मोदी सरकार के बजट में मिडिल क्लास के अच्छे दिन नहीं, जेटली ने कहा-अपना ख्याल खुद रखे मिडिल क्लास

By: | Last Updated: Sunday, 1 March 2015 2:50 AM
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नई दिल्ली: वित्त मंत्री अरुण जेटली के पहले पूर्ण बजट से मिडिल क्लास को कोई राहत नहीं मिली है. बजट के बाद वित्त मंत्री ने कहा क मिडिल क्लास को अपना खयाल खुद करना होगा.

 

मोदी सरकार के ‘अच्छे दिन के बजट’ से मिडिल क्लास को भी उम्मीदें थीं, वे आस लगाए बैठे थे कि इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव जरूर होगा. उन्हें उम्मीद थी कि मौजूदा स्लैब जो ढाई लाख है, बढ़कर तीन लाख तो जरूर हो जाएगा, लेकिन टैक्स स्लैब बढ़ने के बजाए, सरकार ने सर्विस टैक्स बढ़ा दिया जिससे कई चीज़ों के दाम बढ़ गए.

 

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हालांकि, सैलरी क्लास के लिए राहत की बात ये रही है कि वित्त मंत्री ने हेल्थ इंश्योरेंस की सीमा 15 हज़ार से बढ़ाकर 25 हज़ार कर दिया. बुजुर्ग नागरिकों के मामले में इसे 20,000 रुपये से बढ़ाकर 30,000 रुपये करने का प्रस्ताव किया गया है.

 

इसके साथ ही ट्रांसपोर्ट अलावेंस 800 रुपये से बढ़ाकर 1600 रुपये प्रति महीने कर दिया है. जिससे सैलरी क्लास को थोड़ी राहत मिलेगी. इससे 5 लाख रुपये तक कमाने वाले को 700 से 800 रुपये की बचत हो सकती है.

 

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जेटली ने मिडिल क्लास के लिए पेंशन फंड में 50 हज़ार रुपये पर टैक्स छूट दी. जिससे बचत करने वाले मिडिल क्साल को राहत मिलेगी.

 

आयातित मोबाइल फोन व टैबलेट होगा महंगा

 

मोबाइल फोन व टैबलेट के स्थानीय विनिर्माण को प्रोत्साहन देने के लिए सरकार ने आज इन इलेक्ट्रानिक्स उत्पादों के घरेलू विनिर्माताओं के लिए शुल्क लाभ में बढ़ोतरी की है.

 

वित्त मंत्री अरण जेटली ने संसद में 2015-16 का बजट पेश करते हुए कहा कि मोबाइल हैंडसेटों (सेल्युलर फोन सहित) के लिए उत्पाद शुल्क ढांचे में बदलाव करते हुए इसे सेनवैट क्रेडिट के बिना एक प्रतिशत या सेनवैट क्रेडिट के साथ 12.5 प्रतिशत किया जा रहा है. इससे पहले तक मोबाइल पर शुल्क ढांचा सेनवैट क्रेडिट के साथ 6 प्रतिशत था.

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टैबलेट कंप्यूटरों के लिए शुल्क ढांचा ‘सेनवैट क्रेडिट के बिना दो प्रतिशत व सेनवैट क्रेडिट के साथ 12.5 प्रतिशत है.’’ आईईएसए के चेयरमैन अशोक चंडक ने पीटीआई भाषा से कहा, ‘‘अंतिम उत्पाद के विनिर्माता या उत्पादक को सेनवैट क्रेडिट लेने की अनुमति है. इससे आयात के बजाय स्थानीय विनिर्माण को प्रोत्साहन मिलेगा.’’

 

स्थानीय विनिर्माता उत्पादन में इस्तेमाल होने वाली विभिन्न सामग्रियों की खरीद पर दिए गए वैट पर शुल्क लाभ का दावा कर सकते हैं. सेनवैट क्रेडिट में बढ़ोतरी से ऐसी वस्तुओं का आयात करने वालों के बजाय स्थानीय विनिर्माताओं को फायदा होगा.

 

लोकपाल के बजट में तिगुनी वृद्धि, सीवीसी के लिए भी बढ़ाया आबंटन

 

सरकार ने अगले वित्त वर्ष के लिए भ्रष्टाचार रोधी निकाय लोकपाल के वास्ते सात करोड़ रुपये से अधिक का बजट आबंटित किया है.

 

केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) के लिए भी आबंटन करीब सात करोड़ रुपये बढ़ाकर 27.68 करोड़ रुपये किया गया है.

 

वित्त मंत्री अरण जेटली ने अपने बजट भाषण में कहा कि 2015.16 में लोकपाल के संबंध में स्थापना एवं निर्माण से जुड़े खचरें के लिए 7.18 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.

 

सरकार ने पिछले बजट में लोकसभा के संबंध में दो करोड़ रुपये का सांकेतिक प्रावधान किया था. वहीं सीवीसी को पिछले बजट में 20.35 करोड़ रुपये मिले थे.

 

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