वोट बैंक की राजनीति के दिन लद गए: मोदी

By: | Last Updated: Monday, 29 September 2014 10:41 PM

न्यूयार्क: वोट बैंक और तुष्टीकरण की राजनीति के लिए पूर्व की सरकारों की आलोचना करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विकास एवं सुशासन की वकालत की और कहा कि वह नव मध्यम वर्ग के लिए अवसर पैदा करना चाहते हैं जो गरीबी रेखा से बाहर आए हैं.

 

भारतीय राजनीति की दिशा में बदलाव लाने का श्रेय युवाओं को देते हुए मोदी ने कहा कि सरकार बदलने के बाद देश में नयी आकांक्षाओं की लहर सामने आई क्योंकि पूर्व में युवाओं को केवल निराशा ही दिखाई पडती थी.

 

उन्होंने कहा, ‘‘पहले हमारे देश में छोटे छोटे समूहों को खुश रखने की आदत बन गई थी. छोटे छोटे समूहों में बांटो और अपना वोट बैंक बनाये रखों. यह स्थिति अब बदल गई है.’’

 

काउंसिल आन फारेन रिलेशन को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा, ‘‘ भारत में युवा पीढ़ी की सोच बदली है. देश की युवा पीढ़ी टुकड़ों में बंटकर नहीं रहना चाहती है. यह बदलाव युवाओं के कारण आया है.’’ उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने लोकसभा चुनाव में विकास और सुशासन के एजेंडे पर लड़ा था जिन पर आगे बढना वर्तमान राजनीतिक स्थिति में आगे बढना कठिन था जहां वोट बैंक की राजनीति हावी थी.

 

मोदी ने कहा कि यह :विकास एवं सुशासन: भारत की सभी समस्याओं का एकमात्र जवाब है.

 

नव मध्यम वर्ग के लिए तीव्र विकास के लिए अवसर सृजित करने की इच्छा व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार वृद्धि हासिल करने के लिए कृषि, विनिर्माण और सेवा क्षेत्र के बीच संतुलन स्थापित करना चाहती है.

 

उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं लेकिन मध्यम वर्ग में स्थान नहीं बना पाये हैं.

 

देश के विकास का खाका पेश करते हुए मोदी ने कहा, ‘‘अगर हम नव मध्यम वर्ग को नजरंदाज करते हैं तो वे फिर गरीबी की स्थिति में चले जायेंगे, और तब गरीबों की गरीबी से बाहर आने की उम्मीद समाप्त हो जायेगी.’’

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Web Title: Narendra Modi on Vote Bank_
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