शरद यादव ने यह नहीं कहा कि मैं प्रधानमंत्री पद के लिए योग्यता नहीं रखता: मांझी

By: | Last Updated: Monday, 1 December 2014 3:17 PM

पटना: जदयू अध्यक्ष शरद यादव द्वारा कथित तौर पर बिहार के मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी की सादी पृष्ठभूमि की ओर इशारा करने और प्रधानमंत्री बनने के लिए उन्हें योग्य ना मानने की बात कहने पर मांझी ने आज कहा कि उन्हें विश्वास नहीं है कि यादव ने सच में प्रधानमंत्री के पद के लिए उनके पास योग्यता ना होने से जुड़ी टिप्पिणयां की हैं.

 

मांझी ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘उन्होंने (शरद यादव) मांझी जैसी कुछ वंचित जातियों की सामाजिक स्थिति के बारे में सही बात कही जिससे मैं आता हूं.’’ उन्होंने हालांकि कहा कि उन्हें विश्वास नहीं है कि यादव ने उनकी शैक्षिक योग्यता पर सवाल उठाए या उन्हें चतुर नहीं माना.

 

मांझी ने ‘जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम’ से निकलते हुए कहा, ‘‘मुझे यकीन है कि शरदजी ने ऐसा नहीं कहा होगा..मीडिया ने जरूर उनके बयान को तोड़ा मरोड़ा होगा..’’ मांझी ने कहा कि वह सात दिसंबर को मुख्यमंत्रियों के एक सम्मेलन में शामिल होने के लिए दिल्ली जाएंगे और इस दौरान इस मुद्दे पर यादव से बात करेंगे.

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सच है कि अब भी उनकी खुद की मांझी जाति समेत बहुत सारी वंचित जातियां दुखद जीवन जी रही हैं.

 

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे स्कूल भेजने पर मेरे माता पिता को पीटा गया इसके बावजूद मैं 1966 में स्नातक बनने में सफल रहा.’’ मांझी ने कहा कि हालांकि उन्होंने कभी भी मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री बनने का सपना नहीं देखा, ‘‘ऐसा नहीं है कि मैं प्रधानमंत्री पद के लिए योग्य नहीं हूं.’’ उन्होंने पूछा, ‘‘प्रधानमंत्री पद के लिए क्या योग्यता चाहिए जो मांझी के पास नहीं है.’’ मांझी ने कहा, ‘‘ठोकर खाते खाते सीएम बन गए अगर और ठोकर मारे तो पीएम भी बन जाएंगे.’’ उन्होंने एक बार फिर साफ किया कि उनकी अपने पूर्ववर्ती नीतीश कुमार से कोई प्रतिद्वंद्विता नहीं है और इस ‘गलत चित्रण’ के लिए मीडिया दोषी है.

 

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘मैंने ‘नीतीशजी से बड़ी लकीर खींचेंगे’ का जो दावा किया था, आजकल मीडिया उसपर विवाद पैदा कर रही है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘मेरा यह मतलब था कि महादलितों के लिए भूमि आवंटन तीन डिसिमल से बढ़ाकर पांच डिसिमल कर और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लिए निशुल्क शिक्षा बढ़ाकर विश्वविद्यालय स्तर तक कर मैंने समाज के समाजिक रूप से वंचित वर्गों के लिए नीतीश कुमार द्वारा बनाया गया रोडमैप हाथ में लिया है.’’ मांझी ने नीतीश को पार्टी का सर्वोच्च नेता बताया जिनके नेतृत्व में जदयू अगले साल विधानसभा चुनाव लड़ेगी.

 

गांधी मैदान के पास दशहरे के दिन हुई भगदड़ के लिए दोषी पाए गए अधिकारियों के खिलाफ सरकार द्वारा शुरू की गयी किसी तरह की कार्रवाई को लेकर सवाल पूछने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इसे लेकर ‘प्रक्रिया जारी है.’ भगदड़ की वजह से 33 लोग मारे गए थे.

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Web Title: manjhi
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