आलम की रिहाई: गृह मंत्रालय ने जम्मू कश्मीर सरकार से रिपोर्ट मांगी

By: | Last Updated: Sunday, 8 March 2015 4:40 PM

नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जम्मू कश्मीर सरकार से उन परिस्थितियों के संबंध में रिपोर्ट मांगी है जिसके तहत कट्टरपंथी अलगाववादी नेता मसरत आलम को रिहा किया गया. आलम के खिलाफ 15 से अधिक मामले लंबित हैं.

 

रविवार होने के बाद भी गृह मंत्रालय में कश्मीर डिविजन के अधिकारियों ने काम किया ताकि इस मुद्दे पर राज्य सरकार से सभी तथ्य एकत्र किए जा सकें. इस मुद्दे को लेकर पीडीपी-बीजेपी गठबंधन में विवाद पैदा हो गया है.

 

मंत्रालय ने उन वजहों के बारे में जानकारी मांगी है जिनके तहत 2010 के आंदोलन का नेतृत्वकर्ता 44 साल के आलम को कल रात बारामूला जेल से रिहा किया गया.

 

सूत्रों ने बताया कि आलम के खिलाफ करीब 15 मामले लंबित हैं. इनमें दंड संहिता की धारा 120 और 121 (देश के खिलाफ युद्ध छेड़ना) और गैरकानूनी गतिविधियां निवारण कानून के तहत दर्ज मामले शामिल हैं.

 

संसद में विपक्षी पार्टियां पहले से ही प्रदेश के मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद के पिछले रविवार के बयान का विरोध कर रही हैं. उल्लेखनीय है कि मुफ्ती ने अपने बयान में राज्य में चुनाव सुचारू रूप से संपन्न होने का श्रेय पाकिस्तान, हुर्रियत कांफ्रेंस और आतंकवादी संगठनों को दिया था.

 

सरकार को उम्मीद है कि जब होली के अवकाश के बाद संसद की बैठक कल फिर शुरू होगी तो नए घटनाक्रम को लेकर व्यवधान पैदा हो सकता है.

 

उम्मीद की जा रही है कि गृह मंत्री राजनाथ सिंह राजनीतिक तूफान खड़ा कर देने वाले इस मुद्दे पर सरकार का रूख स्पष्ट कर सकते हैं.

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