्द्रह वर्ष तक दिल्ली की मुख्यमंत्री रह चुकी शीला ने कहा कि यदि प्रशासन ढंग से काम नहीं करेगा तो यह शहर का नुकसान होगा.

 

इस बीच दिल्ली सरकार के सूत्रों ने कहा कि पूर्व में भी बिजली क्षेत्र की कंपनियों को रिण देने के लिए लैटर आफ कंफर्ट जारी किये गये थे.

 

इस मुद्दे पर टिप्पणी करते हुए दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने कहा कि केजरीवाल के मन में किसी संस्था के प्रति सम्मान नहीं है.

 

भाजपा द्वारा उपराज्यपाल के जरिये दिल्ली पर शासन करने के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया के आरोप पर उपाध्याय ने कहा कि इससे केजरीवाल सरकार की हताशा पता चलती है.

 

मुख्य सचिव के के शर्मा निजी यात्रा पर अमेरिका गये हैं जिसके कारण सरकार को 10 दिनों के लिए कार्यवाहक मुख्य सचिव नियुक्त करना पड़ा. गैमलिन बिजली सचिव के रूप में काम कर रही थीं.

 

उधर, कांग्रेस नेता एवं दिल्ली प्रदेश कांग्रेस प्रमुख अजय माकन ने कहा कि कार्यवाहक मुख्य सचिव की नियुक्ति मुख्यमंत्री की इच्छा के अनुरूप की जानी चाहिए थी.

 

माकन ने उपराज्यपाल एवं दिल्ली सरकार के बीच टकराव का उल्लेख करते हुए कहा कि इस तरह के टकराव से नौकरशाहों का उत्साह बुरी तरह प्रभावित होता है जो एक गहरी चिंता का विषय है. उन्होंने कहा, ‘‘लोकतंत्र में निर्वाचित सरकार के मत का सम्मान होना चाहिए. अधिकारियों की नियुक्ति में मुख्यमंत्री का अधिकार होना चाहिए. उपराज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के बीच समुचित तालमेल होना चाहिए.’’

 

माकपा नेता सीताराम येचुरी ने कहा कि इस मामले में केन्द्र को राज्यों के अधिकारों में अतिक्रमण नहीं करना चाहिए.

 

उन्होंने कहा, ‘‘यदि केन्द्र उपराज्यपाल के जरिये राज्य सरकार के अधिकारों में अतिक्रमण करेगा और यदि वह राज्य के अधिकारों पर हमला बोलेगा तो यह गलत है. हम इसका विरोध करते हैं.’’

 

आप के विधायक एवं पार्टी की दिल्ली इकाई के सचिव सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि उपराज्यपाल नजीब जंग केन्द्र की शह पर काम कर रहे हैं. उन्होंने रिजिजू के बयान पर उन्हें आड़े हाथ लेते हुए कहा, ‘‘इसका महिला के चरित्र से कोई लेनादेना नहीं है और इसका उस क्षेत्र से भी कोई लेनादेना नहीं है जहां से वह आती हैं. यह बेवकूफी की हद है कि इस तरह के मामले उठाये जाये.’’

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Web Title: Kejriwal vows to keep tab on Gamlin to thwart any ‘wrong’
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