मांझी ने कहा- अभी भी कमरे में लगा रखी है नीतीश की तस्वीर

By: | Last Updated: Saturday, 21 February 2015 1:05 PM

पटना: मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद जीतन रात मांझी ने आज कहा कि उन्होंने नीतीश कुमार की ‘‘पीठ में छुरा नहीं मारा’’ लेकिन कुमार ने जरूर उन्हें ‘‘कमीशनखोर बिचौलियों’’ के प्रभाव में आकर समय से पहले हटा दिया.

 

कल राजभवन में चौथी बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले नीतीश को बधाई देते हुए किसी समय उनके विश्वासपात्र रहे मांझी ने कहा कि वह भी शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लेंगे.

 

मांझी ने मीडिया से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के अपने फैसले को सही बताते हुए कहा, ‘‘मैंने नीतीश जी के खिलाफ बागी तेवर तभी अपनाए जब मुझे लगा कि उनकी (नीतीश की) मंशा गरीब एवं दबे कुचले लोगों के लिए सिर्फ नारे देने की है.’’

 

उन्होंने कहा, ‘‘नीतीश जी की फोटो अभी भी मेरे कमरे में लगी हुई है. वह हमें वंचित एवं गरीबों की समस्याओं के लिए अभियान छेड़ने की याद दिलाती है. लेकिन मेरे मन में उनके लिए अब आदरभाव तभी उत्पन्न होगा जब वे गरीबों एवं दबे-कुचलों के लिए बने एजेंडों को मूर्त रूप देंगे.’’ अनुसूचित जाति एवं जनजाति, पांच एकड़ तक भूमि रखने वाले किसानों को सिंचाई के लिए बिजली मुफ्त देने, साइकिल और पोशाक योजना का लाभ पाने के लिए छात्र-छात्राओं के लिए 75 प्रतिशत अनिवार्य उपस्थिति को कम करने सहित मांझी ने अपने कार्यकाल में लिए गए अन्य फैसलों का उल्लेख करते हुए कहा, ‘‘यदि नीतीश जी मेरे द्वारा गरीबों एवं दबे कुचलों के लिए तय किए गए एजेंडों को पूरा करते हैं तो मैं उनका धन्यवाद करूंगा. ऐसा नहीं होने पर उन्हें बेनकाब करने के लिए जनता के बीच जाउंगा.’’

 

मांझी ने समय के गतिमान रहने को साश्वत सत्य बताते हुए कहा, ‘‘कल मेरे पास पहनने के कपड़े नहीं थे लेकिन आज भरपूर कपड़ा है, आने वाले दिनों में हालात कुछ और होंगे. परिवर्तन होते रहते हैं. नदी की धारा बदलती रहती है.’’

 

यह पूछने पर कि नीतीश ने उन्हें अपना उत्तराधिकारी चुना और उन्होंने उनकी पीठ में छुरा मार दिया, जीतन राम मांझी ने इससे इनकार करते हुए कहा, ‘‘गरीब खुद मार खाता है वह दूसरों की पीठ में छुरा क्या मारेगा.’’ बीजेपी में शामिल होने की बात से इनकार करते हुए मांझी ने गरीबों के लिए काम करने वाली नयी पार्टी बनाने का संकेत जरूर दिया.

 

मांझी ने कहा, ‘‘मैं स्वतंत्र विचार वाला व्यक्ति हूं. मैं अपने तय मार्ग पर चलूंगा. मदद सिर्फ उन दलों से लूंगा जो मेरे विचारों से सहमत हों, फिर चाहे वह भाजपा हो या नीतीश कुमार.’’ उन्होंने आगे की रणनीति तय करने के लिए अपने कार्यकर्ताओं की बैठक आगामी 28 फरवरी को पटना में बुलायी है.

 

मांझी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी को उनका समर्थन करने के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने धार्मिक असहिष्णुता को लेकर बड़ी बात कही है जिससे लगता है कि वे बीजेपी का चरित्र बदल रहे हैं.

 

मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद तनावमुक्त दिख रहे मांझी के साथ उनके आवास पर आज जदयू के बागी विधायक राजीव रंजन एवं रविंद्र राय, निर्दलीय विधायक पवन जायसवाल, राजद प्रमुख लालू प्रसाद की पत्नी के भाई साधु यादव तथा जदयू के पूर्व बागी सांसद शिवानंद तिवारी उपस्थित थे.

 

मांझी ने कहा कि उन्होंने जिनके लिए आवाज उठायी वे रोष में हैं तथा कल वे विरोधस्वरूप भूख हड़ताल करेंगे. नीतीश कल ही मुख्यमंत्री पद का शपथ लेने वाले हैं.

 

मांझी से घर वापसी के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि भविष्य में क्या होगा वे नहीं जानते. उन्होंने राजद प्रमुख लालू प्रसाद पर उंगली उठाते हुए कहा कि जब हमें मुख्यमंत्री बनाया गया था तो वे इसकी यह कहते हुए तारीफ करते थे कि एक दलित और गरीब को उच्च पद पर आसीन किया गया है पर नीतीश के उन्हें हटाने के अभियान में वे कैसे शामिल हो गए. नीतीश की लालू के प्रति कटुता जगजाहिर है और ऐसे में इन दिनों दोनों के बीच मधुर संबंध अनुसंधान का विषय है.

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Web Title: manjhi
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