अपने किताब के विमोचन के मौके पर कसूरी ने मोदी को दी नसीहत

By: | Last Updated: Monday, 12 October 2015 3:23 PM
Khurshid Mahmud Kasuri give advice to pm modi on Indo-Pak relation

मुंबई : मुंबई में अपनी किताब के विमोचन पर पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री खुर्शीद अहमद कसूरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नसीहत दी. कसूरी ने कहा कि मोदी को अहसास होगा कि अटल बिहारी वाजपेयी का रास्ता ठीक था.

कसूरी का स्वागत करने वाले देशद्रोही हैं: शिवसेना

 

खुर्शीद अहमद कसूरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश से विकास का वादा किया है लेकिन हमें शांति चाहिए. कसूरी बोले कि उन्हें उम्मीद है कि मोदी को ये अहसास होगा कि शांति के लिए जो रास्ता वाजपेयी ने चुना था वो सही था.

 

कसूरी ने अपनी किताब ‘नीदर ए हॉक नॉर ए डव’ में भारत-पाकिस्तान के रिश्तों पर रोशनी डाली है. कसूरी ने कहा कि उनके वक्त में दोनों देशों के रिश्ते काफी अच्छे हो गए थे.

 

कालिख में पुते कुलकर्णी ने कहा, तय समय पर ही होगा कसूरी का प्रोग्राम 

पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री खुर्शीद महमूद कसूरी की किताब का नाम ‘नाइदर ए हॉक नॉर ए डव’ है. भारत-पाकिस्तान के रिश्तों पर ये किताब लिखी गई है. पिछले हफ्ते ही दिल्ली में किताब का विमोचन हुआ था.

 

दिल्ली के कार्यक्रम में बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी भी शामिल हुए थे. मुंबई की घटना पर लालकृष्ण आडवाणी ने कहा है कि मन की बात नहीं होने पर इस तरह की घटानाएं बढ़ रही है.

 

बीजेपी के साथ ही कांग्रेस और तमाम विरोधी पार्टियों ने शिवसेना की इस करतूत की निंदा की है.

 

शिवसेना सबके निशाने पर है. लेकिन पार्टी ने साफ कहा है कि भारत में कसूरी का स्वागत करने वाले देशद्रोही हैं. इससे पहले पाकिस्तानी गायक गुलाम अली का कार्यक्रम भी शिवसेना के विरोध की वजह से मुंबई और पुणे में रद्द किया गया था.

 

कालिख पोते जाने की की घटना के बाद सुधींद्र कुलकर्णी  ने कहा, “न धमकी से, न बॉम्ब-बंदूक से, न गोली से, बात बनेगी बोली से.”

 

केस दर्ज

 

पुलिस ने 5-7 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है. लेकिन अब तक कीसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है.

 

आपको बता दें कि कसूरी की बुक रिलीज का कार्यक्रम कुलकर्णी ही करा रहे हैं. आज शाम मुंबई के नेहरू सेंटर में विमोचन है. कसूरी की किताब ‘नाइदर ए हॉक नॉर ए डव’ भारत-पाकिस्तान के रिश्तों पर आधारित है.

 

कसूरी का बयान

 

सुधींद्र कुलकर्णी पर काली स्याही फेंकने पर पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री खुर्शीद महमूद कसूरी ने दुख जताया है. कसूरी ने कहा कि नहीं वे कारगिल के समय मंत्री थे और न ही 26/11 के समय.

 

पढ़ें : स्याही को शिवसेना ने कहा ‘खून’, कुलकर्णी को बताया पाक का चमचा 

इस दौरान कसूरी ने कहा कि मुंबई में उनके पिता रहे हैं, ऐसे में उन्हें मुंबई से खास प्यार है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि वे यहां अमन का पैगाम लेकर आए हैं. कसूरी के अनुसार नेता अगर चाहें तो दोनों देशों में अमन हो सकता है.

 

पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री ने दावा किया कि दोनों देशों की जनता शांति चाहती है. स्याही फेंकने की घटना की निंदा करते हुए कसूरी ने कहा कि मुंबई देश की आर्थिक राजधानी है और यहां इस तरह की हरकत उचित नहीं.

 

पढ़ें : कसूरी के कार्यक्रम से नाराज़ शिव सैनिकों ने सुधींद्र कुलकर्णी पर पोती कालिख

 

उन्होंने कहा कि इस तरह की घटना से वे काफी आहत हैं. वे भी राजनीति से ताल्लुक रखते हैं और विरोध जताने के सभ्य तरीके भी हो सकते हैं. इससे पहले सुधींद्र कुलकर्णी ने कहा कि शाम साढ़े 5 बजे अपने निर्धारित समय से ही विमोचन कार्यक्रम होगा.

 

कालिख पोते जाने की निंदा

 

बीजेपी के नेता लाल कृष्ण आडवाणी ने सुधींद्र कुलकर्णी पर कालिख पोते जाने की निंदा की. आडवाणी ने कहा कि कहा लोकतंत्र में सहनशीलता की रक्षा होनी चाहिए.

 

सुधींद्र कुलकर्णी पर कालिख पोते जाने की घटना का कांग्रेस ने विरोध किया है. पार्टी महासचिव दिग्विजय सिंह ने कहा कि अपने गुंडों को नियंत्रण में रखें उद्धव ठाकरे.

 

आम आदमी पार्टी ने भी सुधींद्र कुलकर्णी पर कालिख पोते जाने की घटना की निंदा की. आप नेता आशुतोष ने कहा कि जो विचारधारा किताब और संगीत से डरे वो विचारधारा कायर है.

 

कौन हैं सुधींद्र कुलकर्णी?

 

आईआईटी बॉम्बे से पढ़ाई करने वाले सुधींद्र कुलकर्णी बीजेपी के पूर्व नेता हैं. आडवाणी के करीबी रहे कुलकर्णी  अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में पीएमओ में OSD थे.

 

पेशे से पत्रकार सुधींद्र कुलकर्णी अटल बिहारी वाजपेयी का भाषण भी लिखा करते थे.

 

कम्युनिस्ट पार्टी से राजनीति की शुरुआत करने वाले सुधींद्र कुलकर्णी ने साल 1996 में बीजेपी ज्वाइन कर लिया.

 

सुधींद्र कुलकर्णी साप्ताहिक मैगजीन Blitz के एग्जिक्यूटिव एडिटर रहे और फिर मैगजीन को लेफ्ट से राइट की विचारधारा की ओर मोड़ दिया.

 

साल 2004 में बीजेपी के इंडिया शाइनिंग कैंपेन से जुड़े रहे. लेकिन उस समय अटल बिहारी वाजपेयी सरकार को हार का सामना करना पड़ा.

 

साल 2009 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी की हार के बाद उन्होंने पार्टी से इस्तीफा दे दिया.

 

साल 2008 के कैश फोर वोट स्कैंडल के स्टिंग ऑपरेशन में कुलकर्णी का भी नाम उछला. उन्हें जेल जाना पड़ा और फिर बेल पर रिहा किए गए.

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