महबूबा मुफ्ती बन सकती हैं जम्मू-कश्मीर की नई मुख्यमंत्री

By: | Last Updated: Thursday, 7 January 2016 9:41 AM
Mehbooba Mufti set to take over as next CM of Jammu and Kashmir

नई दिल्ली: जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद के निधन के बाद, उनकी बेटी और पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती का मुख्यमंत्री बनना लगभग तय माना जा रहा है. बीजेपी आलाकमान और पीडीपी नेताओं के बीच दिसंबर के आखिरी हफ्ते से बातचीत चल रही थी.

बता दें कि जम्मू कश्मीर के मौजूदा मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद का आज सुबह निधन हो गया. दिल्ली के एम्स में मुफ्ती साहब ने आखिरी सांस ली है. पिछले पंद्रह दिन से एम्स में मुफ्ती साहेब का इलाज हो रहा था. 79 साल की उम्र में मुफ्ती मोहम्मद सईद का निधन हुआ है. पिछले साल ही बीजेपी के साथ जम्मू कश्मीर में गठबंधन की सरकार बनी थी और एक मार्च को मुख्यमंत्री बने थे.

अब उनकी बेटी महबूबा मुफ्ता का सीएम बनना लगभग तय है. पहले लोग कहते थे कि जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री भले मुफ्ती मोहम्मद सईद हैं लेकिन सरकार चलाती हैं महबूबा मुफ्ती… पर जब मुफ्ती मोहम्मद सईद ने एक कार्यक्रम में खुद कह दिया कि असल में काम महबूबा मुफ्ती ही करती हैं और वो स्वयं तो केवल भाषण देते हैं- तो ये साफ हो गया कि जम्मू कश्मीर की राजनीति में महबूबा मुफ्ती की हैसियत क्या है.

2014 में जम्मू कश्मीर विधानसभा का चुनाव हुआ था. चुनाव में बीजेपी और मुफ्ती सईद की पार्टी पीडीपी दो बड़ी पार्टियों के रूप में उभर कर सामने आईं. बीजेपी और पीडीपी की राजनीतिक विचारधारा और कामकाज का तरीका उत्तरी और दक्षिणी ध्रुव की तरह. ऐसे में बीजेपी के साथ नई सरकार बनाने में जिसने अहम भूमिका निभाईं वो थी महबूबा मुफ्ती.

महबूबा मुफ्ता की राजनीतिक सफर

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की बेटी और वर्तमान जम्मू-कश्मीर पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की अध्यक्षा महबूबा मुफ्ती सईद का जन्म 22 मई, 1959 को जम्मू कश्मीर के अनंतनाग में हुआ था. महबूबा कश्मीर विश्वविद्यालय से कानून की पढ़ाई पूरी करने के बाद साल 1990 तक राजनीति से पूरी तरह दूर रहीं. महबूबा अपना सारा समय अपनी दोनों बेटियों की देखभाल करने में लगाती थीं. महबूबा का अपने पति से तलाक हो गया था. जब महबूबा मुफ्ती राजनीति के क्षेत्र में आईं तब उनके पूर्व पति ने उनके खिलाफ कई चुनावों में भाग लिया. इसके बाद भी महबूबा राजनीति के मैदान में डटी रहीं.

एक मंझे हुए राजनीतिज्ञ की बेटी होने के कारण उन्हें राजनीति की अच्छी समझ है. परिवार में राजनीति का वातावरण होने के कारण महबूबा मुफ्ती का राजनीति से जुड़ाव बचपन में ही हो गया था. साल 1996 के चुनावों में कांग्रेस की सदस्यता लेने के बाद बिज्बेहारा विधानसभा सीट से जीत कर वो कश्मीर की सबसे लोकप्रिय नेता बन गई थीं. महबूबा के पिता मुफ्ती मोहम्मद सईद 1987 में कांग्रेस और अपने पुराने प्रतिद्वंदी नेशनल कांफ्रेस में गठबंधन होने के बाद कांग्रेस पार्टी से अलग हो गए थे. महबूबा के कांग्रेस में आने के बाद उनके पिता भी कांग्रेस में वापस आ गए. जल्द ही महबूबा मुफ्ती राज्य विधानसभा में नेता विपक्ष के पद पर पहुंच गईं. विपक्ष की नेता की भूमिका में महबूबा का काम अच्छा रहा. तत्कालीन मुख्यमंत्री फारूख अब्दुल्ला की सरकार को महबूबा ने बड़े मुद्दों पर सीधे घेरने का काम किया.

जम्मू-कश्मीर डेमोक्रेटिक पार्टी नाम से एक अलग राजनीतिक दल का गठन करने के लिए महबूबा मुफ्ती साल 1999 में कांग्रेस पार्टी से अलग हो गईं. पिता मुफ्ती मोहम्मद सईद को अध्यक्ष बनाकर वह स्वयं इस दल की उपाध्यक्ष बन गईं. साल 1999 के संसदीय चुनावों में भाग लेने के लिए उन्होंने अपने राज्य विधानसभा के पद से इस्तीफा दे दिया. इस चुनाव में महबूबा मुफ्ती उमर अब्दुल्ला के हाथों पराजित हुईं. साल 2002 में दक्षिण कश्मीर से राज्य विधानसभा चुनाव में रफी अहमद मीर को हरा कर महबूबा ने पहलगाम सीट पर जीत दर्ज की. साल 2004 में महबूबा मुफ्ती कांग्रेस गठबंधन का हिस्सा बनकर अनंतनाग से लोकसभा चुनाव लड़ीं और सांसद बनीं. महबूबा साल 2014 में दूसरी बार लोकसभा के लिए चुनी गईं.

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Web Title: Mehbooba Mufti set to take over as next CM of Jammu and Kashmir
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