कश्मीर पर पीएम के कड़े रुख से सहमा पाकिस्तान, सुरक्षा सलाहकार सरताज अजीज ने माना- गलत वक्त पर हुई हुर्रियत नेताओं से मुलाकात

By: | Last Updated: Sunday, 28 September 2014 3:09 AM

नई दिल्ली: संयुक्त राष्ट्र में पीएम ने कल रात भाषण दिया. पीएम मोदी के भाषण से पहले नवाज शरीफ ने भी संयुक्त राष्ट्र में भाषण दिया था. कश्मीर का मुद्दा उठाया था. पाकिस्तान ने उम्मीद नहीं होगी कि कश्मीर पर पीएम मोदी इतना करारा जवाब देंगे. अब पाकिस्तान के सुरक्षा सलाहकार सरताज अजीज ने माना है कि हुर्रियत नेताओं से मुलाकात गलत वक्त पर हुई.

 

यूएन में मोदी का पाकिस्तान को जवाब-

मोदी ने यूएन में कहा, हमारा भविष्य हमारे भविष्य से जुड़ा हुआ है. पाकिस्तान के लिए भी हमारी यही नीति है.

 

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुनिया के सबसे बड़े मंच से बोलते हुए पड़ोसी देश पाकिस्तान को बता दिया कि भारत उससे दोस्ती चाहता है. लेकिन दो टूक शब्दों में साफ साफ ये भी कहा कि आतंकवाद के साये में बातचीत या दोस्ती मुमकिन नहीं.

 

संयुक्त राष्ट्र के 69वें सत्र में बोलते हुए मोदी ने पाकिस्तान तक ये संदेश पहुंचाया कि उनकी सरकार की पहली प्राथमिकता पड़ोसी देशों के साथ आपसी रिश्ते मजबूत करने की है. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मेरी सरकार ने पहले दिन से ही पड़ोसी देशों से रिश्ते मजबूत करने की कोशिश की.

 

नरेंद्र मोदी ने द्विपक्षीय वार्ता पर पाकिस्तान के साथ बातचीत करने की बात कही.लेकिन भारतीय पीएम ने ये भी साफ कर दिया कि ये बातचीत आतंक के साए में नहीं हो पाएगी. मोदी ने पाकिस्तान का बिना नाम लिए यहां तक कहा कि कई देश आतंकियों को पनाह देते हैं. 26  सितंबर को संयुक्त राष्ट्र में दिए अभिभाषण में पाक पीएम नवाज शरीफ ने एक बार फिर जम्मू-कश्मीर का राग अलापा था.

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नवाज शरीफ के इस रवैये का जवाब दिया और साफ कर दिया कि कश्मीर का मुद्दा दो देशों के बीच ही रहना चाहिए. और इसे संयुक्त राष्ट्र जैसे अंतर्राष्ट्रीय मंच पर उठाना सही नहीं होगा. पीएम के इस दो टूक रवैये का देश में भी स्वागत हुआ है.

 

अमेरिका में होने के बावजूद भी भारत और पाकिस्तान के प्रधानमंत्रियों की मुलाकात नहीं हो पाई. विदेश मंत्रालय के मुताबिक जिन देशों के राष्ट्राध्यक्षों ने मोदी से मिलने की इच्छा जाहिर की थी, उन्हें मोदी ने ना नहीं कहा.

 

पाकिस्तान ने माना ‘टाइमिंग सही नहीं थी’-

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पाकिस्तान को करारा जवाब देने के बाद पाकिस्तान ने भी आखिरकार मान लिया है कि भारत-पाक के विदेश सचिवों की बैठक से पहले भारत में पाकिस्तानी उच्चायुक्त का अलगाववादी नेताओं से मुलाकात करना सही कदम नहीं था. पीटीआई के मुताबिक पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार सरताज अजीज ने कहा कि पाकिस्तानी राजनयिकों और हुर्रयित के नेताओं के बीच पिछले 30 सालों से मुलाकातें होती आई हैं और इसमें कुछ नया नहीं है. लेकिन शायद इस मामले में टाइमिंग पूरी तरह सही नहीं थी, क्योंकि दोनों देशों के बीच कश्मीर पर बाचतीच पूरी तरह शुरु ही नहीं हुई थी.

 

हालांकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संयुक्त राष्ट्र में भाषण से एक दिन पहले सरताज अजीज ने ABP न्यूज से कहा था कि हुरर्यित नेताओं से पाकिस्तान की ओर से बातचीत लंबे अरसे से होती रही है और ये रूटीन बातचीत थी इसमें कुछ भी गलत नहीं था.

 

आपको बता दें कि भारत और पाकिस्तान के विदेश सचिवों के बीच अगस्त 2014 में इस्लामाबाद में मुलाकात और बातचीत होनी थी. लेकिन इस मुलाकात से ठीक पहले दिल्ली में पाक उच्चायुक्त अब्दुल बासित ने अलगाववादी नेताओं से बातचीत की थी जिसके बाद भारत ने इस मुलाकात को रद्द कर दिया था.

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Web Title: modi_on_kashmir
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