महाराष्ट्र चुनाव: सिंधुदुर्ग में नारायण राणे, उनके बेटे की किस्मत दांव पर

By: | Last Updated: Tuesday, 7 October 2014 12:23 PM

कंकावली: महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग जिले में अपने घरेलू मैदान में शिवसेना के फिर से उठ खड़े होने से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नारायण राणे के लिए मुश्किलें तेज हो गयी हैं. इसी जिले से वह अपने बेटे नितेश के साथ विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं.

 

राणे के बड़े बेटे निलेश इस साल मई में कोंकण की रत्नागिरि-सिंधुदुर्ग सीट से लोकसभा चुनाव हार गए थे तथा उनके निकट सहयोगी गणपत कदम, सुभाष बाने, राजन तेली और रविंद्र पाठक उनका साथ छोड़कर शिवसेना अथवा भाजपा में चले गए.

 

राणे के साथ मतभेद की वजह से राज्य के पूर्व शहरी विकास मंत्री और राकांपा विधायक उदय सामंत शिवसेना में चले गए. रत्नागिरि सीट से शिवसेना ने सामंत को उम्मीदवार बनाया है.

 

राणे एक बार फिर सिंधुदुर्ग जिले में कुदाल सीट से चुनाव में भाग्य आजमा रहे हैं. मुख्यमंत्री बनने की उनकी महत्वकांक्षा भी किसी से छिपी नहीं है. इस जिले में कंकावली और सावंतवाड़ी सीट भी है.

 

राणे के छोटे बेटे नितेश कंकावली से चुनावी मैदान में हैं. वह एक एनजीओ स्वाभिमान चलाते हैं तथा कांग्रेस के प्राथमिक सदस्य नहीं हैं. स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच उनको लेकर नाराजगी है लेकिन उनके नामांकन के खिलाफ किसी ने खुला विरोध नहीं किया.

 

विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस की प्रचार कमेटी के प्रमुख राणे की प्रतिष्ठा इस चुनाव में दांव पर लगी हुयी है.

 

कुदाल से शिवसेना के उम्मीदवार वैभव नाइक को 2009 में राणे के खिलाफ चुनाव में कामयाबी नहीं मिली थी. पर, उनका कहना है कि अंतिम विधानसभा चुनाव के बाद से चीजें बदल गयी है. नाइक ने कहा, ‘‘कुदाल के लोग आश्वस्त हैं कि राणे को हराया जा सकता है. 2014 के लोकसभा चुनाव में शिवसेना को कुदाल विधानसभा सीट पर 22,000 वोटों की बढ़त मिली.’’

 

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘राणे के कई समर्थक उनका साथ छोड़कर चले गए. लोगों को यह भी लगता है कुछ महीने पहले राणे ने सरकार से इस्तीफा निजी हितों के कारण दिया, सिंधुदुर्ग के विकास के लिए नहीं.’’

 

 राणे के बेटे नितेश के सामने हैं भाजपा विधायक प्रमोद जठार जो 2009 में वहां से महज 34 वोटों के अंतर से जीते थे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 अक्तूबर को कंकावली में एक रैली को संबोधित करेंगे.

 

बहरहाल, नितेश पदयात्रा और नुक्कड़ों पर बैठक की बजाए घर-घर जाकर अपना अभियान चला रहे हैं. अपने क्षेत्र के मुद्दों को जानने और समर्थन के लिए वह स्थानीय लोगों के घर जा रहे हैं.

India News से जुड़े हर समाचार के लिए हमे फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर फॉलो करें साथ ही हमारा Hindi News App डाउनलोड करें
Web Title: maharashtra-narayan-rane
Explore Hindi News from politics, Bollywood, sports, education, trending, crime, business, साथ ही साथ और भी दिलचस्प हिंदी समाचार
और जाने: ABP ele 2014 Maharashtra narayan rane
First Published:

Get the Latest Coupons and Promo codes for 2017