मनमोहन सिंह के समर्थन में कांग्रेस का मार्च, बताया ईमानदार इंसान

By: | Last Updated: Thursday, 12 March 2015 4:49 AM
march to support manmohan singh

नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पार्टी के बड़े नेताओं की आज बैठक बुलाई है. ये बैठक कल पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के पटियाला कोर्ट से मिले समन के लिए की जा रही है, इस बैठक के बाद पार्टी के नेताओं ने कांग्रेस मुख्यालय से मनमोहन सिंह के आवास तक पैदल मार्च किया. ये बैठक मनमोहन सिंह के प्रति समर्थन दिखाने के लिए किया जा रहा है.

 

मार्च के दौरान सोनिया गांधी ने मीडिया से कहा, मनमोहन सिंह देश के पूर्व प्रधानमंत्री हैं, वह ना सिर्फ देश में बल्कि पूरे विश्व में अपनी ईमानदार छवि के लिए जाने जाते हैं. हम सभी उनके साथ हैं. 

 

आपको बता दें  दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने कल पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को कोयला घोटाले में आरोपी बनाने का आदेश दिया है कोर्ट ने मनमोहन को आरोपी के तौर पर समन भेजा है और 8 अप्रैल को कोर्ट में पेश होने के आदेश दिए हैं.

 

 

मनमोहन सिंह को आरोपी बनाए जाने पर बीजेपी ने कहा है कि आदेश से साबित हो गया है कि घोटाले के पीछे कांग्रेस ही है जबकि पूर्व प्रधानमंत्री को आरोपी बनाए जाने पर कांग्रेस ने पलटवार करते हुए कहा है कि जो भी घोटाले हुए वो बीजेपी शासित राज्यों में ही हुए हैं और यही राज्य नीलामी का विरोध कर रहे थे 

 

 

क्या है पूरा मामला

 

दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को कोयला घोटाले में आरोपी बनाने के आदेश जारी किए हैं. मनमोहन सिंह को आरोपी के तौर पर समन भेजा गया है और 8 अप्रैल को कोर्ट में पेश होने के लिए कहा गया है. मनमोहन सिंह ने कहा है कि समन जारी होने पर उन्हें दुख है लेकिन वो जांच के लिए तैयार हैं

 

मनमोहन सिंह के अलावा उद्योगपति कुमार मंगलम बिड़ला, पूर्व कोयला सचिव पी सी परख और तीन अन्य को भी समन भेजा गया है.

 

7 मई 2005 को कुमार मंगलम बिरला ने प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिखकर कहा था कि उड़ीसा के तालाबीरा-2 कोल ब्लॉक को 650 मेगावाट बिजली उत्पादन करने वाले प्लांट के लिए हिंडाल्को को दे दिया जाए. मनमोहन सिंह ने इस पर कोयला मंत्रालय से रिपोर्ट मांगी और प्रधानमंत्री इस पर कार्यवाही चाहते हैं ये नोट लगाकर चिट्ठी स्क्रीनिंग कमेटी के पास भेज दी थी.

 

17 जून 2005 को बिरला ने फिर से चिट्ठी लिखी और तालाबीरा में खदान की मांग की थी. इसके बाद 17 अगस्त 2005 को उड़ीसा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने भी तत्कालीन प्रधानमंत्री से हिंडाल्को को खदान देने की सिफारिश की

 

राज्य सरकार की सिफारिश के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा कि इस मामले पर दोबारा विचार किया जाए. कोयला मंत्रालय के पहले प्रस्ताव को दरकिनार कर दिया गया. और फिर 9 सितंबर 2005 को एक ज्वाइंट वेंचर कंपनी बनाने का फैसला हुआ जिसमें सरकारी कंपनी एनएलसी को 70 फीसदी महानदी कोलफील्ड लिमिटेड और हिंडाल्को को 15-15 फीसदी की हिस्सेदारी तय की गई

 

27 सितंबर 2005 को तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को इसकी जानकारी दी गई और चार दिन बाद 1 अक्टूबर को प्रधानमंत्री ने इसके लिए मंजूरी दे दी.

 

कोयला घोटाला में आरोपी बनेंगे मनमोहन, बोले- मैं दुखी हूं, लेकिन सच सामने आएगा

‘राहुल ने खुद को साबित करने में बहुत लंबा समय लिया’

अमेरिकी अदालत ने जारी किया अमिताभ बच्चन को समन

बजट निराशाजनक, स्पष्ट योजना का अभाव: मनमोहन सिंह 

India News से जुड़े हर समाचार के लिए हमे फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर फॉलो करें साथ ही हमारा Hindi News App डाउनलोड करें
Web Title: march to support manmohan singh
Explore Hindi News from politics, Bollywood, sports, education, trending, crime, business, साथ ही साथ और भी दिलचस्प हिंदी समाचार
First Published:

Get the Latest Coupons and Promo codes for 2017