मनोज वशिष्ठ एनकाउंटर केस: परिवार का दावा- राजनाथ ने किया एसआईटी जांच का वादा

By: | Last Updated: Monday, 18 May 2015 1:23 AM
kejriwal_gov_manoj_encounter_majistrate_enqiry

नई दिल्ली: दिल्ली के कथित एनकाउंटर में मारे गए मनोज वशिष्ठ की मौत के लिए एसआईटी बनाई जाएगी. ये दावा मनोज के परिवार ने गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मिलने के बाद किया है.

 

मनोज के परिवार का दावा है कि मनोज का मर्डर किया गया है लेकिन पुलिस एनकाउंटर पर कायम है.  राजेंद्र नगर थाने में कई धाराओं में मनोज वशिष्ठ के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. इस मामले में दिल्ली पुलिस सवालों के घेरे में है.

 

गृहमंत्री से मिलने के बाद मनोज की पत्नी ने दावा किया है कि गृहमंत्री ने उनसे बताया है कि पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी की जाएगी. प्रियंका ने कहा कि राजनाथ सिंह ने उन्हें  न्याय दिलाने का भरोसा दिया है.

मनोज एनकाउंटर केस: परिवार का दावा- राजनाथ ने किया SIT जांच का वादा 

आज होगा पोस्टमार्टम, केजरीवाल ने मजिस्ट्रेट  जांच के आदेश दिए

दिल्ली पुलिस द्वारा शनिवार को एक एनकाउंटर में मारे गये मनोज वशिष्ठ का आज पोस्टमार्टम किया जाएगा. पोस्टमार्टम दिल्ली के लेडी हार्डिंग अस्पताल में सुबह 10 बजे शुरु होगा. गौरतलब है कि इस एनकाउंटर को लेकर दिल्ली पुलिस शक के घेरे में है और पुलिस पर आरोप लगाया जा रहा है कि यह एनकाउंटर फर्जी है. इस मामले पर दिल्ली पुलिस कमिश्नर बी.एस बस्सी आज अपना बयान दे सकते है. वहीं दिल्ली सरकार ने इस मामले की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दे दिये है.

दिल्ली सरकार ने वांछित अपराधी मनोज वशिष्ठ के मध्य दिल्ली के न्यू राजेंद्र नगर क्षेत्र स्थित एक रेस्त्रां में हुए कथित मुठभेड़ में मारे जाने की मजिस्ट्रेट जांच का रविवार को आदेश दे दिया.

 

दिल्ली सरकार के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘‘सरकार ने एक मजिस्ट्रेट जांच का आदेश दे दिया है.’’ अधिकारियों ने बताया कि यह निर्णय तब किया गया जब वशिष्ठ के परिवार के सदस्यों ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से आज शाम में उनके आवास पर मुलाकात की और कथित मुठभेड़ की एक निष्पक्ष जांच की मांग की.

 

वशिष्ठ धोखाधड़ी और अपराध के कई अन्य मामलों में वांछित था. वशिष्ठ को कल शाम में दिल्ली पुलिस एक विशेष इकाई के साथ हुई मुठभेड़ में गोली लगी.

दिल्ली में एनकाउंटर या मर्डर? पत्नी का आरोप, ‘मनोज को पकड़कर गोली मारी गई’ 

विशेष आयुक्त (विशेष इकाई) एस एन श्रीवास्तव ने कल कहा, ‘‘वशिष्ठ एक वांछित अपराधी था और उस पर इनाम था. हमें एक गुप्त सूचना मिली कि वह न्यू राजेंद्र नगर के सागर रत्ना रेस्त्रां आएगा. इस पर एक जाल बिछाया गया. जब वह मौके पर पहुंचा, उसने वहां पुलिस की मौजूदगी महसूस करके हमारे लोगों पर गोलीबारी शुरू कर दी. जब टीम ने आत्मरक्षा में गोली चलाई उसे एक गोली लगी और वह घायल हो गया.’’

 

उन्होंने बताया कि उसे पास के एक अस्पताल ले जाया गया जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया.

 

पुलिस ने साजिश के तहत मेरे पति की हत्या की- प्रियंका वशिष्ठ

मनोज वशिष्ठ की पत्नी प्रियंका वशिष्ठ ने दिल्ली पुलिस पर अपने पति मनोज वशिष्ठ की हत्या का आरोप लगाया है. एबीपी न्यूज़ से बातचीत में प्रियंका ने कहा- पुलिस ने योजना के तहत मेरे पति का मर्डर किया. गोली लगने के बाद हमें मनोज से मिलने नहीं दिया गया. 

प्रियंका के मुताबिक, ”मेरे पति की साजिश के तहत हत्या की गई. मेरी मांग है कि सीसीटीवी फुटेज सामने लाई जाए और सार्वजमिक की जाए. मैं मीडिया से भी CCTV फुटेज सामने लाने के लिए मदद करने की मांग करती हूं. मैं नहीं चाहती कि ये बात आए कि सीसीटीवी में कोई तकनीकी खराबी थी.

 

मनोज वशिष्ठ की पत्नी प्रियंका का आरोप है कि गोली लगने के बाद मनोज तड़पते रहे लेकिन उन्हें मिलने नहीं दिया गया. उनके सिर पर गोली मारी गई लेकिन गोली लगने के बाद 35 मिनट तक मनोज जिंदा थे. उनकी पिटाई भी की गई और उनके शरीर पर पिटाई के निशान थे. पुलिस चाहती तो उन्हें जिंदा बचाया जा सकता था.

 

मनोज वशिष्ठ की पत्नी प्रियंका का आरोप है कि पुलिस ने 3 लाख रुपए मांगे थे, 60 हजार रुपए हमने दिए. मनोज वशिष्ठ की पत्नी प्रियंका का दिल्ली पुलिस कमिश्नर पर भी आरोप लगाए हैं. उनके मुताबिक अप्रैल में भी पुलिस ने उन्हें परेशान किया. प्रियंका ने कहा कि वो जिला पंचायत की सदस्य हैं जबकि उनके पति प्रोपर्टी डीलिंग और समाज सेवा का काम करते थे.

 

क्या है संजय वोहरा  का दावा?

मनोज वशिष्ठ एंकाउंटर केस में संजय वोहरा नाम के शख्स ने ये दावा किया है कि जिस वक्त दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने मनोज वशिष्ठ का कथित एनकाउंटर किया वो उस वक्त सागर रत्ना में ही मौजूद था. उसके मुताबिक तकरीबन साढ़े आठ के आस पास मनोज और 4-5 लोग साथ बैठे थे. तभी 4 से 5 लोग सिविल ड्रेस में आये. उनमे से एक ने मनोज के कंधे पर हाथ रखा. उसके बाद उनके बीच झड़प हुई और वहां अफरातफरी सी मच गयी.

 

पुलिस वालों ने उनसे कहा कि वो पुलिस हैं और वो उनका सहयोग करें. उसी बीच मची अफरातफरी में उसने दो फायर की आवाज सुनी. उसने देखा की मनोज की लाश खून से लथपथ पड़ी थी. संजय वोहरा उन 14 चश्मदीद गवाहों में है जिसने कल एनकाउंटर के बाद पुलिस को बयां दिया है. संजय बता रहा है कि वो ढाई महीने से उन्हें जानता था. 15 मिनट पहले ही मीटिंग फिक्स हुई थी.

 

कौन था मनोज वशिष्ठ?

बागपत कोतवाली अंतर्गत पावला गांव के रहने वाले मनोज वशिष्ठ की पत्नी प्रियंका वशिष्ठ वर्ष 2010 में बागपत जनपद में वार्ड 16 से जिला पंचायत सदस्य का बसपा से चुनाव लड़कर विजयी हुई थी. लेकिन उसने आज तक सदस्यता की शपथ नही ली है. मनोज कई साल से देश भक्त सेना ट्रस्ट चला रहा है. मनोज ने ट्रस्ट में नारा दिया था कि खाकी और खादी सुधरे तो देश सुधरे.

 

मनोज ने पांच साल पहले बागपत में एक समारोह का आयोजन कर 101 निर्धन कन्याओं के विवाह कराए थे. इसी दौरान अवैध बालू खनन के खिलाफ के आंदोलन भी छेड़ा था. मनोज ने डीयू से बीकॉम कर रखा था.उसके भाई अनिल वशिष्ठ ने बागपत में चैयरमैन पद के लिए चुनाव भी लड़ा था लेकिन हार गया था. बताया जाता है की मनोज बड़ा चीटर था और बाहर उसके खिलाफ कई मुकदमे कायम थे. बागपत पुलिस में बताया के वर्ष 2007 में उसके खिलाफ 420 का मुकदमा कायम हुआ था.

India News से जुड़े हर समाचार के लिए हमे फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर फॉलो करें साथ ही हमारा Hindi News App डाउनलोड करें
Web Title: kejriwal_gov_manoj_encounter_majistrate_enqiry
Explore Hindi News from politics, Bollywood, sports, education, trending, crime, business, साथ ही साथ और भी दिलचस्प हिंदी समाचार
First Published:

Get the Latest Coupons and Promo codes for 2017