दुनिया के सामने ‘रक्त-हीन’ साइबर युद्ध का खतरा: पीएम

By: | Last Updated: Wednesday, 1 July 2015 3:05 PM

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्व भर में साइबर सुरक्षा को लेकर व्यप्त चिंताओं को मुखर करते हुए आज कहा कि भारत को ‘रक्त-हीन’ साइबर युद्ध की चुनौतियों से निपटने के तरीके निकालने होंगे. मोदी देश में डिजिटल क्रांति के लिए एक अभियान शुरू किया जिसमें कई बड़ी कंपनियों ने इस क्षेत्र में 4.5 लाख करोड़ रुपए के निवेश की घोषणा की.

 

मोदी ने डिजिटल इंडिया सप्ताह का उद्घाटन करते हुए कहा कि भ्रष्टाचार जैसी समस्याओं से निपटने, पारदर्शी और प्रभावी शासन उपलब्ध कराने तथा गरीब-अमीर के बीच खाई को पाटने के लिये यह जरूरी है.

 

प्रधानमंत्री ने अपनी मंत्रिपरिषद के कई सहयोगियों तथा भारतीय उद्योग जगत की प्रमुख हस्तियों की मौजूदगी में मोबइल सूचना प्रौद्योगिकी पर आधारित राजकाज की सुविधा कायम किए जाने पर बल देते हुए कहा, ‘‘हमें ई-गवर्नेंस से एम-गवर्नेंस की ओर बढ़ना है. एम-गवर्नेंस का मतलब मोदी शासन नहीं है. इसका मतलब मोबाइल-गवर्नेंस है.’’ इस मौके पर कुछ वैश्विक कंपनियों के सीईओ भी मौजूद थे.

 

प्रधानमंत्री ने रेखांकित किया कि भारत के पास आईटी के क्षेत्र में व्यापक संभावनाएं हैं और देश में इलेक्ट्रानिक वस्तुओं के विनिर्माण को प्रोत्साहित करने का वादा किया. उन्होंने इस संदर्भ में विशेष रूप से नई कंपनियों(स्टार्ट अप) का जिक्र किया. आयात के मामले में पेट्रोलियम उत्पादों के बाद इलेक्ट्रानिक वस्तुओं का स्थान है.

 

प्रधानमंत्री मोदी ने आईटी क्षेत्र में भारत की बढत को रेखांकित करते हुए कहा कि ‘रक्तहीन युद्ध’ का बादल दुनिया के उपर मंडरा रहा है. दुनिया इससे भयभीत है..भारत को इसमें बड़ी भूमिका निभानी है.

 

उन्होंने कहा, ‘‘क्या भारत इस बड़ी भूमिका को निभा सकता है? भारत के पास प्रतिभा है. क्या भारत नवपव्र्तन तथा भरोसेमंद समाधान उपलब्ध कराकर दुनिया को ढाल उपलब्ध करा सकता है? हमारे पास इस प्रकार का विश्वास क्यों नहीं होना चाहिए? हमें इस चुनौती को स्वीकार करना चाहिए ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि पूरी मानवता शांति से रहे.’’

 

साइबर सुरक्षा को खतरा के बारे में बात करते हुए मोदी ने कहा, ‘‘10वीं या 12वीं पास कोई व्यक्ति हजारों मील दूर बैठकर बस एक माउस क्लिक कर आपके बैंक खाते को साफ कर सकता है.’’ इस खतरे का समाधान निकालना ही होगा.

 

उन्होंने रेखांकित किया कि जब दुनिया औद्योगिक क्रांति से गुजर रही थी, भारत पीछे रह गया था. प्रधानमंत्री ने कहा कि उनका सपना ऐसा ‘डिजिटल इंडिया’ है जहां सरकारी सेवाएं मोबाइल पर नागरिकों के लिये आसानी से उपलब्ध हों.

 

मोदी ने कहा, ‘‘मेरा डिजिटल इंडिया का सपना है जहां सरकार सक्रियता से सोशल मीडिया के जरिये लोगों से जुड़े..मेरा डिजिटल इंडिया का सपना है जहां साइबर सुरक्षा राष्ट्रीय सुरक्षा का अभिन्न हिस्सा बने.’’ उन्होंने वहां मौजूदा श्रोताओं को मार्टिन लुथर किंग के ऐतिहासिक भाषण की याद दिलायी.

 

आईटी के लाभ का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह भ्रष्टाचार जैसी समस्याओं से निपटने में मदद करता है. उन्होंने कहा, ‘‘प्रौद्योगिकी ने कोयला ब्लाकों की नीलामी में बड़ी भूमिका निभायी. कई कोयला ब्लाकों की नीलामी हुई लेकिन सरकार के खिलाफ कोई आरोप नहीं लगा क्योंकि यह सब पारदर्शी तरीके से किया गया.’’

 

कार्यक्रम में रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी, एडीएजी के चेयरमैन अनिल अंबानी, भारतीय इंटरप्राइजेज के चेयरमैन सुनील मित्तल, टाटा समूह के चेयरमैन साइरस मिस्त्री, आदित्य बिड़ला समूह के प्रमुख कुमारमंगलम बिड़ला तथा विप्रो के अजीम प्रेमजी मौजूद थे.

 

जिन वैश्विक कंपनियों के शीर्ष अधिकारी इसमें उपस्थित थे, उसमें यूरोपीय कंपनी एयरबस के रक्षा एवं अंतरिक्ष इकाई के सीईओ बर्नहार्ड गेरवेर्ट, ताइवानी कंपनी डेल्टा इलेक्ट्रानिक्स के सीईओ पिंग चांग शामिल हैं.

 

इस मौके पर उद्योगपतियों ने डिजिटल क्षेत्र में निवेश के बारे में मंशा जाहिर की. इस बारे में प्रधानमंत्री ने कहा कि 4.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक राशि निवेश होगी तथा 18 लाख से अधिक रोजगार सृजित होंगे.

 

रिलायंस इंडस्ट्रीज के प्रमुख मुकेश अंबानी ने पांच साल में 2.5 लाख करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की और कहा कि इससे पांच लाख रोजगार सृजित होंगे. उन्होंने कहा कि उनकी कंपनी सस्ता उपकरण बनाने के लिये उपकरण बनाने वाली कंपनियों के साथ काम कर रही हैं. कुमार मंगलम बिड़ला ने नेटवर्क शुरू करने तथा बुनियादी ढांचा एवं डिजिटल खंड में अगले पांच साल में सात अरब डालर के निवेश का वादा किया.

 

सुनील मित्तल ने डिजिटल खंड में अगले पांच साल में एक लाख करोड़ रपये के निवेश की प्रतिबद्धता जतायी जबकि अनिल अंबानी ने डिजिटल, क्लाउड एवं दूरसंचार खंड में अगले कुछ साल में 10,000 करोड़ रुपये के निवेश का वादा किया.डेल्टा के सीईओ ने 50 करोड़ डालर के निवेश का वादा किया.

 

डिजिटल क्षेत्र में 2.5 लाख करोड़ रुपये का निवेश करेगी रिलायंस इंडस्ट्रीज : मुकेश अंबानी

 

रिलायंस इंडस्ट्रीज डिजिटल क्षेत्र में 2.5 लाख करोड़ रुपये का निवेश करेगी. कंपनी के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने आज कहा कि इसमें वायरलेस ब्रॉडबैंड ढांचे व मोबाइल हैंडसेटों के विनिर्माण पर निवेश भी शामिल है.

 

डिजिटल इंडिया सप्ताह के शुभारंभ के अवसर पर अंबानी ने कहा कि रिलायंस डिजिटल इंडिया स्तंभों में 2,50,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी. अंबानी की 16 अरब डालर की कंपनी रिलायंस जियो इन्फोकॉम इस साल दिसंबर तक टेलीफोनी व ब्रॉडबैंड सेवाएं शुरू करने की तैयारी में है.

 

निवेश का ब्योरा देते हुए अंबानी ने कहा कि सभी आईपी अगली पीढ़ी के ढांचे, सभी 29 राज्यों में वायरलेस ब्रॉडबैंड ढांचा बिछाया जाएगा. यह दुनिया में सर्वश्रेष्ठ में होगा.

 

अंबानी ने बताया कि जियो राष्ट्रीय स्तर पर एक नया वितरण नेटवर्क स्थापित कर रही है. इससे करीब 1,50,000 छोटे इलेक्ट्रानिक रिटेलरों को स्मार्टफोन व इंटरनेट उपकरणांे की बिक्री व सर्विसिंग करने में मदद मिलेगी.

 

उन्होंने कहा कि इसके अलावा जियो प्रमुख उपकरण विनिर्माताओं के साथ काम कर रही है और उन्हें भारत में उचित कीमत पर स्मार्टफोन व इंटरनेट उपकरण बनाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है.

 

रिलायंस इंडस्ट्रीज के मुखिया ने कहा कि रिलायंस आवश्यक निवेश करने के अलावा कंेद्र व राज्य सरकारों के साथ ई-गवर्नेंस, डिजिटल शिक्षा, डिजिटल स्वास्थ्य, स्मार्ट शहर व ग्रामीण डिजिटल सेवाओं में मजबूती से भागीदारी करने को प्रतिबद्ध है.

 

अंबानी ने कहा कि शहरों व कस्बों में उद्यमशीलता के लिए जियो डिजिटल इंडिया स्टार्ट अप कोष बनाया जाएगा. ‘‘हमारी मंशा उन युवा भारतीयों को प्लेटफार्म उपलब्ध कराने की है, जो भविष्य का डिजिटल कारोबार बनाना चाहते हैं.’’

 

प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में 10,000 करोड़ रुपये निवेश करेगा रिलायंस समूह : अनिल अंबानी

 

अरबपति अनिल अंबानी के रिलायंस समूह ने अगले कुछ वर्षों में डिजिटल, क्लाउड कंप्यूटिंग व दूरसंचार के क्षेत्र में अपने कारोबार का विस्तार करने पर करीब 10,000 करोड़ रुपये का निवेश करने की आज प्रतिबद्धता जताई.

 

यहां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा डिजिटल इंडिया सप्ताह के उद्घाटन के मौके पर अंबानी ने कहा कि रिलायंस समूह ने साल के अंत तक अगली पीढ़ी की विषयवस्तु व क्लाउड डिलीवरी नेटवर्क को पूरी तरह से उपयोग में लाने की योजना बनाई है.

 

उन्होंने कहा कि पांच पूरी तरह से चालू क्लाउड एक्सचेंज प्वाइंट्स से सरकारी विभागों को अपने डाटा केंद्रों में वर्तमान में उपलब्ध गणना की ताकत से 240 गुना अधिक तेज गणना की सुविधा मिलेगी और साथ ही भारत में इस समय उपलब्ध हाई स्पीड स्टोरेज छह गुना से अधिक बढ़ जाएगा.

 

अंबानी ने कहा, ‘‘ हम अगले कुछ वषरें में डिजिटल, क्लाउड और दूरसंचार क्षेत्र में इन परिवर्तनकारी पहल के वित्त पोषण के लिए करीब 10,000 करोड़ रुपये निवेश करने को प्रतिबद्ध हैं.’’ उन्होंने कहा कि डिजिटल लॉकर के लिए उन्होंने व्यक्तिगत रूप से पहल की है. डिजिटल लॉकर एक ऑनलाइन फाइल या डिजिटल मीडिया स्टोरेज सेवा है.

 

उन्होंने कहा, ‘‘ हम विभिन्न कारोबार में अपने 30 करोड़ ग्राहकों -प्रत्येक चार में एक भारतीय को अपना खुद का डिजिटल लॉकर हासिल करने की दिशा में प्रोत्साहित करने के लिए अनूठी योजनाएं भी पेश करेंगे.’’

 

अंबानी ने कहा कि डिजिटल इंडिया की सफलता के लिए ‘असीमित क्लाउड कंप्यूटिंग पावर’ की उपलब्धता अति महत्वपूर्ण है. ‘‘ रिलायंस समूह आज डाटा केंद्र सुविधाएं उपलब्ध कराने वाला भारत का सबसे बड़ा समूह है और देशभर में इसकी 6,00,000 वर्ग फुट की कुल क्षमता है. अगले कुछ वषरें में इसे दोगुना कर 12 लाख वर्ग फुट करने की है.’’

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Web Title: narendra modi
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