सांसद खुद ही तय करना चाहते हैं वेतन-भत्ता, हस्तक्षेप स्वीकार नहीं

By: | Last Updated: Friday, 9 October 2015 2:52 AM

नयी दिल्ली : सांसदों का कहना है कि संसदीय समिति के जरिए अपने वेतन एवं भत्तों को तय करने में उनका मत अंतिम होना चाहिए. जबकि, सरकार ने इस पर सिफारिशें देने के लिए एक स्वतंत्र तंत्र का गठन किया है.

 

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भाजपा सांसद योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सांसदों के वेतन-भत्तों संबंधी संयुक्त समिति में सासंदों ने यह राय जाहिर की. आदित्यनाथ को एक और साल के लिए समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है.

 

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सरकार ने सितंबर के अंतिम सप्ताह में तीन सदस्यीय आयोग बनाने का प्रस्ताव किया था ताकि सांसदों के वेतन-भत्ते तय किए जा सकें. बीते 29 और 30 सितंबर को हुए अखिल भारतीय व्हिप सम्मेलन में भी इस प्रस्ताव का समर्थन किया गया था. यह प्रस्ताव उस विवाद की पृष्ठभूमि में आया है जिसमें जून में एक संसदीय समिति ने सांसदों के वेतन-भत्तों में दोगुना बढ़ोत्तरी करने की सिफारिश की थी.

 

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गुरुवार को संयुक्त समिति की पहली बैठक थी. बैठक में सांसदों के वेतन-भत्ते तय करने के लिए एक स्वतंत्र तंत्र के गठन पर चर्चा हुई. सूत्रों ने बताया कि बैठक में हिस्सा ले रहे ज्यादातर पार्टियों के सांसदों ने साफ किया कि संसदीय समिति अधिदेश को कमजोर नहीं करना चाहिए.

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Web Title: MPs want say in deciding their salary and allowances
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