पीएम मोदी आज शाम पांच दिन के दौरे पर जापान रवाना होंगे

By: | Last Updated: Friday, 29 August 2014 1:56 AM
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नई दिल्ली: उपमहाद्वीप से बाहर अपनी पहली विदेश यात्रा के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस सप्ताहांत पर जापान जा रहे हैं. उनकी यह यात्रा सामरिक और वैश्विक सहयोगों को नए स्तर पर ले जाए जाने की आकांक्षाओं के बीच हो रही है.

 

मोदी की चार दिवसीय यात्रा के दौरान रक्षा, असैन्य परमाणु, ढ़ांचागत विकास और ‘रेयर अर्थ मिनरल्स’ के अलावा व्यापारिक संबंधों को बढ़ाना आदि मुख्य प्राथमिकताएं होंगी. इस यात्रा पर मोदी जापान की ‘स्मार्ट सिटी’ क्योटो और राजधानी टोक्यो की भी यात्रा करेंगे.

 

इस यात्रा पर मोदी जापानी प्रधानमंत्री शिजों एबे से विस्तृतत वार्ता करगें और अन्य नेताओं से भी मिलकर सामरिक तथा वैश्विक साझेदारी को आगे ले जाने के तरीकों पर बातचीत करेंगे.

 

प्रधानमंत्री की इस यात्रा के दौरान रखा एवं असैन्य परमाणु संबंधी कुछ समझौतों पर हस्ताक्षर किए जाने की संभावनाएं हैं.

महत्वपूर्ण यात्रा के संबंध में संवाददाताओं को जानकारी देते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरूद्दी ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री की जापान यात्रा बेहद महत्वपूर्ण होगी. इसमें तमाम कार्यक्रम होंगे- परिणाम के संबंध में हमारी आशा है कि भारत और जापान सामरिक तथा वैश्विक साझेदारी को नए स्तर पर ले जाने में सक्षम होंगे.’’

 

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की विशेष अगवानी के लिए जापानी प्रधानमंत्री शिजो एबे स्वयं क्योटो आएंगे. मोदी अपनी यात्रा के पहले चरण में शनिवार को वहां पहुंचेंगे. अपनी यात्रा के दौरान वह देखेंगे कि कैसे जापानी शहरों के उदाहरण को भारत में दोहराया जा सकता है. प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी यात्रा में सबसे पहले क्योटो रूकने का फैसला क्यों किया, इसे स्पष्ट करते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरूद्दीन ने कहा कि क्योटो को स्थानीय बोली में ‘स्मार्ट सिटी’ कहा जाता है और वह सांस्कृतिक परंपराओं तथा आधुनिकता का मेल है. यह भारत में 100 ‘स्मार्ट सिटी’ बनाने के मोदी के दृष्टिकोण से मेल खाता है.

 

यह पूछने पर कि क्या यात्रा के दौरान असैन्य परमाणु समझौते पर हस्ताक्षर होगा, प्रवक्ता ने कहा कि पिछले चार वषरें से चल रही वार्ता में हाल के दिनों में ‘‘महत्वपूर्ण प्रगति हुई है’’ और अब बातचीत तकनीकी स्तर पर चल रही है.

 

उन्होंने कहा, ‘‘हम भारत और जापान में हमारे मित्रों के लिए संतोषजनक परिणाम पाने का प्रयास कर रहे हैं.’’ तमाम सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि यात्रा का मुख्य लक्ष्य संबंधों में विस्तार, भारत में ढ़ांचागत सुविधाओं के विस्तार के लिए जापान का समर्थन पाना और वस्तुओं तथा सेवाओं के क्षेत्र में नए आयामों को तलाशना है.

 

रेखांकित करते हुए कि प्रधानमंत्री देश में ढ़ांचागत सुविधाओं में सुधार चाहते हैं, अकबरूद्दीन ने कहा कि नयी पीढ़ी की अवसंरचना विकास के लिए जिन देशों से सहायता ली जा सकती है उनमें जापान प्रमुखता से आता है.

 

रक्षा के क्षेत्र में दोनों देश पहले से ही सैन्य आदान-प्रदान के क्षेत्र में सहयोग कर रहे हैं और ‘यूएस-2 एम्फिबियस एसॉल्ट एयरक्राफ्ट’ के संयुक्त निर्माण के विषय में बातचीत चल रही है और यात्रा के दौरान इस समझौते पर हस्ताक्षर होने की संभावना है.

 

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरूद्दीन ने कहा कि इसपर कार्य समूह की दूसरी बैठक हाल ही में हुई है ओैर ‘‘चीजें काफी बेहतर हो रही हैं .’’ इस दौरान बुलेट ट्रेन परियोजना पर जापान द्वारा भारत की मदद करने के संबंध में भी बातचीत होगी.

 

‘रेयर अर्थ मिनरल्स’ के क्षेत्र में उन्होंने बताया कि इसमें शामिल दोनों ओर की कंपनियां व्यवसायिक पहलुओं पर काम कर रही है और यह प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद ही समझौते पर हस्ताक्षर हो सकता है.

 

यह देखते हुए कि व्यापार का मौजूदा लक्ष्य दोनों देशों के निकट संबंधों से मेल नहीं खाता, भारत-जापान व्यापार के लिए नए लक्ष्य तय करेंगे . वर्तमान में द्विपक्षीय व्यापार 19 अरब डॉलर का है.

 

जापानी प्रधानमंत्री के क्योटो आने पर, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, ‘‘हम इसे बेहद खास और सुन्दर भाव मानते हैं .’’ अकबरूद्दीन ने कहा, बौद्ध संस्कृति वाला विरासत शहर क्योटो यात्रा को एक विशेष प्रतीकात्मकता प्रदान करता है क्योंकि प्रधानमंत्री की भी दृष्टि भारतीय शहरों को ‘‘पुनर्जीवित’’ करने की है.

 

क्योटो के उदाहरण को वाराणसी में कैसे दुहराया जा सकता है इसका पता लगाने के लिए बातचीत की प्रक्रिया चल रही है. वाराणसी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का संसदीय क्षेत्र है.

 

जापानी प्रधानमंत्री मोदी के लिए रात्रिभोज की मेजबानी करेगे और क्योटो में दोनों नेताओं का एक संयुक्त कार्यक्रम भी होगा.

 

क्योटो के गवर्नर और मेयर से मिलने के अलावा मोदी ‘तोजी मंदिर’ भी जाएंगे. आशा है कि शहर के मेयर सांस्कृतिक रूप से समृद्ध और पर्यावरण हितैषी आधुनिक शहर का रख-रखाव किस तरह से होता है इस संबंध में एक प्रेजेंटेशन भी देंगे. स्टेम सेल अनुसंधान को देखने के लिए प्रधानमंत्री काबे विश्वविद्यालय भी जाएंगे.

 

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरूद्दीन ने कहा, ‘‘यह प्रधानमंत्री की दिलचस्पी वाले तीनों क्षेत्रों को समाहित करता है.. स5यता का पहलू, पर्यावरण हितैषी पहलू और अत्याधुनिक अनुसंधान.’’ क्योटो से प्रधानमंत्री तोक्यो जाएंगे जहां एक सितंबर को अकासका महल में उनका औपचारिक स्वागत किया जाएगा जिसके बाद वह जापानी प्रधानमंत्री शिंजो एबे से लंबी बातचीत करेंगे . जापानी प्रधानमंत्री मोदी के लिए भोज का भी आयोजन करेंगे जिसमें देश के तमाम मंत्री भी हिस्सा लेंगे.

 

मोदी जापानी व्यापारिक समुदाय को भी संबोधित करेंगे. आशा है कि अपने संबोधन में वह दोनों देशों के बीच सहयोग के अपने दृष्टिकोण को रखेंगे . वह जापान के सम्राट अकिहितो से भी मिलेंगे.

 

भारत में शिक्षा के विकास को वह जो महत्व देते हैं उसे देखते हुए वह एक प्राथमिक विद्यालय का दौरा भी करेंगे.

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