पीएम ने 'शल्य' के जरिए विरोधियों पर किया था हमला, जानें कौन थे वो?

पीएम ने 'शल्य' के जरिए विरोधियों पर किया था हमला, जानें कौन थे वो?

पीएम के मुताबिक जिस तरह शल्य ने युद्ध के दौरान कर्ण का सारथी होने के बावजूद उन्हें हतोत्साहित किया था, वही काम आज आर्थिक मोर्चे पर उनके सियासी विरोधी कर रहे हैं और इकोनॉमी को लेकर लोगों को निराश कर रहे हैं.

By: | Updated: 05 Oct 2017 06:22 PM

नई दिल्लीः पीएम नरेंद्र मोदी कहते हैं कि वह रेवड़ियां नहीं बांटते क्योंकि वे स्वार्थ की राजनीति नहीं करते हैं. वह न्यू इंडिया की बात करते हैं लेकिन अर्थव्यवस्था में मंदी की आहट से उनके सपने पर सवाल खड़े हो रहे हैं. पीएम मोदी विपक्ष के निशाने पर तो हैं ही, खुद उनकी पार्टी के भीतर से आवाज उठ रही है. कल उन्होंने निंदा करने वालों को शल्य नाम से पुकारा. शल्य महाभारत का वो किरदार है जो बदनाम हुआ क्योंकि वो लड़ने वालों को हतोत्साहित करता था. आज अर्थव्यवस्था के महाभारत में यशवंत सिन्हा खुद को भीष्म बता रहे हैं. कुल मिलाकर बात ये है कि पीएम मोदी का नया भारत महाभारत के किरदारों में फंस गया है.


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कल कहा था कि देश में कुछ लोग शल्य की तरह लोगों में निराशा भर रहे हैं. हालांकि पहली नजर में प्रधानमंत्री ने कुछ गलत नहीं कहा. वास्तव में युद्धभूमि में कर्ण को उस वक्त हतोत्साहित किया गया था जब वो अपने जीवन की सबसे खतरनाक लड़ाई लड़ रहा था. पीएम के मुताबिक जिस तरह शल्य ने युद्ध के दौरान कर्ण का सारथी होने के बावजूद उन्हें हतोत्साहित किया था, वही काम आज आर्थिक मोर्चे पर उनके सियासी विरोधी कर रहे हैं और इकोनॉमी को लेकर लोगों को निराश कर रहे हैं.


हालांकि जिन विरोधियों को कल पीएम मोदी ने शल्य बताया था उनकी असली कहानी जाने बगैर अर्थव्यवस्था की महाभारत में किसी को शल्य करार देना सही नहीं होगा. महाभारत काल में शल्य रिश्ते में पांडवों के मामा थे लेकिन महाभारत के युद्ध में वो अपने ही भांजों के खिलाफ लड़े. कौरवों के सेनापति कर्ण के सारथी के तौर पर युद्धभूमि में शल्य उतरे थे.


कौन थे कर्ण को हतोत्साहित करने वाले शल्य
पांडवों के मामा शल्य महाबलशाली होने के साथ साथ भगवान श्री कृष्ण के टक्कर के सारथी भी थे. यही वजह है कि जब कर्ण अर्जुन से मुकाबले के लिए जाने लगे तो उन्होंने अपने सारथी के तौर पर शल्य को ही चुना था लेकिन शल्य तो दिल से पांडवों की जीत चाहते थे और यही वजह है कि उन्होंने कर्ण को अर्जुन के सामने हतोत्साहित किया था.


महाभारत के युद्ध में पांडवों की तरफ से लड़ने के लिए शल्य जब अपनी सेना के साथ आगे बढ़े तो पूरे रास्ते में दुर्योधन ने उनका स्वागत सत्कार किया था. शल्य को जब इसकी जानकारी मिली तो वो इस धर्मसंकट में फंस गये कि जिस दुर्योधन का नमक खाया है, उसी के खिलाफ अब कैसे लड़ें? नमक का हक अदा करते हुए शल्य लड़े तो कौरवों के साथ लेकिन दिल से वो पांडवों के साथ थे.


मौजूदा सियासी महाभारत में पीएम मोदी ने शल्य का जिक्र निराशावादी लोगों के तौर पर किया. ऐसा इसलिए क्योंकि पौराणिक कथाओं में इस बात का जिक्र है कि महाभारत के युद्ध में शल्य ने कौरवों की तरफ से लड़ने के बावजूद भी पांडवों की जीत की बातें की जिससे कर्ण जैसा महान धनुर्धारी भी हतोत्साहित हो गया.


बीजेपी के लिए चिंताजनक बात ये है कि विरोधियों के साथ उनके अपने दिग्गज नेता भी आर्थिक मोर्चे पर सरकार को नाकाम बताने में जुटे हैं. जाहिर तौर पर प्रधानमंत्री ने इन्हीं आलोचनाओं से परेशान होकर बिना किसी व्यक्ति विशेष का नाम लिए अपने विरोधियों को शल्य जैसा निराशावादी बता दिया. लेकिन जब आपको पता चल चुका है कि शल्य ने युद्धभूमि में कर्ण को क्यों हतोत्साहित किया था, तो निश्चित तौर पर आपका नजरिया कुछ तो बदल जाएगा.


पीएम मोदी को यशवंत सिन्हा का जवाब, कहा- शल्य नहीं भीष्म हूं, अर्थव्यवस्था का चीरहरण नहीं होने दूंगा

पीएम मोदी के आर्थिक विश्लेषण को येचुरी ने बताया 'जुमलानोमिक्स'

पीएम नरेंद्र मोदी ने अर्थव्यवस्था के आलोचकों को दिया जवाबः देश में मंदी का माहौल नहीं

आर्थिक सुधारों की प्र​क्रिया अधूरी, नई सोच की जरूरत: मनमोहन सिंह

PM मोदी ने अर्थव्यवस्था के आलोचकों को दिया जवाब, ग्राफिक्स के जरिए जानें भाषण की बड़ी बातें

फटाफट ख़बरों के लिए हमे फॉलो करें फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर और डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App
Web Title:
Read all latest India News headlines in Hindi. Also don’t miss today’s Hindi News.

First Published:
Next Story आडवाणी के पूर्व सहयोगी सुधींद्र कुलकर्णी ने राहुल गांधी के पीएम बनने की भविष्यवाणी की