मनोज एनकाउंटर: आरोपी पुलिसवालों का तबादला, विजिलेंस जांच के आदेश

By: | Last Updated: Tuesday, 19 May 2015 1:22 AM
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नई दिल्ली: मनोज वशिष्ठ एनकाउंटर केस में मृतक मनोज के परिवार वालों की सीबीआई जांच की मांग के बाद एक बड़ा फैसला लिया गया है. 

 

एनकाउंटर करने वाली दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की टीम में कुल नौ लोग थे, जिनके तबादले और इस मामले को लेकर विजिलेंस जांच के आदेश दिए गए हैं. इसके साथ ही दिल्ली पुलिस इस बात की जांच भी करेगी कि कहीं दिल्ली पुलिस में वसूली रैकेट तो नहीं चल रहा था. ?

 

गौरतलब है मनोज की पत्नी प्रियंका वशिष्ठ ने यह आरोप लगाया था कि दिल्ली पुलिस ने उनसे 3 लाख रुपए मांग थे लेकिन उन लोगों ने दिल्ली पुलिस को सिर्फ 60 हजार रुपए ही दिए थे. इसके अलावा प्रियंका का आरोप था कि दिल्ली पुलिस ने अप्रैल महीने में भी उन्हें परेशान किया था.

 

सोमवार देर रात दिल्ली के सुचेता कृपलानी अस्पताल के बाहर धरना दिया. मनोज के शव को परिवार वालो ने लेने से मन कर दिया है और यह सभी रात भर लेडी हार्डिंग की शवगृह के बाहर बैठे रहे. परिवार का कहना है की जब तक उनकी मांगो को मान नहीं लिया जाता तब तक शव का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा.

मनोज वशिष्ठ एनकाउंटर का एक्सक्लूसिव सीसीटीवी फुटेज 

मनोज वशिष्ठ के भाई अनिल से पुलिस ने बात कर उन्हें अस्पताल के सामने से हठने को भी कहा लेकिन अनिल का कहना है की वो तब तक अस्पताल के बाहर बैठे रहेंगे जब तक उन्हें इन्साफ नहीं मिल जाता.

 

आज परिवारवालों की मुलाकात दिल्ली पुलिस के कमिश्नर बी एस बस्सी से भी की.

 

एनकाउंटर में मारे गए मनोज के शव का पोस्टमॉर्टम हुआ लेकिन परिवार ने शव लेने से किया इनकारमनोज वशिष्ठ के परिवार ने एनकाउंटर केस की जांच सीबीआई से कराने और दिल्ली पुलिस पर हत्या का केस दर्ज करने की मांग की.

 

मनोज एनकाउंटर केस में सागर रत्ना रेस्टोरेंट का सीसीटीवी फुटेज जारी, 10 सेकेंड के वीडियो में पुलिस मनोज को पकड़ने की कोशिश करती दिख रही है. वीडियो फुटेज से ये साफ नहीं हो पाया कि पहले गोली किसने चलाई? सीसीटीवी फुटेज से दिल्ली पुलिस को भी क्लीन चिट नहीं दी जा सकती.

दिल्ली के मनोज एनकाउंटर की सीसीटीवी तस्वीरें साफ नहीं है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक एक गोली मनोज के सिर में मारी गई थी. मनोज के परिवार ने  परिवार ने सीबीआई जांच की मांग की है.

 

दिल्ली में एक रेस्तरां में हुए मनोज वशिष्ठ के एनकाउंटर को लेकर एक के बाद एक कई सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं. इसी के साथ इस पूरे मामले पर राज्य सरकार और केंद्र सरकार दोनों की ही ओर से जांच बैठा दी गई है. लेकिन मनोज के परिवार की मांग है कि इस मामले की सीबीआई जाँच हो.

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सीसीटीवी फुटेज से वशिष्ठ के पहले गोली चलाने की बात स्थापित नहीं हुई

मध्य दिल्ली के एक रेस्त्रां में शनिवार रात को एक वांछित व्यक्ति एवं दिल्ली पुलिस के दल के बीच हुई मुठभेड़ के बारे में सोमवार को सामने आये सीसीटीवी फुटेज में यह खुलासा हुआ है कि दो पुलिसकर्मियों की मनोज वशिष्ठ के साथ खींचतान हुई और उसके बाद गोली लगने से वह गिर पड़ा.

 

फुटेज की खराब गुणवत्ता से दिल्ली पुलिस का यह दावा स्थापित नहीं हो पाया है कि वशिष्ठ ने पहले गोली दागी और पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की.

 

यह फुटेज 29 सेकेंड की है जिसमें सादे कपड़े पहने हुए दो पुलिसकर्मियों को रात सवा आठ बजे न्यू राजेन्द्रनगर क्षेत्र में सागर रत्ना रेस्त्रां में वशिष्ठ की ओर बढ़ते हुए दिखाया गया है. वशिष्ठ को रेस्त्रां के बीचोंबीच कई लोगों के साथ बैठे हुए दिखाया गया है.

जैसे ही वशिष्ठ ने पुलिस को देखा तो खींचतान शुरू हो गयी और पुलिसकर्मियों को उसे नीचे गिराने का प्रयास करते हुए देखा गया. फुटेज की खराब गुणवत्ता के बावजूद गोलियां चलने की आवाज सुनी नहीं जा सकी या उसे देखा नहीं जा पा रहा. वशिष्ठ को जमीन पर गिरते हुए जबकि अन्य मेहमानों को रेस्त्रां से भागते हुए देखा गया है.

 

इस बीच, वशिष्ठ की प्राथमिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह बात सामने आयी है कि उसकी मौत उस गोली के कारण हुई जो उसके सिर में लगी थी.

 

इस मुठभेड़ के बारे में पुलिस ने यह दावा किया था कि वशिष्ठ को उसकी लाइसेंसी रिवाल्वर से गोली चलाते देख एक सिपाही ने उस पर गोली चलायी ताकि उसे रोका जा सके लेकिन इस गोली से उसकी मौत हो गयी.

 

पुलिस ने साजिश के तहत मेरे पति की हत्या की- प्रियंका वशिष्ठ

मनोज वशिष्ठ की पत्नी प्रियंका वशिष्ठ ने दिल्ली पुलिस पर अपने पति मनोज वशिष्ठ की हत्या का आरोप लगाया है. एबीपी न्यूज़ से बातचीत में प्रियंका ने कहा- पुलिस ने योजना के तहत मेरे पति का मर्डर किया. गोली लगने के बाद हमें मनोज से मिलने नहीं दिया गया. 

प्रियंका के मुताबिक, ”मेरे पति की साजिश के तहत हत्या की गई. मेरी मांग है कि सीसीटीवी फुटेज सामने लाई जाए और सार्वजमिक की जाए. मैं मीडिया से भी CCTV फुटेज सामने लाने के लिए मदद करने की मांग करती हूं. मैं नहीं चाहती कि ये बात आए कि सीसीटीवी में कोई तकनीकी खराबी थी.

 

मनोज वशिष्ठ की पत्नी प्रियंका का आरोप है कि गोली लगने के बाद मनोज तड़पते रहे लेकिन उन्हें मिलने नहीं दिया गया. उनके सिर पर गोली मारी गई लेकिन गोली लगने के बाद 35 मिनट तक मनोज जिंदा थे. उनकी पिटाई भी की गई और उनके शरीर पर पिटाई के निशान थे. पुलिस चाहती तो उन्हें जिंदा बचाया जा सकता था.

 

मनोज वशिष्ठ की पत्नी प्रियंका का आरोप है कि पुलिस ने 3 लाख रुपए मांगे थे, 60 हजार रुपए हमने दिए. मनोज वशिष्ठ की पत्नी प्रियंका का दिल्ली पुलिस कमिश्नर पर भी आरोप लगाए हैं. उनके मुताबिक अप्रैल में भी पुलिस ने उन्हें परेशान किया. प्रियंका ने कहा कि वो जिला पंचायत की सदस्य हैं जबकि उनके पति प्रोपर्टी डीलिंग और समाज सेवा का काम करते थे.

 

क्या है संजय वोहरा  का दावा?

मनोज वशिष्ठ एंकाउंटर केस में संजय वोहरा नाम के शख्स ने ये दावा किया है कि जिस वक्त दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने मनोज वशिष्ठ का कथित एनकाउंटर किया वो उस वक्त सागर रत्ना में ही मौजूद था. उसके मुताबिक तकरीबन साढ़े आठ के आस पास मनोज और 4-5 लोग साथ बैठे थे. तभी 4 से 5 लोग सिविल ड्रेस में आये. उनमे से एक ने मनोज के कंधे पर हाथ रखा. उसके बाद उनके बीच झड़प हुई और वहां अफरातफरी सी मच गयी.

 

पुलिस वालों ने उनसे कहा कि वो पुलिस हैं और वो उनका सहयोग करें. उसी बीच मची अफरातफरी में उसने दो फायर की आवाज सुनी. उसने देखा की मनोज की लाश खून से लथपथ पड़ी थी. संजय वोहरा उन 14 चश्मदीद गवाहों में है जिसने कल एनकाउंटर के बाद पुलिस को बयां दिया है. संजय बता रहा है कि वो ढाई महीने से उन्हें जानता था. 15 मिनट पहले ही मीटिंग फिक्स हुई थी.

 

कौन था मनोज वशिष्ठ?

बागपत कोतवाली अंतर्गत पावला गांव के रहने वाले मनोज वशिष्ठ की पत्नी प्रियंका वशिष्ठ वर्ष 2010 में बागपत जनपद में वार्ड 16 से जिला पंचायत सदस्य का बसपा से चुनाव लड़कर विजयी हुई थी. लेकिन उसने आज तक सदस्यता की शपथ नही ली है. मनोज कई साल से देश भक्त सेना ट्रस्ट चला रहा है. मनोज ने ट्रस्ट में नारा दिया था कि खाकी और खादी सुधरे तो देश सुधरे.

 

मनोज ने पांच साल पहले बागपत में एक समारोह का आयोजन कर 101 निर्धन कन्याओं के विवाह कराए थे. इसी दौरान अवैध बालू खनन के खिलाफ के आंदोलन भी छेड़ा था. मनोज ने डीयू से बीकॉम कर रखा था.उसके भाई अनिल वशिष्ठ ने बागपत में चैयरमैन पद के लिए चुनाव भी लड़ा था लेकिन हार गया था. बताया जाता है की मनोज बड़ा चीटर था और बाहर उसके खिलाफ कई मुकदमे कायम थे. बागपत पुलिस में बताया के वर्ष 2007 में उसके खिलाफ 420 का मुकदमा कायम हुआ था.

 

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