बीजेपी के विरोध के बाद भी मुफ्ती सरकार ने किया अलगाववादी नेता मसरत आलम को रिहा

By: | Last Updated: Saturday, 7 March 2015 1:51 PM

नई दिल्लीः जम्मू कश्मीर में सरकार बनने के बाद से ही बीजेपी और पीडीपी में मतभेद सामने आ गए थे जब मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद ने राज्य में सफल चुनावों का श्रेय आतंकियों के साथ पाकिस्तान को दिया था. ये विवाद अभी तक पूरी तरह थमी भी नहीं है कि जम्मू कश्मीर सरकार ने एक और फैसला ले लिया है जिसको लेकर बीजेपी और पीड़ीपी सरकार में मतभेद और बढ़ सकते है.

 

बीजेपी के विरोध के बावजूद मुफ्ती मोहम्मद सईद ने अलगाववादी नेता मसरत आलम को रिहा कर दिया है. मसरत आलम मुस्लीम लीग के नेता हैं वो अब तक बारामूला की जेल में बंद थे जिसे आज सरकार के आदेश पर रिहा कर दिया गया. मुफ्ती मोहम्मद सईद के सत्ता संभालने के बाद ये पहली राजनीतिक रिहाई है.

 

नसरत पर 2010 में भारत विरोधी आंदोलन चलाने का आरोप था जिसकी वजह से गिरॆफ्तारी हुई थी. उस साल चार महीने तक आंदोलन चला था जिसमें पुलिस और सुरक्षा बलों पर पत्थरबाजी की घटनाएं हुई थी. बताया जाता है कि पत्थरबाजी का मास्टरमाइंड यही था. 11 जून 2010 से शुरू हुई पत्थरबाजी की घटना सितंबर महीने तक चली थी. जिसमें सौ से ज्यादा लोगों की जान गई थी. मसरत आलम को जम्मू कश्मीर के हुर्रियत नेता सैयद अली शाह गिलानी के उत्तराधिकारी के रूप में देखा जाता है.

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Web Title: masrat aalam
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