एमपी: व्यापम घोटाले पर हंगामे के कारण राज्यपाल नहीं पढ पाए अभिभाषण

By: | Last Updated: Wednesday, 18 February 2015 7:39 AM

भोपाल/नई दिल्ली: मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन आज प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस ने न केवल राज्यपाल रामनरेश यादव के अभिभषण का बहिष्कार किया बल्कि व्यावसायिक परीक्षा मंडल घोटाले में उनके पुत्र का नाम कथित तौर पर सामने आने पर उनसे त्यागपत्र दिये जाने की मांग भी की.

राज्यपाल के सदन में आगमन के पश्चात विधानसभा अध्यक्ष डॉ सीतासरन शर्मा ने कहा कि राज्यपाल का भाषण सदन में पढ़ा हुआ माना जायेगा. उनके इतना कहने के बाद राज्यपाल ने अपने अभिभाषण का पहला और आखिरी पैरा पढ़ा तथा अभिभाषण समाप्त कर दिया.

 

इससे पहले जब राज्यपाल सदन में अपनी आसंदी तक पहुंचे तब कांग्रेस के रामनिवास रावत ने आरोप लगाते हुए कहा कि चूंकि राज्यपाल व्यापम घोटाले से सीधे जुड़े हैं इसलिए उन्हें अपने पद से त्यागपत्र दे देना चाहिये. उन्होंने कहा कि आजादी के बाद आज तक कभी ऐसा नहीं हुआ जब किसी मामले में राज्यपाल को सीधे आरोपी बनाया गया है.

 

इस बीच कांग्रेस के आरिफ अकील, डॉ गोविंद सिंह, महेन्द्र सिंह कालूखेड़ा, सुंदरलाल तिवारी सहित कांग्रेस के कई नेताओं ने राज्यपाल के इस्तीफे की मांग की.

 

जब राज्यपाल ने उनकी मांगों की ओर ध्यान नहीं दिया तो विपक्ष के नेता सत्यदेव कटारे के नेतृत्व में कांग्रेस सदस्य राज्यपाल के अभिभाषण का बहिष्कार करते हुए सदन से बाहर चले गये. इस बीच राज्यपाल भी अपना भाषण समाप्त कर रवाना हो गये. वह लगभग दो मिनट ही सदन में रहे.

 

नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने विपक्ष द्वारा राज्यपाल के अभिभाषण का बहिष्कार किए जाने की निंदा करते हुए कहा कि राज्यपाल सरकार के मुखिया होते हैं और कांग्रेस सदस्यों ने उनका स्वागत करने के बजाय उनका अपमान किया है. विधि एवं संसदीय कार्य मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा ने आरोप लगाया कि विपक्ष के नेता ने परंपरा का पालन भी नहीं किया और अभिभाषण समाप्त होने के बाद वे राज्यपाल को छोड़ने नहीं गये.

 

परिवहन मंत्री भूपेन्द्र सिंह तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री गोपाल भार्गव ने विपक्ष द्वारा राज्यपाल के अभिभाषण का बहिष्कार किए जाने की निंदा करते हुए कहा कि कांग्रेस विकास पर बात नहीं करना चाहती.

 

इससे पहले राज्यपाल ने अपने 47 पृष्ठों के लिखित भाषण में सरकार की एक साल की उपलब्धियों का बखान करते हुए कहा कि सरकार ने जनता के विश्वास पर खरा उतरने की सार्थक कोशिशें की हैं. उन्होंने कहा कि जन संकल्प 2013 और दृष्टिपत्र 2018 को ध्यान में रखकर इस एक साल में तेजी से काम किया गया है.

 

राज्यपाल के अभिभाषण के बाद बीजेपी की अर्चना चिटनीस ने कृतज्ञता ज्ञापन प्रस्ताव पेश किया और रामेश्वर शर्मा ने उस प्रस्ताव का समर्थन किया. विधानसभा अध्यक्ष ने इस प्रस्ताव पर चर्चा के लिये आगामी 20, 23 एवं 24 फरवरी की तिथि निर्धारित की.

 

विपक्ष के नेता सत्यदेव कटारे ने बाद में सदन परिसर में संवाददाताओं से कहा कि चूंकि व्यापमं घोटाले में राज्यपाल के पुत्र शैलेश यादव एवं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह यादव का नाम कथित तौर पर आया है इसलिए दोनों को अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिये.

 

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