गठबंधन पर शिवसेना नेता उद्धव ठाकरे का एलान, बीजेपी को नहीं दे सकते 135 सीटें

By: | Last Updated: Monday, 15 September 2014 5:11 AM
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नई दिल्ली: शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने यह साफ कर दिया है कि बीजेपी को 135 सीटें देना संभव नहीं है. उद्धव ठाकरे ने कहा है कि यह 25 साल पुराना गठबंधन है. यह नीति वरिष्ठ नेता अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी जी ने बनाई थी कि केंद्र में बीजेपी की सरकार रहे और राज्य में शिवसेना-बीजेपी की सरकार रहे. इस बात का हवाला देते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा है कि बीजेपी को 135 सीटें देना असंभव है.

 

अब गेंद बीजेपी के पाले में है. बीजेपी यह मांग करती आई है कि लोकसभा में जैसा प्रदर्शन पार्टी ने किया था उससे बीजेपी को 135 सीटें मिलनी चाहिए. जबकि उद्धव ठाकरे ने कहा है कि यह सुनहरा अवसर है कि दोनों पार्टियां मिलकर राज्य में कांग्रेस और एनसीपी की सरकार को उखाड़ फेंके.  ठाकरे का कहना है कि अगर हंसी खुशी यह लड़ाई लड़े तो यह गठबंधन कांग्रेस-एनसीपी को बाहर कर सकते हैं. अभी तकसीटों पर कोई बंटवारा नहीं है.

 

दूसरी तरफ आज बीजेपी महासचिव राजीव प्रताप रूडी आज मुंबई पहुंच रहे हैं. उनकी शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे से मुलाकात होनी है. दोनों मिलेंगे तो सीटों के तालमेल और सीएम के सवाल पर फैसला हो सकता है. हालांकि उद्धव और अमित शाह के बीच भी मुलाकात हो चुकी है. लेकिन इसका असर कुछ दिखा नहीं बल्कि अमित शाह ने महाराष्ट्र में चुनाव प्रचार शुरू करने की तारीख तय कर दी. 19 सितंबर को बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह विदर्भ में बीजेपी का प्रचार शुरू कर देंगे. सवाल ये है कि बिना गठबंधन की बातें तय हुआ, अकेले प्रचार शुरू करने का आखिर इशारा क्या है.

 

आपस में भिड़े चव्हाण और ठाकरे-

शनिवार को एक टीवी चैनल द्वारा आयोजित कार्यक्रम में भाग लेने के बाद चव्हाण ने कहा था कि सरकार चलाने के लिए उद्धव के पास अनुभव की कमी है क्योंकि वह 1995 में शिवसेना-बीजेपी सरकार का हिस्सा नहीं थे.

 

इस बात का जवाब देते हुए शिवसेना के मुखपत्र सामना में प्रकाशित एक संपादकीय में कहा गया, ‘‘चव्हाण कहते हैं कि उद्धव के पास कोई अनुभव नहीं है. जब वह (चव्हाण) मुख्यमंत्री बने थे तो उनके पास क्या अनुभव था ? क्योंकि उन्हें चुनाव में अपने लिए सुरक्षित सीट ढूंढ़ने में मुश्किल हो रही है, इसलिए उनकी मानसिक स्थिति आईसीयू में भर्ती किसी मरीज की तरह अस्थिर हो गई है.’’ संपादकीय में कहा गया कि क्या चव्हाण के पास ‘पराजित’ राहुल गांधी से यह पूछने का साहस है कि प्रधानमंत्री पद की आकांक्षा रखने के लिए उनके पास क्या अनुभव था.

 

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इसमें कहा गया कि जब राजीव गांधी विमान के कॉकपिट से प्रधानमंत्री पद की कुर्सी पर उतरे तो उनके पास कौन सा अनुभव प्रमाणपत्र था. चव्हाण मुख्यमंत्री पद की कुर्सी पर बैठे और इससे महाराष्ट्र को काई लाभ नहीं हुआ.

 

अकेले विकल्प तलाश रही है शिवसेना-

शिवसेना अकेले चुनाव लड़ने के लिए विकल्प तलाश कर रही है. सूत्रों के मुताबिक सीटों पर शिवसेना के अड़े रहने के चलते बीजेपी अपने उम्मीदवारों के नामों का एलान कर सकती है.

 

क्या है विवाद-

बीजेपी चाहती है कि महाराष्ट्र की 288 विधानसभा सीटों में दोनों पार्टियां 135-135 सीटों पर लड़ें. बाकी सीटें महागठबंधन के छोटे दलों की दी जाएं.

 

शिवसेना महाराष्ट्र विधानसभा की 169 सीटों पर लड़ना चाहती है. शिवसेना ने कहा है कि वो 150 से कम सीटों पर बिल्कुल नहीं लड़ेगी.  2009 में महाराष्ट्र में हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 119 और शिवसेना ने 169 सीटों पर चुनाव लड़ा था.

 

शिवसेना का पक्ष-

शिवसेना का कहना है कि लोकसभा चुनाव के वक्त ही तय हो गया था कि पीएम नरेंद्र मोदी होंगे और सीएम शिवसेना का होगा. महाराष्ट्र बीजेपी के नेता एकनाथ खड़से ने कहा-जिसकी सीटें ज्यादा आएंगी उसी का मुख्यमंत्री होगा.

 

शिवसेना से जुड़ीं नीलम गोरे ने कहा है कि गठबंधन को लेकर सामना में छपा संपादकीय प्यार से बताने की कोशिश है नहीं तो शिवसेना खुद समझ लेगी. शिवसेना की बैठक में बीजेपी की दावों वाली सीटों पर चर्चा हुई है. जल्द ही शिवसेना यहां से अपने उम्मीदवारों का नाम जारी कर सकती है.

 

बीजेपी नेता राजीव प्रताप रूडी ने कहा है कि सीटों का बंटवारा करीब-करीब तय हो चुका है. एक दो दिन में घोषणा संभव है.

 

15 अक्टुबर को हैं चुनाव-

आपको बता दें कि महाराष्ट्र में 15 अक्टूबर को विधानसभा चुनाव होने हैं और नतीजे 19 अक्टूबर को आएंगे. महाराष्ट्र में विधानसभा की कुल 288 सीटें हैं.

 

दो दिन पहले दिखाए ABP न्यूज-नीसलन के सर्वे में बीजेपी को 122 और शिवसेना को 82 सीट पर जीत मिलने का अनुमान है.

 

नारायण राणे ने ली चुटकी-

महाराष्ट्र में बीजेपी-शिवसेना के गठबंधन को लेकर तकरार पर कांग्रेस नेता नारायण राणे ने चुटकी लेते हुए कहा है कि मंडप तैयार होने से पहले ही सेहरा लेकर नेता खड़े हैं. नारायण राणे ने कहा है, “शादी का मंडप भी तैयार नहीं है और सेहरा लेकर खड़ा है. एक तो शिवसेना और बीजेपी की सत्ता नहीं आने वाली है इसलिये उद्धव ने मुख्यमंत्री पद के लिये अपना नाम सामने लाना सिर्फ प्रचार के लिये है. उनको मालूम है कि ये नहीं होने वाला है और उद्धव कभी भी सीएम नहीं बन पायेंगे ये मेरा विश्वास है.”

 

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के प्रचार की तैयारियों में बीजेपी जुट गई है. विदर्भ इलाके के लिए अमित शाह 19 सितंबर को प्रचार अभियान की शुरूआत करेंगे. बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के साथ साथ राज्य बीजेपी के अध्यक्ष देवेन्द्र फडनवीस भी अमरावती और गोंदिया में रैली करेंगे.

 

राज्य में हाल में हुए लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने कुल 48 सीटों में से 23 सीटें जीती थीं जबकि शिवसेना को 18 सीटें मिली थीं.

 

विधानसभा चुनाव में अभी तक सीटों के बंटवारे के फार्मूला के अनुसार शिवेसना को 169 सीटें और बीजेपी को 119 सीटें मिलती थीं.

 

बताया जा रहा है कि लोकसभा चुनाव में अपने अच्छे प्रदर्शन की मिसाल देकर वह कम से कम 15 और सीट चाह रही है जबकि शिवसेना संभवत: पुराने फार्मूले पर ही अड़ी है.