मदर टेरेसा मूर्ख थीं, वह गरीबों की नहीं गरीबी की हमदर्द थीं: तस्लीमा नसरीन

By: | Last Updated: Wednesday, 25 February 2015 11:57 AM
Mother Teresa was a fraud,fanatic: Nasreen

नई दिल्ली: विवादित और चर्चित लेखिका तस्लीमा नसरीन ने मदर टेरेसा को लेकर आरएसएस प्रमुख मोहन भगवत के दिए बयान का समर्थन करते हुए मदर टेरेसा पर गंभीर आरोप लगाए हैं.

 

तस्लीमा नसरीन ने ट्वीट करके मदर टेरेसा को मूर्ख बताते हुए कहा कि वह गरीबों की नहीं ग़रीबी की हमदर्द थीं.

 

नसरीन ने ट्वीट किया, “मदर टेरेसा धोखेबाज़ और कट्टर थीं. वह ग़रीबी और दुख को आध्यात्मिक करार देती थीं. उन्हें ग़रीबों से नहीं ग़रीबी से हमदर्दी थी.”

 

विवादित लेखिका ने अपने अगले ट्वीट में लिखा, “जब मैं आंध्र ज्योति तेलगू की ब्यूरो चीफ थी तो मैंने 1975 में हैदराबाद में मदर टेरेसा का इंटरव्यू किया है. मुझे वह बेवकूफ लगीं थीं.”

भागवत के साथ शिवसेना

क्या कहा था भागवत ने?

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा था कि मदर टेरेसा की गरीबों की सेवा के पीछे का मुख्य उद्देश्य ईसाई धर्म में धर्मांतरण कराना था.

 

गैर सरकारी संगठन ‘अपना घर’ की ओर से आयोजित समारोह में भागवत ने कहा था, ‘‘मदर टेरेसा की सेवा अच्छी रही होगी. परंतु इसमें एक उद्देश्य हुआ करता था कि जिसकी सेवा की जा रही है उसका ईसाई धर्म में धर्मांतरण किया जाए.’’

 

उन्होंने कहा था, ‘‘सवाल सिर्फ धर्मांतरण का नहीं है लेकिन अगर यह (धर्मांतरण) सेवा के नाम पर किया जाता है तो सेवा का मूल्य खत्म हो जाता है.’’

 

भागवत के बयान का विरोध

 

मोहन भागवत के बयान के खिलाफ कई लोग खड़े हो गए. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि उन्हें उनके साथ काम करने का मौका मिला था, मदर टेरेसा पवित्र आत्मा थीं उनका सम्मान होना चाहिए उन्हें विवादों में नहीं घसीटना चाहिए.

 

अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को ट्वीट करके कहा, ‘मैंने कुछ महीने कोलकाता स्थित निर्मल हृदय आश्रम में मदर टेरेसा के साथ काम किया है. वह महान इंसान थीं, उन्हें बख्श दिया जाए.’

 

 

आरएसएस का पक्ष-

 

भागवत के बयान पर विवाद बढ़ने के बाद आरएसएस का अब कहना है कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया. संगठन के आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर कहा गया है, “मीडिया गलत तरीके से रिपोर्ट दे रहा है.  भरतपुर में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के पूर्व महानिदेशक ने कहा था कि मदर टेरेसा ने उद्देश्य के साथ सेवा की थी. इसके जवाब में भागवत ने कहा था कि जैसा कि डॉ. एम. वैद्य ने कहा है कि मदर टेरेसा के सेवा का उद्देश्य था, लेकिन हम बदले में किसी चीज की अपेक्षा किए बगैर सेवा करते हैं.”

 

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