देखें: मंगलयान ने भेजी मंगल ग्रह की पहली तस्वीर

By: | Last Updated: Thursday, 25 September 2014 6:10 AM
Mars Orbitercaptures sent its first image of Mars

नई दिल्ली: मंगलयान ने मंगल ग्रह की पहली तस्वीर भी वहां से भेज दी है. आज इसरो से इस तस्वीर को सोशल मीडिया पर पोस्ट किया. तो आप भी देखिए ऐसा दिखता है मंगल ग्रह. कल ही मंगलयान मंगल ग्रह की कक्षा में पहुंचा था. मंगलयान ने मंगल से 7.3 किलोमीटर की दूरी से यह तस्वीर ली है.

 

बुधवार को इसरो के वैज्ञानिकों ने मंगलयान को सफलतापूर्वक मंगल पर स्थापित कर दिया. भारत पहली  बार ये मुकाम हासिल करने वाला पहला देश बन गया है.

 

आपको बता दें कि अब तक एशिया में भी कोई देश मंगल पर कामयाबी के साथ अभियान नहीं भेज सका है. दुनिया में सिर्फ अमेरिका, रूस और यूरोपिय यूनियन ने अब तक मंगल पर अभियान कामयाबी से भेजे हैं. यानी भारत नंबर चार पर आ गया है. कम कीमत में इतना बड़े अभियान के अंजाम देने वाला भारत पहला देश बन गया है.

 

मंगल की कक्षा में मंगलयान क्या करेगा-

मंगलयान मंगल की कक्षा में पहुंचेगा तो उसका सबसे अहम काम होगा मीथेन की जांच करना. मंगल की कक्षा में स्थापित हो जाने के बाद मंगलयान इसके वायुमंडल, खनिजों और संरचना का अध्ययन करेगा. सबसे खास मीथेन की जांच करना होगा. मंगलयान इसके वायुमंडल, खनिजों और संरचना की रिपोर्ट वापस भेजेगा. मंगलयान के साथ पांच उपकरण भेजे गए हैं जो वहां से जांच कर संकेत भेजेंगे. इन उपकरणों का कुल भार 15 किलो है.

 

1. मीथेन सेंसर – यह मंगल के वातावरण में मीथेन गैस की मात्रा को मापेगा. कहां से मीथेन आ रही है इसका स्रोत भी पता करेगा.

 

2. थर्मल इंफ्रारेड स्पेक्ट्रोमीटर- यह मंगल की सतह का तापमान पता करेगा. साथ ही तापमान के निकलने का स्रोत पता करेगा. जिससे मंगल के सतह की संरचना और वहां मौजूद खनिज के बारे में पता चलेगा.

 

3. मार्स कलर कैमरा जो मंगल के फोटो खींच कर भेजेगा

 

4. लमेन अल्फा फोटोमीटर –  यह मंगल के ऊपरी वातावरण में ड्यूटीरियम तथा हाइड्रोजन की मात्रा मापेगा.

 

5. मंगल इक्सोस्फेरिक न्यूट्रल संरचना विश्लेषक (MENCA) – यह बाहरी हिस्से में जो कण मिलेगें उसकी जांच करेगा

 

मंगल के वैज्ञानिक अध्ययन के अलावा यह मिशन इसलिए भी अहम है, क्योंकि यह भारत के लिए दूसरे ग्रहों की जांच करने के सफल अभियानों की शुरुआत करेगा.

 

मंगल की बड़ी कामयाबी

सबसे कम खर्च में अंतरिक्ष तक पहुंचने का मंगलयान ने एक रिकॉर्ड बना दिया है. और अब इसने मंगल की कक्षा में दाखिल होकरएक दूसरा रिकॉर्ड बना दिया है.

 

इसे भारतीय वैज्ञानिकों की कामयाबी ही कहना चाहिए कि उन्होंने बेहद कम वक्त और बेहद कम बजट में भारत के मिशन को पंख लगा दिए. भारत का मंगल मिशन सिर्फ 450 करोड़ के बजट में तैयार हुआ है. जबकि नासा का भेजा मैवन उपग्रह इससे दस गुने बजट में मंगल पर भेजा गया है. खुद मोदी बोल चुके हैं कि अंतरिक्ष का रूप देती फिल्म ग्रेविटी से भी कम खर्च में ये उपग्रह तैयार हुआ है.

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Web Title: Mars Orbitercaptures sent its first image of Mars
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