आरएसएस के 'हिंदू, हिंदुस्तानी' का नजमा ने किया समर्थन, फिर पलटीं!

By: | Last Updated: Friday, 29 August 2014 7:08 AM
Minister Najma Heptulla issues clarification,denies endorsing Hindutva

नई दिल्ली: अल्पसंख्यक मामलों की मंत्री नजमा हेपतुल्ला के बयान को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक नजमा हेपतुल्ला ने आरएसएस प्रमुख के बयान का समर्थन करते हुए कहा है कि राष्ट्रीय पहचान के तौर पर सभी भारतीयों के लिए ‘हिंदू’ शब्द के इस्तेमाल में कोई गलती नहीं है. अब नजमा हेपतुल्ला ने सफाई देते हुए कहा है कि उन्होंने ‘हिंदू’ नहीं ‘हिंदी’ शब्द का इस्तेमाल किया था.

 

सफाई देते हुए हेपतुल्ला ने कहा, “मेरे शब्दों को गलत तरीके से पेश किया गया है. मैंने कभी नहीं कहा कि इस देश में रहने वाले हर शख्स को हिंदू कहना गलत नहीं है. मैंने भारतीयों के लिए ‘हिंदू’ नहीं, बल्कि ‘हिंदी’ शब्द इस्तेमाल किया था. यह एक अरबी शब्द है और वे सभी भारतीयों को हिंदी कहते हैं. जिस शख्स ने इंटरव्यू लिया है, मुझे लगता है उसने हिंदी को हिंदू समझ लिया होगा.”

 

‘हिंदी’ ‘हिंदू’ वाले इस विवाद की शुरुआत 11 अगस्त को आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बयान से हुई थी. भागवत ने कहा था कि हर भारतीय को हिंदू कहा जाना चाहिए. मोहन भागवत ने कहा था, “अगर इंग्लैंड में रहने वाले अंग्रेज हैं, जर्मनी में रहने वाले जर्मन हैं और अमेरिका में रहने वाले अमेरिकी हैं तो फिर हिंदुस्तान में रहने वाले सभी लोग हिंदू क्यों नहीं हो सकते.”

 

कांग्रेस का वार

 

नजमा हेपतुल्ला के इस बयान पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने कहा है, “नजमा अगर भारत का संविधान पढ़ लें तो बेहतर रहेगा. संविधान में भारत का जिक्र है. उस हिसाब से हर भारत का नागरिक भारतीय है.”

 

संघ विचारक राकेश सिन्हा ने हेपतुल्ला के बयान का समर्थन करते हुए कहा है, “यह विवाद नहीं है. नजमा उस सत्य का उदगार कर रही है जिस सत्य को भारत के नेहरूवादियों ने भारत के इतिहास के डस्टबिन में डाल रखा था. वह मौलाना आजाद की वशंज है. जब पाकिस्तान आंदोलन से पहले भारत के मुसलमानों को हिंदू कहलाने में आपत्ति नहीं थी. आजादी के बाद मुसलमानों को है तो ये आश्चर्य का विषय है.”

इस्लाम के जानकार इमाम उमर अहमद इलियासी ने कहा, “हम मक्का मदीना जाते हैं तो हम लोगों को ‘हिंदी मुस्लिम’ कहा जाता है. हमारे लिए ‘भारतीय’ और ‘हिंदुस्तानी’ होना काफी है. हम सब एक हैं. राष्ट्र सर्वोपरि है. भारत को मजबूत करने की हमें बात करनी चाहिए.