लखनऊ मेट्रो का पहला चरण 2016 तक

By: | Last Updated: Saturday, 25 October 2014 1:42 PM
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साभार : इंजिनियर्स कॉर्नर.इन

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मेट्रो निर्माण के पहले चरण में ट्रांसपोर्ट नगर से चारबाग तक वर्ष 2016 तक मेट्रो रूट निर्माण का लक्ष्य रखा गया है. इसके तहत मेट्रो रेल रूट का काम 28 अक्टूबर से शुरू होगा. ट्रांसपोर्ट नगर से चारबाग तक निर्माण कार्य को तीन चरणों में बांटा गया है.

 

लखनऊ मेट्रो रेल कार्पोरेशन (एलएमआरसी) के निदेशक इन्फ्रास्ट्रक्चर एंड वर्क्‍स दलजीत सिंह ने बताया कि नार्थ साउथ कोरिडोर के पहले चरण में ट्रांसपोर्ट नगर से चारबाग तक वर्ष 2016 तक मेट्रो रूट निर्माण का लक्ष्य रखा गया है. स्टार्टिग प्वाइंट से 900 मीटर तक आठ लेन सड़क है. डिवाइडर पर पाइल का काम 28 अक्टूबर से शुरू होगा. आठ लेन में से लगभग नौ मीटर रोड की बेरिकेडिंग की गई है.

 

वाया डक्ट पिलर के लिए सिर्फ 2.25 मीटर स्थान की ही जरूरत होगी. 28.6 मीटर चौड़ी सड़क के बीच वाया डक्ट पिलर का निर्माण होगा. निर्माण कार्य के दौरान बीच डिवाइडर के दोनों ओर पांच पांच मीटर क्षेत्र की बेरिकेडिंग की जाएगी.

 

वहीं सुरक्षा को लेकर आवश्यक इंतजाम किए जाएंगे. अवैध अस्पताल तक आठ लेन सड़क होने से यातायात में किसी प्रकार की समस्या नहीं आएगी. इसके लिए गत दिनों एलएमआरसी अधिकारियों ने संबंधित विभागों से बातचीत की थी. इस दौरान इस बात पर सहमति बनी कि आलमबाग बस स्टेशन जाने वाली रोडवेज बसों को अमर शहीद पथ से मोड़कर जेल रोड अंबेडकर विविद्यालय से होते हुए स्टेशन जाना होगा. इसके कानपुर रोड पर दबाव कम होगा.

 

261 पिलर पर दौड़ेगी मेट्रो :

 

अमौसी से चारबाग तक 261 पिलर पर मेट्रो दौड़ेगी. हालांकि अमौसी से ट्रांसपोर्ट नगर तक दूसरे चरण में काम होगा. ट्रांसपोर्ट नगर से कृष्णा नगर स्टेशन तक 68 पिलर बनेंगे. वहीं कृष्णा नगर से सिंगार नगर तक 45, आलमबाग से आलमबाग बस स्टेशन तक 21, मवैया तक 20, दुर्गापूरी स्टेशन तक 36 पिलर बनेंगे. इसके बीच में मवैया रेलवे पुल के ऊपर स्पेशल स्पैन बनाया जाएगा.

 

पूरी तरह से स्टील से बनने वाले इस पुल के लिए सिस्ट्रा डिजाइनिंग कर रहा है. यह स्पैन लगभग 105 मीटर का होगा. इसके बाद चारबाग स्टेशन तक 24 पिलर बनेंगे. अवध अस्पताल चौराहा काफी बड़ा होने से मेट्रो रूट में दिक्कत आ सकती है. इसके लिए चैराहा छोटा किया जाएगा, लेकिन यहां लगी प्रतिमा से कोई छेड़छाड़ नहीं की जाएगी. नहरिया स्थित इस चैराहे की गोलाई को कम करके कोरिडोर का निर्माण हो सकेगा.

 

रूट निर्माण तक नो पार्किंग जोन :

 

मेट्रो निदेशक कुमार केशव ने बताया कि यहां से ट्रैफिक की समस्या परियोजना को प्रभावित कर सकती है. यहां दोनों ओर बाजार होने से बड़ी संख्या में वाहन सड़क तक खड़े रहते हैं. इसके लिए पूरे इलाके को नो पार्किंग जोन घोषित किया जाएगा.

 

इसके अलावा व्यापारियों और प्रशासन से बातचीत करके पार्किंग की जगह तय की जाएगी. लोगों को जागरूक किया जाएगा. साथ ही ट्रैफिक व्यवस्था के लिए ट्रैफिक पुलिस की भी मदद ली जाएगी.

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