फिल्मी अंदाज में लाल दुपट्टा बांध आतंकवादियों ने दिया था सिग्नल

By: | Last Updated: Thursday, 10 September 2015 4:52 AM
lashkar terrorist use red dupatta for signal

नयी दिल्ली : पाकिस्तान से आये लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादियों ने आपसी संदेशों का जो जरिया अपनाया था वह काफी फिल्मी है. जानकारी के अनुसार अपनी आने की सूचना देने के लिए आतंकियों ने पेड़ पर लाल दुपट्टा बांधा था. यही नहीं उन्होंने हरे दुपट्टे का इंतजार भी किया जो भारत में उनके साथियों के उन्हें लेने के लिए पहुंचने का संकेत था.

 

लश्कर के कथित सदस्य शौकत अहमद भट से पूछताछ के दौरान नये कूट संकेत का पता चला. भट ने पूछताछ के दौरान आतंकवादी संगठन में अपनी संलिप्तता के बारे में और लश्कर-ए-तैयबा के दक्षिण कश्मीर के कमांडर अबू कासिम के साथ जुड़े होने के बारे में बताया.

 

36 वर्षीय भट का पॉलीग्राफ परीक्षण किया गया. उसने जांच अधिकारियों को बताया कि जीपीएस पर दिखाई देने वाले बाबा ऋषी जंगलों में एक पेड़ पर लाल दुपट्टा बांधना आतंकवादियों के आने की सूचना देने का कोड था.

 

भट को पांच अगस्त को बीएसएफ के काफिले पर हमले के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था जिसमें बल के दो जवान मारे गये थे. हमले में शामिल एक आतंकवादी मोहम्मद नोमान उर्फ मोमिन को मार दिया गया, वहीं मोहम्मद नावेद याकूब को स्थानीय लोगों ने पकड़ लिया और पुलिस को सौंप दिया.

 

खबरों के अनुसार भट ने जांचकर्ताओं को बताया कि उसे उसी पेड़ पर हरा दुपट्टा बांधना था जो आतंकवादियों को इस बात का संकेत था कि उन्हें ले जाने वाला दल आ गया है.

सूत्रों ने कहा कि नावेद, मोमिन, अबू ओकासा और झारघाम उर्फ मोहम्मद भाई को लेने आने में भट को देरी हो गयी और चारों आतंकवादी दो दिन तक बाबा ऋषी के जंगलों में घूमते रहे, उसके बाद उन्हें भट के आने का संकेत मिला.

 

भट ने उन दो घटनाओं के बारे में भी बताया जब पुलिस और सेना उसे गिरफ्तार करने ही वाली थी, जिस समय वह चारों आतंकवादियों को उत्तर से दक्षिण कश्मीर ले जा रहा था. सूचना एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को मिल गयी जिन्होंने कई जगह अवरोधक लगवा दिये. भट के मुताबिक जब उसे घर से फोन आया कि एक पुलिस दल ने छापा मारा है तो उसने रास्ता बदल लिया.

 

दूसरी बार भट तब बाल-बाल बचा जब वह चारों को लेकर वायुन के जंगलों में आया और तभी उसे पता चला कि सेना पहले ही उनके ठिकाने का पता कर चुकी है. मोहम्मद नावेद याकूब से पूछताछ के दौरान नाम सामने आने के बाद भट को गिरफ्तार किया गया था.

 

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नावेद के अलावा लश्कर समर्थक खुर्शीद अहमद ने भी एनआईए को भट के बारे में जानकारी दी थी. अहमद को कथित तौर पर दो बार श्रीनगर से आतंकवादियों को जम्मू पहुंचाने के मामले में एजेंसी ने गिरफ्तार किया था.

 

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जम्मू कश्मीर पुलिस ने पांच अगस्त को आतंकवादी हमले के तत्काल बाद भट को हिरासत में ले लिया था और उस पर मामले दर्ज किये. बाद में एक सितंबर को एनआईए ने उसे हिरासत में ले लिया.

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Web Title: lashkar terrorist use red dupatta for signal
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