राज ठाकरे ने राज्य की स्वायत्तता की बात कही, कहा लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेगी मनसे

By: | Last Updated: Monday, 13 October 2014 3:24 PM
MNS

मुंबई: राज्यों को स्वायत्तता देने संबंधी अपनी पार्टी की मांग को सही ठहराते हुए राज ठाकरे ने आज कहा कि आगे से महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेगी.

 

राज ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘राष्ट्रीय दलों को लोकसभा चुनाव पर ध्यान केन्द्रित करना चाहिए और राज्य चुनावों को क्षेत्रीय संगठनों के लिए छोड़ देना चाहिए. मैं (उनका दल) आगे से लोकसभा चुनाव नहीं लडूंगा.’’ उन्होंने कहा, ‘‘जब मैं स्वायत्त दर्जे की बात करता हूं तो मैं स्वतंत्रता की बात नहीं कर रहा होता हूं. राज्य के मुद्दों से राज्य सरकारें निबट सकती हैं जबकि अंतर राज्यीय मामलों को केन्द्र पर छोड़ दिया जाना चाहिए.’’ मनसे प्रमुख ने कहा कि वह राज्यों की स्वायत्तता की मांग पर जल्द ही सभी मुख्यमंत्रियों को लिखेंगे.

 

यह पूछने पर कि वह विधानसभा चुनाव लड़ने के अपने निर्णय से पीछे क्यों हट गये, राज ने कहा कि यदि मनसे को बहुमत मिला तो वह स्वयं आगे बढ़कर नेतृत्व करेंगे.

 

चुनाव नतीजों के बारे में उन्होंने कहा, ‘‘ये चुनाव दिलचस्प हैं क्योंकि सभी दल स्वतंत्र रूप से लड़ रहे हैं. लिहाजा नतीजों की भविष्यवाणी नहीं की जा सकती. चुनाव पूर्व सर्वेक्षण या तो धन देकर करवाये गये हैं या कुछ लोगों की दिमाग की उपज हैं.’’ मनसे प्रमुख ने कहा कि नरेन्द्र मोदी जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे तो उन्होंने कहा था कि राज्यों को यदि उनके द्वारा वसूल किया गया कर अपने पास रखने को मिल जाये तो वे आत्मनिर्भर बन जायेंगे. राज ने कहा ‘मैं यह नहीं कह रहा कि राज्य करों को केन्द्र को नहीं सौंपा जाये. मैं तो बस यही कह रहा हूं कि जो काम राज्य स्तर पर हो सकता है उसे केन्द्र के हस्तक्षेप के बिना किया जाना चाहिए.’’

 

यह पूछे जाने पर कि वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अब आलोचना क्यों कर रहे हैं जबकि लोकसभा चुनाव से पहले उन्होंने मोदी की सराहना की थी, राज ठाकरे ने कहा, ‘‘आलोचना करने के बजाय..आप कह सकते हैं कि मैं दुखी हूं कि उन्होंने प्रधानमंत्री बनने के बाद अपना रूख नहीं बदला है. मुख्यमंत्री के तौर पर उन्हें गुजरात के बारे में बोलने का पूरा अधिकार था. लेकिन अब उन्हें बदल जाना चाहिए..उनके बारे में मेरी राय नहीं बदली है.’’ मनसे प्रमुख ने मोदी की इसलिए भी आलोचना की थी कि सीमा पर विवाद होने के बावजूद वह राज्यों के चुनाव प्रचार में व्यस्त हैं. बहरहाल, उन्होंने कहा है कि प्रधानमंत्री के प्रदर्शन को अभी आंकना जल्दबाजी होगा क्योंकि उन्हें पांच साल के लिए चुना गया है.

 

राज ने यह भी कहा कि महाराष्ट्र एवं कर्नाटक के बीच सीमा विवाद एक ऐसा मुद्दा है जिसका संभवत: कभी समाधान नहीं निकल पाये.

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