वी के सिंह को अप्रसन्नता जाहिर करने की बजाय पद छोड़ देना चाहिए: मनीष तिवारी

By: | Last Updated: Tuesday, 24 March 2015 6:33 AM
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नई दिल्ली: कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने आज केंद्रीय मंत्री वी के सिंह पर निशाना साधा और उनसे अप्रसन्नता जताने की बजाय पद छोड़ देने को कहा. गौरतलब है कि सिंह ने कल यहां आयोजित पाकिस्तान के राष्ट्रीय दिवस कार्यक्रम में सरकार का प्रतिनिधित्व किया था.

 

तिवारी ने कहा कि पूर्व में भी मंत्रियों ने पाकिस्तान के कार्यक्रमों में हिस्सा लेने से मना कर दिया था.

 

तिवारी ने अपने ट्वीट में कहा, ‘‘अगर श्रीमान हैशटैग ड्यूटी हैशटैग डिसगस्ट पाकिस्तान पर अपनी सरकार के दोहरे मानदंडों से इतने अप्रसन्न हैं तो उन्हें पद छोड़ देना चाहिए. अन्य मंत्रियों ने भी पहले पाकिस्तान के कार्यक्रमों में हिस्सा लेने से मना किया है.’’ पाकिस्तानी उच्चायोग में कल यहां पाकिस्तान के राष्ट्रीय दिवस कार्यक्रम में हिस्सा लेने के बाद सिंह ने कई ट्वीट किए थे जिसमें ‘अप्रसन्नता’ और ‘कर्तव्य’ को परिभाषित किया था और संकेत दिया था कि इस कार्यक्रम के लिए भेजे जाने से वह अप्रसन्न थे.

 

सिंह ने कार्यक्रम में हिस्सा लेने के बाद संवाददाताओं से कहा था कि उनसे सरकार ने कार्यक्रम में प्रतिनिधित्व करने को कहा था.

 

कांग्रेस नेता पी सी चाको ने पाकिस्तान और कश्मीर पर स्पष्ट नीति नहीं रखने के लिए सरकार की आलोचना की. उन्होंने कहा, ‘‘राज्यमंत्री वी के सिंह भीड़ में कल शर्मिंदगी महसूस कर रहे थे. यह दर्शाता है कि ऐसे मामलों में भारत सरकार की कोई नीति नहीं है. पाकिस्तान अपना राष्ट्रीय दिवस मना रहा है और वह वहां सभी भारत विरोधी लोगों को आमंत्रित कर रहा है, चाहे यह हुर्रियत (कान्फ्रेंस नेता हों) या कुछ अन्य समूह, यह सर्वाधिक दुर्भाग्यपूर्ण है. मैं जानता हूं कि वैसे लोग जो भारत के धुर विरोधी रख रखते हैं उन्हें आमंत्रित किया जा रहा है.’’

पाक दिवस के कार्यक्रम के बाद वीके सिंह ने ट्विटर पर निकाली भड़ास 

उन्होंने कहा, ‘‘ऐसे लोगों के बीच में भारत का मंत्री कैसे सहज महसूस कर सकता है. वी के सिंह बेहद साफ तौर पर कहते हुए निकले कि बाध्यता की वजह से सरकार की ओर से उन्हें जो निर्देश मिला था उसकी वजह से.’’ उन्होंने कहा, ‘‘निस्संदेह जब पाकिस्तान के राष्ट्रीय दिवस के लिए न्योता है तो भारत सरकार को जवाब देना है लेकिन कोई राज्यमंत्री और वह भी एक पूर्व सैन्य जनरल इतनी मुश्किल में था, यह दर्शाता है कि सरकार की इस तरह के मामलों पर कोई स्पष्ट नीति नहीं है.’’ एनसीपी ने भी इस मुद्दे पर खुद को ‘हंसी का पात्र’ बनाने के लिए सरकार की आलोचना की.

 

एनसीपी नेता मजीद मेमन ने कहा, ‘‘जो लोग वहां मौजूद थे, वे ऐसे लोग थे जिनकी भारत की जनता में कोई दिलचस्पी नहीं है. अगर कोई न्योता था या कोई प्रोटोकॉल था तो उसे विनम्रतापूर्वक ठुकराया जा सकता था.’’ मेमन ने कहा, ‘‘लेकिन कोई केंद्रीय मंत्री वहां जा रहा है और मीडिया हंसी का पात्र बना रही है, यह हमारे लिए गहरे खेद का विषय है.’’

 

जेडीयू नेता केसी त्यागी ने कहा कि कार्यक्रम में हिस्सा लेने के बाद सिंह द्वारा दिया गया बयान गैर जरूरी था क्योंकि जम्मू कश्मीर में बीजेपी-पीडीपी सरकार का न्यूनतम साझा कार्यक्रम अलगाववादियों के साथ वार्ता की बात करता है. त्यागी ने कहा, ‘‘वी के सिंह गलत बयान दे रहे हैं. जम्मू कश्मीर सरकार का न्यूनतम साझा कार्यक्रम कहता है कि हुर्रियत (कान्फ्रेंस) और पाकिस्तान के साथ वार्ता होनी चाहिए.’’ बीजेपी के वरिष्ठ नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी ने सिंह पर बयान के लिए तिवारी की आलोचना की.

 

स्वामी ने अपने ट्वीट में कहा, ‘‘क्यों मीडिया और कांग्रेस के लोग चाहते हैं कि जनरल सिंह मंत्री पद से इस्तीफा दे दें. सिर्फ इसलिए कि वह कांग्रेसी सरीसृपों की तरह बिना सोच-विचार के समर्थन करने वाले जी हुजूर नहीं है.’’

 

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