महाराष्ट्र : नवंबर में 120 किसानों ने की आत्महत्या

By: | Last Updated: Monday, 1 December 2014 4:35 PM

नागपुर : महाराष्ट्र के विदर्भ और मराठवाड़ा क्षेत्र में नवंबर महीने में कर्ज से दबे 120 किसानों द्वारा आत्महत्या के मामले सामने आए हैं. एक सामाजिक कार्यकर्ता ने सोमवार को यह खुलासा किया. विदर्भ जन आंदोलन समिति (वीजेएएस) के अध्यक्ष और सामाजिक कार्यकर्ता किशोर तिवारी ने बताया, “मराठवाड़ा में जहां 65 किसानों ने जान दी, वहीं विदर्भ में 55 किसानों ने आत्महत्या कर ली.”

 

तिवारी ने दावा किया कि आंकड़ों के मुताबिक बीते 24 घंटों के अंदर ही 20 से ज्यादा किसानों ने आत्महत्या की है.

 

उन्होंने कहा कि मौजूदा कृषि संकट ने किसानों को इतना बदहाल कर दिया है कि प्रतिदिन औसतन चार किसान आत्महत्या जैसा कदम उठा रहे हैं.

 

तिवारी ने कहा कि वीजेएएस का एक प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को नई दिल्ली जाएगा और प्रधानमंत्री से मिलकर उन्हें यहां के किसानों की दयनीय स्थिति से अवगत कराने की कोशिश करेगा.

 

उन्होंने बताया कि आत्महत्या के ज्यादातर मामले कपास और सोयाबीन की खेती करने वाले किसानों के हैं, वहीं नकदी फसलों और फलों की खेती करने वाले किसानों ने भी सूखे की मार से बदहाल होने के बाद आत्महत्या की है.

 

तिवारी ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस द्वारा पिछले सप्ताह दिए गए बयान के हवाले से कहा, “हमने सूखे के कारण हुए 60,000 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया है, लेकिन राज्य सरकार ने केंद्र से मात्र 4,000 करोड़ की राहत मांगी है. इतने में नुकसान की भरपाई कैसे हो पाएगी?”

 

वीजेएएस के सचिव मोहन जाधव ने कहा कि इस साल विदर्भ में 1,000 से ज्यादा किसान अब तक आत्महत्या कर चुके हैं, जबकि मराठवाड़ा में 1,200 किसान आत्महत्या कर चुके हैं.

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Web Title: maharashtra_farmer
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