महाराष्ट्र सरकार ने मदरसों को स्कूल मानने से किया इंकार

By: | Last Updated: Thursday, 2 July 2015 11:35 AM
madrassas are not schools

नई दिल्ली: महाराष्ट्र सरकार ने मदरसों को स्कूल मानने से इंकार किया. मदरसों में सिर्फ मुस्लिम बच्चे पढ़ते हैं और उनका पाठ्यक्रम भी स्कूलों के पाठ्यक्रम से अलग है. इसलिये मदरसों को स्कूल की श्रेणी में नहीं लिया जा सकता. ये बात महाराष्ट्र के अल्पसंख्यक मंत्री दिलीप कांबले ने कही है.

 

महाराष्ट्र सरकार के इस बयान पर सवाल उठ खड़े हुए हैं. महाराष्ट राज्य में करीब 2000 मदरसे हैं. जिसमें करीब 2 लाख बच्चे पढ़ते हैं. जिनकी पढ़ाई के पाठ्यक्रम पर महाराष्ट्र सरकार ने खड़े कर दिये हैं सवाल. और कहा है कि मदरसों को स्कूल नहीं माना जा सकता. महाराष्ट्र के अल्पसंख्यक मंत्री दिलीप कांबले ने कहा है कि मदरसो में सिर्फ मुस्लिम बच्चे पढ़ते हैं और उनकी पढ़ाई का पाठ्यक्रम भी आम स्कूलों से अलग होता है.

 

स्कूल के बाहर कितने बच्चे हैं, जो पढ़ाई नहीं करते, ये जानके लिए महाराष्ट्र सरकार 4 जुलाई को पूरे महाराष्ट्र में सर्वे करने वाली है. इस सर्वे के बाद इन बच्चों को शिक्षा कैसे दी जाए इस बारे में सरकार निर्णय लेगी.

                

महाराष्ट्र में 1895 मदरसे हैं उनमे दो लाख के आसपास विद्यार्थी शिक्षा लेते है. इस मुद्दे पर विपक्ष के कांग्रेस नेता विखे पाटिल का कहना है कि बीजेपी सरकार की भूमिका मुस्लिमों के बारे में पहले से ही गलत रही है, मुस्लिम आरक्षण के बारे में भी सरकार कुछ नहीं कर रही है और मुस्लिम बच्चों को शिक्षा के मुख्य धारा में भी लाने के लिये कोई कदम नहीं उठा रही है. जिसका असर मुस्लिम छात्रों के भविष्य पर होगा. एनसीपी नेता नवाब मलिक ने भी महाराष्ट्र सरकार के इस फैसले का विरोध किया है और कहा कि ये सरकार मुसलमान विरोधी है और मदरसे पर लिया गया उनका ये फैसला गलत है.

 

महाराष्ट्र सरकार के फैसले पर MIM के अध्यक्ष असदुदीन ओवैसी ने आपत्ति जताई हैमुस्लिम धर्मगुरु भी महाराष्ट्र सरकार के फैसले का विरोध कर रहे हैं. खालिद रशीद फिरंगी महली ने कहा है कि मदरसे हमारी परंपरा का हिस्सा है और इससे समाज को लाभ होता है.

 

India News से जुड़े हर समाचार के लिए हमे फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर फॉलो करें साथ ही हमारा Hindi News App डाउनलोड करें
Web Title: madrassas are not schools
Explore Hindi News from politics, Bollywood, sports, education, trending, crime, business, साथ ही साथ और भी दिलचस्प हिंदी समाचार
First Published:

Get the Latest Coupons and Promo codes for 2017