Masood Azhar won’t affect resolve to fight terror: India आतंकी मसूद को बचाने पर सरकार ने चीन का नाम लिए बिना कहा- ‘ऐसे आतंकवाद से नहीं लड़ सकते’

आतंकी मसूद को बचाने पर सरकार ने चीन का नाम लिए बिना कहा- ‘ऐसे आतंकवाद से नहीं लड़ सकते’

भारत समान विचार वाले देशों के साथ मिलकर आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई को जारी रखेगा. चीन इकलौता देश है जो मसूद अजहर के साथ खड़ा है.

By: | Updated: 03 Nov 2017 08:34 PM
Masood Azhar won’t affect resolve to fight terror: India
नई दिल्ली: भारत ने आज कहा कि चीन की ओर से पाकिस्तान स्थित जेईएम प्रमुख मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र वैश्विक आतंकी की सूची में शामिल करने का मार्ग लगातार अवरूद्ध करने से वह आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई के संकल्प से नहीं डिगेगा.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा, ‘‘ मैं समझता हूं कि किसी देश के आमसहमति को अवरूद्ध करने के निर्णय को आतंकवाद के खिलाफ हमारे प्रयासों के अंत के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए. महत्वपूर्ण यह है कि यह किसी भी तरह से आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई की हमारी प्रतिबद्धता से हमें दूर नहीं करता है.’’

आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई को जारी रखेगा भारत

उन्होंने कहा कि भारत समान विचार वाले देशों के साथ मिलकर आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई को जारी रखेगा. चीन के निर्णय का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘ यह आतंकवाद के खिलाफ हमारे संकल्प को प्रभावित नहीं करेगा. ’’

चीन कहता है कि मसूद अज़हर के मामले पर मतभेद है और किसी भी मामले को सूचीबद्ध करने के लिए समिति को उद्देश्यात्मकता, निष्पक्षता और पेशेवराना रवैए के मुख्य सिद्धांतों पर खरा उतरना चाहिए और सुरक्षा परिषद के सदस्य देशों के बीच सहमति से फैसला करना चाहिए.

अब ये अलग बात है कि 15 सदस्य देशों में जिस सहमति की बात चीन करता है इसमें वो इकलौता देश है जो मसूद अजहर के साथ खड़ा है.

चीन मसूद को अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित होने से क्यों रोक रहा है?

  • चीन जानता है कि साउथ एशिया में उसका सीधा मुकाबला भारत से है, इसलिए वो ज्यादा से ज्यादा देशों को अपनी तरफ करना चाहता है.

  • दुनिया में चीन को शिनचियांग में मुस्लिम समुदाय पर अत्याचार और साउथ चाइना सी प्रोजेक्ट के लिए घेरा जाता है तो पाकिस्तान उसकी मदद करता है.

  • चीन अपने बेहद महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट वन बेल्ट वन रोड के लिए पाकिस्तान में लाखों करोड़ रूपए का निवेश किया है, इसीलिए वो पाकिस्तान को हर जगह बचाता है.

  • अमेरिका से भारत की दोस्ती चीन को फूटी आंख भी नहीं सुहाती है, इसलिए वो अज़हर, न्यूक्लीयर स्पलायर्स ग्रुप और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थाई एंट्री पर अड़ंगा लगाता है.

  • भारत ने तिब्बती धर्मगुरू दलाई लामा को शरण दे रखी है, जिससे चीन चिढ़ा हुआ है. दलाई लामा को चीन आतंकवादी बताता है.


ब्रिक्स सम्मेलन में आया था जैश-ए-मोहम्मद का नाम

इसी साल तीन सितंबर को चीन के शियामेन में हुए ब्रिक्स सम्मेलन में भारत को बड़ी कामयाबी मिली थी जब ब्रिक्स देशों के साझा घोषणापत्र में पहली बार मसूद अज़हर के आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का नाम आया था.

ब्रिक्स देशों के साझा घोषणापत्र में आतंकी सगंठन जैश-ए-मोहम्मद का नाम आने से चीन रोक तो नहीं पाया लेकिन वो जानता था कि संयुक्त राष्ट्र में उसे कोई नहीं रोक सकता.

कौन है मौलाना मसूद अज़हर?

आपको बता दें कि ये वही मौलाना मसूद अज़हर है जिसे 1999 में हाईजैक किए गए इंडियन एयरलाइंस के विमान आईसी-814 के बदले छोड़ा गया था. तत्कालीन विदेश मंत्री जसवंत सिंह खुद मौलाना मसूद अज़हर सहित तीन आतंकियों को छोड़ने अफगानिस्तान के कांधार गए थे.

1994 में जम्मू में गिरफ्तार किया गया था मसूद अजहर

ये आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का मुखिया है. ये पाकिस्तान के बहावलपुर का रहने वाला है. 1994 में मसूद अजहर को जम्मू में गिरफ्तार किया गया था. जैश-ए-मोहम्मद को संयुक्त राष्ट्र 2001 में ही आतंकी संगठन घोषित कर चुका है.

दरअसल चीन को भी ये अच्छी तरह पता है कि संयुक्त राष्ट्र जैसे ही इसे आतंकी घोषित करेगा, उसका असर ये होगा कि मौलाना मसूद अज़हर की संपत्तियों को जब्त किया जा सकेगा, उसकी यात्राओं पर प्रतिबंध लग जाएगा और सबसे बड़ी बात पाकिस्तान पूरी दुनिया के सामने बेनकाब हो जाएगा.

फटाफट ख़बरों के लिए हमे फॉलो करें फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर और डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App
Web Title: Masood Azhar won’t affect resolve to fight terror: India
Read all latest India News headlines in Hindi. Also don’t miss today’s Hindi News.

First Published:
Next Story गुजरात/हिमाचल प्रदेश चुनावः हार के बाद राहुल गांधी ने तोड़ी चुप्पी, कहा- मैं निराश नहीं