बादल राज में कैसे मिलेगा इंसाफ?

By: | Last Updated: Sunday, 3 May 2015 1:05 PM
moga bus: is victim will get justice?

चंडीगढ़/नई दिल्ली: मोगा बस कांड की जांच को लेकर पंजाब की पुलिस सवालों के घेरे में है. एक चश्मदीद ने दावा किया है कि कि पहचान परेड नहीं कराई गई. दूसरी तरफ पीड़ित के पिता का कहना है कि सरकार ने जो मुआवजे की राशि दी है उससे संतुष्ट हैं.

 

पीड़ित से मिलने के बाद सुखबीर के चचेरे भाई मनप्रीत बादल ने कहा एक देश में दो कानून क्यों?

 

छेड़छाड़ की घटना को जिस बस में अंजाम दिया गया, उसकी बस की सीसीटीवी में कैद कुछ तस्वीरें आई हैं. जो कई सवाल खड़े करते हैं. छेड़छाड़ करने वाले आरोपी तो गिरफ्तार हो चुके हैं. लेकिन जिस तरीके से पुलिस जांच को आगे बढ़ा रही है उससे कई सवाल खड़े हो रहे हैं.

 

दिन-रविवार, सुबह करीब 11 बजे का वक्त

 

खबर आई कि मोगा पुलिस आरोपियों की पहचान के लिए लड़की के भाई को बुलाकर ले गई है. साथ में एक और चश्मदीद पुलिस के बुलावे पर पहचान के लिए थाने पहुंचा था. लेकिन जब दोनों बाहर निकले और एबीपी न्यूज को जो कुछ बताया उसने पुलिस की मंशा पर सवाल उठा दिये हैं.

 

इससे पहले पुलिस के बड़े अधिकारियों ने अस्पताल जाकर पीड़ित महिला का भी बयान लिया, लेकिन जिस ऑर्बिट बस को लेकर इतने सवाल उठ रहे हैं उसकी जांच को लेकर पुलिस की ढिलाई साफ दिख रही है.

 

पूरे मामले में पुलिस की भूमिका के साथ ही जांच भी सवालों के घेरे में है. राज्य के डिप्टी सीएम सुखबीर बादल के चचेरे भाई और पीपीपी के अध्यक्ष मनप्रीत बादल भी पीड़ित महिला से मिलने अस्पताल गए थे. मुलाकात के बाद मनप्रीत ने आरोप लगाया कि पुलिस इस मामले में दोहरा रवैया अपना रही है. मनप्रीत के मुताबिक भोपाल गैस कांड और उपहार सिनेमा हादसे में जिस तरीके की कार्रवाई हुई वही कार्रवाई इस मामले में भी होनी चाहिए.

 

मनप्रीत का कहना है कि एक देश में दो तरह के कानून नहीं हो सकते. भोपाल गैस कांड, उपहार सिनेमा कांड जैसे हादसों में कंपनी और मालिक दोषी थे तो फिर इस मामले में सिर्फ ड्राइवर कंडक्टर पर ही कार्रवाई क्यों.

 

जिस ऑर्बिट बस में ये घटना हुई वो पंजाब के मुख्यमंत्री के परिवार की है. यही वजह है कि विरोधी डिप्टी सीएम सुखबीर बादल के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.

 

क्या है मामला

 

बुधवार शाम को बस में सवार महिला और उनकी बेटी के साथ छेड़छाड़ की घटना हुई थी. जिसके बाद आरोपियों ने दोनों को बस से फेंक दिया था. इस घटना में तेरह साल की बच्ची की मौत हो गई जबकि मां अस्पताल में भर्ती है.

 

पीड़ित का पिता संतुष्ट

 

घटना के बाद राज्य सरकार ने नौकरी के साथ 20 लाख रुपये के मुआवजे का एलान किया था. लेकिन पीड़ित परिवार ने इंसाफ की मांग करते हुए मुआवजा लेने से मना कर दिया था. अब लड़की के पिता इसके लिए तैयार हो गए हैं. लेकिन बड़ा सवाल ये है कि क्या पुलिस इस मामले में दोहरा रवैया अपना रही है?

 

बैकफुट पर सरकार

 

मोगा कांड को लेकर हो रहे लगातार प्रदर्शन के चलते बादल सरकार बैकफुट पर आ गई है. सुखबीर सिंह बादल ने फिलहाल अपनी कंपनी ऑर्बिट की बसों को पंजाब से हटा लिया है. बस के स्टाफ को अब अच्छे व्यवहार की ट्रेनिंग दी जाएगी. लेकिन कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ऑर्बिट के मालिक सुखबीर सिंह बादल के खिलाफ केस की मांग पर अड़े हैं.

 

मोगा में 29 अप्रैल को ऑर्बिट कंपनी की बस में छेड़छाड़ का विरोध करने पर एक महिला और उसकी बेटी को फेंक दिया था. बच्ची की मौत हो गई जबकि महिला अस्पताल में भर्ती है.

 

पीड़ित परिवार और विपक्ष मोगा बंस कांड के सिलसिले में ऑर्बिट कंपनी और सुखबीर बादल के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग कर रहा है. विपक्षी दलों ने पीड़ित परिवार को इंसाफ दिलाने के लिए एक कमेटी भी बनाई है जिसने सोमवार को मोगा बंद का एलान किया है.

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Web Title: moga bus: is victim will get justice?
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