मिजोरम की राज्यपाल कमला बेनीवाल की बर्खास्तगी पर बवाल, कांग्रेस ने उठाए सवाल

By: | Last Updated: Thursday, 7 August 2014 1:22 AM
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नई दिल्ली: मिजोरम की राज्यपाल कमला बेनीवाल की बर्खास्तगी पर बवाल शुरू हो गया है. कांग्रेस ने कमला बेनीवाल को बर्खास्त किए जाने को लेकर कांग्रेस ने मोदी सरकार पर सवाल उठाए हैं. कांग्रेस के मीडिया प्रभारी अजय माकन ने कहा है कि अगर बेनीवाल को बर्खास्त ही किया जाना था फिर कुछ दिनों पहले उनका मिजोरम तबादला क्यों किया गया?

 

मनीष तिवारी ने कहा है कि गृहमंत्री को यह सफाई देनी चाहिए कि कमला बनीवाल को क्यों हटाया गया है. 2004 में जब यूपीए सरकार ने जब राज्यपालों का तबादला किया गया था तब बीजेपी कोर्ट चली गई थी.

 

समाजवादी पार्टी ने भी बेनीवाल को बर्खास्त करने पर सवाल उठाए हैं. नरेश अग्रवाल ने कहा है कि पीएम का अधिकार है कि किसे गवर्नर रखे और किसे ना रखें. जिसे दो महीने बाद रिटायर होना था उसे बर्खास्त कर दिया गया. लग रहा है कि गुजरात की कसक निकाली गई है. इतने बड़े पदों पर सरकार का बदला लेना ठीक नहीं है.

 

जबकि कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए सरकार ने कहा है कि कमला बेनीवाल पर संविधान के तहत कार्रवाई हुई है. संसदीय कार्यमंत्री वेंकैया नायडू ने कहा कि कमला बेनीवाल पर गंभीर आरोप हैं.कांग्रेस राजनीतिक फायदे देख रही है.

 

क्या है बेनीवाल  पर आरोप?

सरकार ने  कहा है कि यह फैसला इस रिपोर्ट को देखने के बाद किया गया जहां पर वह पहले राज्यपाल रह चुकी हैं. रिपोर्ट में लिखा है कि बेनीवाल के ऊपर गुजरात में राज्यपाल रहते हुए हवाईयात्रा का गलत इस्तेमाल करने के आरोप है.गुजरात में तीन साल के कार्यकाल में बेनीवाल ने सरकारी हेलिकॉप्टर का 63 बार इस्तेमाल किया. इसमें से 53 बार जयपुर में अपने घर जाने के लिए किया था. 500 दिन राज्य से बाहर रहीं.  मिजोरम की राज्यपाल बनने के बाद वह मिजोरम में वह नहीं रहती हैं, राजस्तान लौट आई हैं.

 

एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार ने कहा कि यह साफ तौर पर राजनीतिक बदला है. सरकार की कार्रवाई दुर्भाग्यपूर्ण है.

 

आपको बता दें कि मिजोरम की राज्यपाल कमला बेनीवाल को उनका कार्यकाल समाप्त होने से महज दो महीने पहले आज बर्खास्त कर दिया गया. गुजरात के राज्यपाल के रूप में उनके और तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी के रिश्ते कड़वाहट भरे थे. लोकायुक्त की नियुक्ति और कुछ अन्य विधेयकों को लेकर दोनों के बीच टकराव हुआ था.

 

सूचना के अनुसार, स्थाई व्यवस्था होने तक मणिपुर के राज्यपाल वी. के. दुग्गल को मिजोरम के राज्यपाल का प्रभार सौंपा गया है . बर्खास्तगी के आदेश के साथ ही राजस्थान से आने वाली 87 वर्षीय कांग्रेस नेता का राज्यपाल के रूप में कार्यकाल समाप्त हो गया है.