बीफ बैन के खिलाफ छपे बयान को किरेन रिजिजू ने नकारा

By: | Last Updated: Wednesday, 27 May 2015 2:02 AM
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नई दिल्ली: अपने बयान पर उठे विवाद के बाद गृह राज्यमंत्री किरेन रिजिजू ने बीफ खाने वाले बयान से पल्ला झाड़ लिया है. रिजिजू ने कहा कि उनके बयान को तोड़ मरोड़ कर पेश किया गया है.

 

आज अखबार में खबर छपी थी कि रिजिजू ने कहा है कि वो बीफ खाते हैं. रिजिजू के बयान को लेकर बीजेपी के अंदर से विरोध की आवाज उठी थी.

 

सांसद आदित्यनाथ और साक्षी महाराज ने रिजिजू के बीफ खाने के बयान पर सवाल उठाये हैं. रिजिजू ने सफाई में कहा है कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया है. रिजिजू ने कहा है कि बहुसंख्यक लोगों की भावना का ख्याल रखा जाना चाहिए.

 

पहले क्या कहा था-

गौमांस खाने वालों को पाकिस्तान जाने की नसीहत देने वाले केंद्रीय मंत्री नकवी के बयान पर गृह राज्य मंत्री किरेन रिजिजू भड़क गए. रिजिजू ने कहा, “मैं बीफ खाता हूं, मुझे कोई रोक सकता है?”

 

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक किरेन रिजिजू का ये बयान केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी के उस बयान का जवाब है जिसमें उन्होंने गौमांस खाने वाले को पाकिस्तान जाने को कहा था.

 

गौमांस खाने वालों को पाकिस्तान जाने की नसीहत देने के बयान से सरकार सहमत नहीं है. वित्त मंत्री अरुण जेटली कह चुके हैं कि ये सरकार का रुख नहीं है और मुख्तार अब्बास नकवी का यह निजी बयान है.

 

रिजिजू के मुताबिक उनके सहकर्मी नकवी का बयान ‘बिना किसी आधार’ का था.

 

रिजिजू ने कहा, ”मैं अरुणाचल प्रदेश से हूं, और मैं बीफ खाता हूं, क्या कोई मुझे रोक सकता है? इसलिए हमें किसी की आदतों के बारे में नहीं बोलना चाहिए.”

 

रिजिजू के मुताबिक, ”हम एक लोकतांत्रिक देश में रहते हैं, कभी-कभी कुछ ऐसे बयान दिए जाते हैं जिनका कोई आधार नहीं होता. अगर कोई मीज़ो ईसाई कहता है कि यह धरती जीसस की है, तो पंजाब या हरियाणा में रहने वाले किसी व्यक्ति को दिक्कत क्यों होगी? हम हर जगह और हर किसी की भावनाओं का सम्मान करते हैं.”

 

रिजिजू ने आगे कहा, ”अगर महाराष्ट्र, गुजरात और मध्य प्रदेश में हिंदू मेजोरिटी है और अगर वो हिंदू विश्वास को मानने वाले कानून बनाते हैं तो उन्हें बनाने दो. लेकिन जिन राज्यों में हम मेजोरिटी में हैं, जहां हम रहते हैं तो हमें वो करने दीजिये जो हम चाहते हैं. इसलिए किसी को इस बात से परेशानी नहीं होनी चाहिए कि हम किस तरह रहते हैं और क्या खाते हैं?”

 

रिजिजू के अनुसार, ”यह देश अलग-अलग तरह के लोगों का है जहां कई धर्म, जाति एक साथ रहते हैं, हमें एक-दूसरे की आदतों का सम्मान करना चाहिए. किसी को भी दूसरे व्यक्ति पर अपनी भावनाओं और आदतों का दवाब नहीं डालना चाहिए. इसलिए अगर कोई अपनी आदतें, भावनाएं किसी दूसरे समुदाय पर थोपने की कोशिश कर रहा है तो यह किसी भी तरह अच्छी बात नहीं है. ”

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