Manjhi_Bihar

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By: | Updated: 06 Feb 2015 05:46 AM

नई दिल्ली: दिल्ली का मुख्यमंत्री कौन बनेगा, इसका जवाब तो 10 फरवरी को मिलेगा लेकिन बिहार का मुख्यमंत्री कौन रहेगा, इसका जवाब कल मिल सकता है. सूत्र बता रहे हैं कि शनिवार को जीतन राम मांझी से मुख्यमंत्री की कुर्सी छीन ली जाएगी. शनिवार को जेडीयू विधायक की दल बैठक है जिसमें फिर से नीतीश कुमार को सीएम चुना जा सकता है.

 

हालांकि मांझी बगावत पर आमादा हैं. जदयू के भीतर बढते तनाव के बीच मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने कल रात बागी तेवर एख्तियार करते हुए अपनी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव द्वारा आगामी 7 फरवरी को बुलायी गयी जदयू विधायक दल की बैठक को ‘अनिधिकृत’ बताते हुए कहा है कि विधायक दल की बुलाने का अधिकार नेता विधायक दल (मुख्यमंत्री) को है.

 

मांझी ने कल रात एक प्रेस रिलीज़ जारी कर कहा कि विधायक दल की बुलाने का अधिकार सदन नेता (मुख्यमंत्री) को है. सूत्रों से विदित विधानमंडल दल की आगामी 7 फरवरी की बैठक अधिकृत नहीं है. उन्होंने यह भी कहा है कि उनके इस्तीफे की खबर बेबुनियाद है, जिसका वे खंडन करते हैं.

 

जहानाबाद से पटना लौटने पर मांझी ने विधायक दल की उक्त बुलाई बैठक को लेकर अपने मंत्रिमंडल के कुछ सदस्यों, करीबी विधायकों और समर्थकों के साथ देर शाम बैठक की जिसके बाद इस बैठक के अनिधिकृत होने को लेकर बयान जारी किया. राजनीति में हुआ यह परिवर्तन जदयू में बढते टकराव और मांझी के स्पष्ट रुख कि वे मुख्यमंत्री पद नहीं छोडेंगे और संघर्ष करेंगे को प्रकट करता है.

 

विधायक दल की बैठक बुलाए जाने की खबर फैलने पर शिक्षा मंत्री वृषिण पटेल, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण मंत्री महाचंद्र सिंह और नगर विकास मंत्री सम्राट चौधरी और विधायक अनिल कुमार, जदयू के बागी विधायक ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानु और रविंद्र राय मांझी, जदयू के वरिष्ठ नेता शकुनी चौधरी मांझी के समर्थन में उनके आवास पहुंचे. सासाराम (एसएसी) संसदीय सीट से पिछला लोकसभा चुनाव लडे पूर्व नौकरशाह के पी रमैया भी उस समय मांझी के आवास पर मौजूद थे.

 

प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार मांझी आगामी सात फरवरी को आयोजित जदयू विधायक दल की बैठक में भाग नहीं लेंगे. मांझी के आवास के बाहर महाचंद्र प्रसाद सिंह ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि विधायक दल की बैठक बुनाने का अधिकार सदन के नेता (मुख्यमंत्री) को है. शकुनी चौधरी ने मुख्यमंत्री आवास के बाहर पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि मांझी आग हैं और उनको छुऐंगे वह जल जाएंगे.

 

मांझी पर मुख्यमंत्री पद छोड़ने और नीतीश के लिए राह हमवार करने की चर्चाओं के बीच गुरूवार को यहां जदयू के शीर्ष नेताओं के बीच दिन भर चले बैठकों का दौर जारी रहा. जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव आज दिन में नीतीश के साथ दो बार मिले और उसके बाद मांझी के साथ उनके आवास पर एक घंटे बिताए.

 

जदयू के सभी नेता मुख्यमंत्री में बदलाव को लेकर चुप्पी बनाए हुए रहे पर उनकी लगातार जारी बैठक प्रदेश में राजनीति के गरमाने की ओर इशारा कर रहे हैं. बुधवार रात पटना के एक होटल में बंद कमरे में मांझी के साथ हुई करीब डेढ़ घंटे की बातचीत के बाद आज सुबह शरद नीतीश के आवास गए.

 

इन दोनों नेताओं के बीच करीब एक घंटे की बातचीत के बाद नीतीश बिहार विधान परिषद के लिए रवाना हुए और शरद मांझी से बातचीत करने उनके के आवास के लिए रवाना हो गए.

 

पिछले वर्ष हुए लोकसभा चुनाव में जदयू की करारी हार की नैतिक जिम्मेवारी लेते हुए गत वर्ष 19 मई को नीतीश ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देते हुए मांझी को वर्ष 2015 के अंत में होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव तक के लिए अपना उत्तराधिकारी चुना था पर उनके विवादित बयानों के कारण पार्टी नेताओं को फजीहत झेलनी पड रही है.

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