भारत में कारोबार सुगम बनाने के लिए पूरे जोश-खरोश के साथ हो रहा है काम: पीएम मोदी

By: | Last Updated: Tuesday, 19 May 2015 6:55 AM
modi_on_asia

सियोल/नई दिल्ली: कोरिया निवेशकों को आमंत्रित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज भारत में उनके लिए कारोबार सुगम बनाने के संबंध में ज्यादा अनुकूल परिस्थितियां तैयार करने के लिए व्यक्तिगत रूप से ध्यान देने का वायदा किया और कहा कि उनकी सरकार भारत को कारोबार के लिए बेहद सुगम स्थान बनाने के लिए पूरे जोश-खरोश के साथ काम कर रही है.

 

सोल में मुख्य कार्यकारियों को ज्यादा स्थिर, भरोसेमंद और पारदर्शी कराधान प्रणाली का वायदा करते हुए उन्होंने अपनी सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का जिक्र किया जिनमें उद्योग एवं बुनियादी ढांचा के लिए मंजूरी प्रक्रिया तेज करने और एफडीआई का उदारीकरण शामिल है.

 

उन्होंने हाल में गठित भारत-दक्षिण कोरिया के मुख्य कार्यकारियों के मंच की पहली बैठक को संबोधित करते हुए कहा ‘‘मैं आपको भारत में बदलाव देखने के लिए आमंत्रित करता हूं. हम आपके लिए परिस्थितियां और अधिक अनुकूल बनाने में आपके साथ काम करने के लिए भी तैयार हैं.’’

 

भारत को संभावनाओं का देश करार देते हुए उन्होंने कहा ‘‘भारत अनुकूल नीतिगत माहौल का भी देश है. इसके अलावा मेरी सरकार की देश की तस्वीर बदलने के लिए नवीकृत प्रतिबद्धता भी है .. हम साथ मिलकर बहुत कुछ कर सकते हैं’’

 

मोदी ने कहा ‘‘इसे कोरिया प्लस के तौर पर जाना जाएगा. इसके अलावा मैं आपको आश्वस्त करता हूं कि यदि कोई समस्या होती है तो मैं व्यक्तिगत तौर पर इस पर ध्यान दूंगा.’’ भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार ने पिछले 11 महीने में कारोबारी माहौल में सुधार और निवेशकों का भरोसा बढ़ाने के लिए कई पहलें की हैं.

 

मोदी ने कहा ‘‘हमारा मानना है कि देश में निवेश आकषिर्त करने के लिए काराबार सुगम बनाना महत्वपूर्ण तत्व है.’’ उन्होंने कहा कि सरकार कराधान प्रणाली को अपेक्षाकृत अधिक स्थिर, भरोसेमंद और पारदर्शी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है.

 

मोदी ने कहा ‘‘हमने कराधान के कई मामले सुलझा लिए हैं जो विदेशी निवेशकों को प्रभावित कर रहे थे.’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि आरंभिक पहलों के अच्छे नतीजे मिले हैं. निजी निवेश का रझान और विदेशी निवेश का प्रवाह सकरात्मक रहा है.

 

उन्होंने कहा ‘‘हमारी वृद्धि दर सात प्रतिशत से अधिक है. अप्रैल 2014 से फरवरी 2015 के दौरान पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले एफडीआई प्रवाह में 39 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई.’’ मोदी ने कहा कि विश्व बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) जैसे कई अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थान आने वाले दिनों में इससे अधिक तेज वृद्धि की भविष्यवाणी कर रहे हैं. उन्होंने कहा ‘‘मूडीज ने हाल ही में आर्थिक खंड में उठाए गए कई ठोस पहलों के मद्देनजर भारत की रेटिंग के परिदृश्य को बढ़ाकर सकारात्मक कर दिया.’’

 

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत विनिर्माण को बड़े पैमाने पर आगे बढ़ाना चाहता है ताकि युवाओं के लिए रोजगार के मौकों का सृजन हो. उन्होंने कहा कि इसके लिए सरकार ने मेक इन इंडिया अभियान शुरू किया है.

 

उन्होंने कहा ‘‘इस अभियान और प्रतिबद्धता में हमारे औद्योगिक बुनियादी ढांचा, नीति एवं व्यवहार को शीर्ष वैश्विक मानकों और भारत को वैश्विक विनिर्माण केंद्र में तब्दील करना शामिल है.’’ मोदी ने कहा कि अन्य प्रतिबद्धताएं. अपेक्षाकृत स्वच्छ और हरित विकास तथा विनिर्माण में पर्यावरण को कोई नुकसान न पहुंचाना (जीरो डीफेक्ट जीरो इफेक्ट) हैं.

 

उन्होंने कहा ‘‘हमने स्वच्छ भारत अभियान शुरू किया है जिसमें बेहतर पर्यावरण अनुकूल प्रौद्योगिकी पर जोर दिया गया है.’’ उन्होंने कहा कि देश भर में डिजिटल बुनियादी ढांचा प्रदान करने के लिए सरकार ने डिजिटल इंडिया कार्यक्रम शुरू किया है.

 

हुंदै मोटर समेत कोरिया की सैंकड़ों कंपनियां भारत में परिचालन कर रही हैं.

 

मोदी ने कहा कि हालांकि अभी भी सुधार की बहुत गुंजाइश है.

 

भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश प्रवाह (एफडीआई) के लिहाज से दक्षिण कोरिया 14वें स्थान पर है.

 

उन्होंने कहा ‘‘मैं स्वीकार कर सकता हूं कि कम एफडीआई की वजह हम हैं आप नहीं. लेकिन मैं आपको कह सकता हूं कि भारत संभावनाओं का देश था और है.’ प्रधानमंत्री ने कहा ‘‘अब भारत अनुकूल नीतिगत माहौल वाला देश भी है. इसके अलावा मेरी सरकार की देश की तस्वीर बदलने के प्रति नयी प्रतिबद्धता भी है. हम अपने लोगों और उद्योग के आपसी फायदे के लिए हाथ मिला सकते हैं. हम साथ मिलकर बहुत कुछ कर सकते हैं.’’

 

मोदी ने कहा कि उनकी सरकार ने जब से कार्यभार संभाला है वह तेज और समावेशी वृद्धि की परिस्थितियां तैयार करने के लिए दिन रात काम कर रही है. उन्होंने कहा ‘‘हम इन सारी चीजों में बड़ी छलांग लगाना चाहते हैं. क्रमिक बदलाव का समय नहीं है. कोरिया में जो क्षेत्र मजबूत हैं वे मेरे देश के विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं. आपमें से कई भारत में पहले से मौजूद हैं. जो वहां कारोबार नहीं कर रहे हैं मैं उन्हें भारत आने और अवसरों की तलाश का आमंत्रण देता हूं.’’ प्रधानमंत्री ने अपनी सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का जिक्र किया जिनमें उद्योग तथा बुनियादी ढांचा क्षेत्र में तेजी से मंजूरी और एफडीआई में उदारीकरण शामिल है.

 

उन्होंने कहा कि भारत अपने रेलवे के आधुनिकीकरण, 50 शहरों में मेट्रो रेल योजना और विभिन्न गलियारों में तेज गति वाली ट्रेनों का इच्छुक है. साथ ही देश को अपने राजमार्गों का भी उन्नयन करना है.

 

मोदी ने कहा ‘‘इस साल हमने इन दोनों क्षेत्रों के लिए अधिकतम आवंटन किया है. इसके अलावा हमने रेलवे को 100 प्रतिशत एफडीआई के लिए खोला है.’’ उन्होंने मुख्य कार्यकारियों को सूचना दी कि भारत एक महत्वाकांक्षी योजना ‘सागरमाला’ के जरिए नए बंदरगाहों का निर्माण और पुराने बंदरगाहों का आधुनिकीकरण कर रहा है.

 

मौजूदा बंदरगाहों के उन्नयन और क्षेत्रीय बंदरगाहों के निर्माण पर भी इसी तरह ध्यान दिया जा रहा है ताकि आर्थिक एवं पर्यटन के लिहाज से महत्वपूर्ण स्थानों का संपर्क बढ़ाया जा सके.

 

मोदी ने कहा कि दोनों देश साथ मिलकर बहुत कुछ कर सकते हैं. उन्होंने भारत के साफ्टवेयर और कोरिया के हार्डवेयर उद्योग के बीच सहयोग समेत कई संभावित अवसरों का उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि सूचना-प्रौद्योगिकी और इलेक्ट्रानिक्स से लेकर वाहन एवं इस्पात तक कोरिया ने विश्व को शानदार उत्पाद दिए हैं. इसी तरह कोरियाई कंपनियां निर्माण क्षेत्र में भी बहुत मजबूत हैं. साथ ही कोरियाइयों के पास शानदार बुनियादी ढांचा और अनुसंधान एवं विकास तथा नवोन्मेष का रिकार्ड है.

 

मोदी ने कहा ‘‘हम भारत में ऐसा बहुत कुछ हासिल करना चाहते हैं जो कोरिया पहले ही प्राप्त कर चुका है. इसीलिए मैं यहां बड़े व्यापार शिष्टमंडल के साथ आया हूं. अच्छी खबर यह है कि जनवरी 2010 में दक्षिण कोरिया और भारत के बीच सेपा (सीईपीए) के बाद द्विपक्षीय व्यापार बढ़ा है.’’ प्राचीन समय से भारत और कोरिया के बीच रहे सौहार्द्रपूर्ण संबंधों को याद करते हुए मोदी ने कहा ‘‘मित्रों, मैं यहां इस संबंध को और मजबूत करने आया हूं.’’ उन्होंने कहा ‘‘मैं यहां गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर आया था और इससे पहले भी आया था. ईमानदारी से कहूं तो मुझे आश्चर्य होता था कि कैसे गुजरात के आकार का एक देश इतनी आर्थिक प्रगति कर सकता है.’’ प्रधानमंत्री ने कहा ‘‘मैं कोरियाई जनता की उद्यमशीलता के जज्बे का सम्मान करता हूं. जिस तरह उन्होंने अपने वैश्विक ब्रांड तैयार किए हैं और उन्हें बरकरार रखा है, मैं उसकी प्रशंसा करता हूं.’’

India News से जुड़े हर समाचार के लिए हमे फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर फॉलो करें साथ ही हमारा Hindi News App डाउनलोड करें
Web Title: modi_on_asia
Explore Hindi News from politics, Bollywood, sports, education, trending, crime, business, साथ ही साथ और भी दिलचस्प हिंदी समाचार
और जाने: asia Narendra Modi PM Modi South Korea
First Published:

Get the Latest Coupons and Promo codes for 2017