इंटरव्यू के बाद मोदी के मुरीद हुए फरीद जकरिया ने कभी कहा था- खत्म हो जाएंगे मोदी

By: | Last Updated: Saturday, 20 September 2014 7:25 AM
Modi fareed zakaria interview

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री बनने के बाद पहली बार नरेंद्र मोदी का इंटरव्यू सीएनएन के एंकर फरीद जकरिया ने लिया है. इंटरव्यू के बाद जकरिया ने बताया है कि मोदी बहुत ही स्मार्ट, व्यवहारिक और प्रभावशाली नेता हैं. जकारिया ने मोदी की तारीफ भी की है. हालाकि 2012 में दिए एक इंटरव्यू में जकरिया ने मोदी की आलोचना करते हुए कहा था कि मोदी स्थानीय नेता भी नहीं बन पाएंगे. साथ ही जकरिया ने मोदी को टारगेट करते हुए कहा था कि मोदी जिस मुकाम पर हैं उसे हासलि करने के लिए उन्होंने खास तरह का रास्ता अपनाया है.

 

लेकिन अब दो साल बाद मोदी के प्रति जकरिया का नजरिया बदल गया है और उन्हें लगता है कि पहले उन्होंने मोदी को कमतर आंका था. जकारिया ने मोदी के इंटरव्यू के बाद अपने ब्लॉग में लिखा है, ‘मोदी बहुत ही स्मार्ट और तेज दिमाग वाले नेता हैं, लेकिन मैं अब तक जिन नेताओं से मिला हूं उनसे बिल्कुल अलग हैं मैंने उन्हें कमतर आंका था. . वह पूरी तरह फोकस्ड हैं. वह दुनिया के बड़े नेताओं में शुमार होना चाहते हैं. ‘

 

जकारिया ने कहा है कि मोदी ने उन्हें इंटरव्यू में बताया कि देश और गांवो में घूमने से इतनी अधिक समझ बनी है. मोदी को लोगों को समस्याओं की समझ है. जकारिया ने कहा कि अंतरर्राष्ट्रीय मामलों को भी मोदी बहुत ही समझदारी से हैंडल कर रहे हैं. उन्होंने बहुत ही सधे हुए तरीके से जापान का दौरा किया और अप्रत्यक्ष तरीके से चीन की भी आलोचना की. जापान और चीन दोनों देशो से निवेश लाने में भी सफल रहे. अब उनका फोकस अमेरिका पर है.

 

लेकिन आपको बता दें कि अप्रैल 2001 में अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस के कार्यक्रम ‘एक्सप्रेस अड्डा’ में जकारिया ने यह दावा किया था कि मोदी भारत के राष्ट्रीय स्तर के नेता नहीं बन पाएंगे. जबकि अब उनका कहना है कि मोदी एक वर्ल्ड क्लास नेता हैं. जकारिया ने कहा था, “मुझे तो गलता है कि आने वाले दिसम्बर में वो भारत के स्थानीय नेता भी नहीं रहे जाएंगे. बता दूं कि भारतीय राजनीति में बदलाव आ रहा है. जैसे कि हम पहले भी बात कर चुके हैं कि लोकतंत्र में कई सारी दिक्कतें होती हैं लेकिन कई अच्छी बातें भी हैं. मुझे याद है जब बीजेपी पॉवर में आने वाली थी, तब रथ यात्रा और अयोध्या जैसी घटनाएं भारत में हो रही थीं. देश की छवि बदलकर उस भारत की बन रही थी जिसे मैं नहीं पहचानता था. ऐसा जरूर हुआ लेकिन तभी चीजें बदलीं, स्थिति को संतुलित किया गया, उन्हें ठीक किया गया. ऐसा संतुलन उन तमाम बड़े देशों में होता है जिनमें अलग-अलग समाज के लोग रहते हैं, जो विविधता में विश्वास रखते हैं. “

 

इतना ही नहीं जो जकरिया आज कह रहे हैं कि मोदी बहुत ही स्मार्ट और इंटेलिजेंट नेता हैं उन्होंने इससे पहले मोदी को लेकर कहा था, “मुझे लगता है कि नरेंद्र मोदी ने इन चीजों को हासिल करने के लिए एक खास तरह का रास्ता अपनाया और मैं उस अपनाए गए रास्ते से जबरदस्त तरीके से असहमति जताता हूं. लेकिन वो पूरे भारत का चेहरा नहीं हैं और यह भारत की गलत छवि पेश करता है. भारत की असली छवि ज्यादा जटिल है इसमें क्षेत्रियता में विश्वास, पिछड़ी जातियों के विकास की जैसी बातें है जो कि देश के अगले 10-15 साल की राजनीति तय करने वाले हैं. कार्ल मार्क्स ने कहा था कि इतिहास खुद को दुहराता है. लेकिन भारत में हिंदुत्व का राज हो जाए पर ऐसा नहीं होने जा रहा. “

 

आपको बता दें कि मोदी का यह इंटरव्यू में मोदी ने कहा, “भारत का मुसलमान देश के लिए अपनी जान भी दे सकता है. अल-कायदा को इसका भ्रम है कि भारतीय मुसलमान उसके बहकावे में आएगा.”

 

यह इंटरव्यू 13 सितबर को प्रधानमंत्री आवास पर रिकॉर्ड किया गया था. इसका प्रसारण 21 सितंबर को शाम 4:30 बजे सीएनएन चैनल पर किया जाएगा. इसमें प्रधानमंत्री ने आर्थिक विकास, भारत-चीन संबंध, भरत-अमेरिका संबंध समेत कई अहम मुद्दों पर चर्चा की.