जब मोदी की इस सलाह पर बिना ना नुकर किए केजरीवाल ने अमल करने की भरी हामी

By: | Last Updated: Wednesday, 18 February 2015 5:16 PM
Modi on Kejriwal’s cough

नई दिल्ली: दिल्ली में मुख्यमंत्री बनने के बाद केजरीवाल और पीएम मोदी दूसरी बार मिले. इस बार मुलाकात खास थी क्योंकि पीएम मोदी ने न केवल केजरीवाल से खांसी को लेकर खैरियत पूछी बल्कि उन्हें डॉक्टर के यहां जाने की सलाह भी दी और बेंगलूरु के डॉक्टर का नाम भी बताया.

 

केजरीवाल की खांसी विरोधियों के निशाने पर रही है तो सोशल मीडिया पर भी इसकी खूब चर्चा हुई है. अब एक बार फिर पीएम मोदी के मशविरे ने केजरीवाल की खांसी को सुर्खियों में ला दिया है.

 

केजरीवाल की खांसी पर सोशल मीडिया में खूब चर्चा हुई, राजनीतिक गलियारों में कई किस्से बने. जोक्स बने, नेताओं ने छींटाकशी की.

 

लेकिन अब खबर खांसी को लेकर खैरियत पूछने से और इलाज के लिए डॉक्टर का नाम बताने की है. सलाह प्रधानमंत्री की है और उस पर अमल केजरीवाल को करना है.

 

पुलिस कमिश्नर बीएस बस्सी के घर पर एट-होम यानी अनौपचारिक चाय पार्टी दिल्ली पुलिस के स्थापना दिवस के मौके पर रखी गयी थी. इस चाय पार्टी में कई बड़े नेता शामिल हुए, लेकिन सबकी नजरें टिकी थीं मुख्यमंत्री केजरीवाल और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर. बीच में बैठे थे राजनाथ सिंह. दिल्ली चुनाव में जीत के बाद ये मोदी से केजरीवाल की दूसरी मुलाकात हो रही थी. इसी दौरान केजरीवाल को खांसी आ गई.

 

इस पर राजनाथ सिंह ने पूछा,  ‘आपको खांसी बहुत रहती है!’

 

जवाब में केजरीवाल ने कहा- ‘हां मैं भी परेशान हूं, ठीक ही नहीं होती.’

 

इतने में मोदी ने पूछ लिया ‘आपको इतनी खांसी आती क्यों है? कब से है ये प्रॉब्लम?’

 

इस पर केजरीवाल बोले- ‘कभी-कभी कम हो जाती है. मौसम बदलने या धूल बढ़ने पर बढ़ जाती है.’

 

इस पर मोदी ने कहा, ‘आप बेंगलूरु में डॉ. नगेंद्र से कंसल्ट कीजिए. वे पुरानी खांसी के एक्सपर्ट हैं. मुझे उम्मीद है आपकी खांसी जरूर ठीक हो जाएगी.’

 

जवाब में केजरीवाल ने हामी भरते हुए सिर हिला दिया.

 

कभी मोदी ने मज़ाक उड़ाया था

 

दिलचस्प बात ये है कि ठीक एक साल पहले 18 जनवरी 2014 को नरेंद्र मोदी ने केजरीवाल की खांसी को लेकर मजाक उड़ाया था.  खांसी इस बार भी चुनाव प्रचार में तब सुर्खियों में आई जब कुमार विश्वास ने बयान दे दिया जिसे केजरीवाल की खांसी से प्रॉब्लम है उन्हें केजरीवाल के कमरे में सोना है क्या.

 

चुनाव नतीजों के बाद भी केजरीवाल की तबीयत बिगड़ी थी और शपथ से ठीक पहले तक खांसी की वजह से उन्हें रात को नींद नहीं आती थी.

 

केजरीवाल की खांसी तब से सुर्खियों में हैं जब से वो राजनीति में हैं. 2013 में सरकार बनने के बाद केजरीवाल के साथ-साथ उनकी बिगड़ी तबीयत भी चर्चा में रहती थी. हालत तो तब बिगड़ी जब केजरीवाल सर्द रात में धरने पर बैठ गए और दो रात वहीं गुजार दी. केजरीवाल की खांसी तब बहुत बिगड़ गई थी.

 

अब इस बार जब प्रधानमंत्री ने सलाह दी है तो केजरीवाल भी उस पर अमल की सोच रहे हैं और पार्टी भी कह रही है कि प्रधानमंत्री के दिए पते पर जाकर डॉक्टर से दिखा लें.

 

एक दूसरे पर कभी जुबानी हमले करने वाले मोदी ने केजरीवाल को जो दोस्ताना सलाह दी है उस पर केजरीवाल पर अमल करते हैं कि नहीं ये तो उनके मन की बात है.

 

कौन हैं डॉक्टर नागेंद्र

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केजरीवाल को जिस डॉक्टर के बारे में बताया वो बेंगलूरु में रहते हैं. मोदी से डॉक्टर नागेंद्र का रिश्ता बीस साल पुराना है और अब मोदी ने केजरीवाल की खांसी दूर करने के लिए उनके नाम की सलाह दी है.

 

मोदी ने केजरीवाल को जिन डॉक्टर नागेंद्र से अपनी खांसी का इलाज करने की सलाह दी थी. वो ना तो एमबीबीएस डॉक्टर हैं और न ही ईएनटी स्पेशलिस्ट हैं. बल्कि डॉ नागेंद्र आध्यात्मिक गुरू हैं.

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से डॉक्टर नागेंद्र का रिश्ता बीस साल पुराना है.

 

अब डॉक्टर नागेंद्र का दावा है कि अगर केजरीवाल यहां एक हफ्ते तक योग सीखें तो उनकी खांसी में सुधार हो सकता है.

 

आपको जानकार हैरानी होगी कि डॉक्टर नागेंद्र ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है और मैकेनिकल स्ट्रीम में पीएचडी की है. डॉक्टर नागेंद्र इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस, बैंगलोर में फैकल्टी और अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसी नासा में रिसर्च एसोसिएट रहने के अलावा अमेरिका के हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से भी जुड़े रहे हैं. तीस सालों से योग सिखा रहे डॉक्टर नागेंद्र के पास प्रधानमंत्री दो-तीन बार आ चुके हैं.

 

डॉक्टर नागेंद्र केजरीवाल की 49 दिनों की सरकार के दौरान भी डायबिटीज से दिल्ली को मुक्त कराने के सिलसिले में स्वास्थ्य मंत्री से मिल चुके थे लेकिन तब केजरीवाल की खांसी को लेकर चर्चा नहीं हुई थी.

 

डॉक्टर नागेंद्र ने 1975 में कन्याकुमारी के विवेकानंद केंद्र योग रिसर्च फाउंडेशन में पूर्णकालिक डायरेक्टर को ज्वाइन किया. विवेकानंद केंद्र में योग को युवाओं तक पहुंचाने और उसके विस्तार के लिए डॉक्टर नागेंद्र को चुना गया. यहीं से डॉक्टर नागेंद्र का योग को लेकर समर्पण बढ़ गया. तब से अबतक आप योग का दुनियाभर में विस्तार करने में जुटे हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने जिस विश्व योग दिवस की घोषणा पिछले साल संयुक्त राष्ट्र में की थी उस मुहिम से डॉक्टर नागेंद्र भी जुड़े हैं.

 

योग के प्रति समर्पण के लिए डॉक्टर नागेंद्र को 1997 में केंद्र सरकार की ओर से योग श्री का पुरस्कार भी मिला…डॉक्टर नागेंद्र को जानने वाले उन्हें गुरूजी के नाम से भी बुलाते हैं. डॉक्टर नागेंद्र ने योग पर 30 किताबें लिखी हैं, और योग पर 50 के करीब रिसर्च पेपर भी तैयार किया है.

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Web Title: Modi on Kejriwal’s cough
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