पीएमओ की वजह से बच्चों के अधिकार के लिए काम करने वाली संस्था में खाली हैं अहम पद

By: | Last Updated: Saturday, 12 September 2015 6:50 AM
National Commission for Protection of Child Rights

नई दिल्ली: देश में बच्चों के अधिकार के लिए काम करने वाली सबसे बड़ी संस्था के तमाम अहम पद इसलिए खाली पड़े हैं क्योंकि मामला प्रधानमंत्री कार्यालय के पास लंबित है.

 

ये बात केँद्रीय महिला और बाल कल्याण मंत्रालय ने सुप्रीम कोर्ट की की विशेष सोशल जस्टिस बेंच में कही है. राष्ट्रीय बाल अधिकार आयोग यानी NCPCR में अध्यक्ष और 6 सदस्यों की नियुक्ति न करने के लिए लगातार सोशल जस्टिस बेंच की फटकार खा रहे मंत्रालय ने शुक्रवार को गेंद पीएमओ के पाले में डालने की कोशिश की.

 

जस्टिस मदन बी लोकुर और यू यू ललित की इस बेंच के सामने मंत्रालय की तरफ से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल मनिंदर सिंह ने मामले के पीएमओ में लंबित होने की बात कही. उन्होंने कहा कि मंत्रालय ने पिछले साल दिसंबर में कमीशन के अध्यक्ष पद के लिए आए 169 और सदस्य पद के लिए आए 1363 आवेदन पीएमओ को भेज दिए थे. लेकिन पीएमओ ने मार्च में सभी नामों  को ख़ारिज कर दिया.

 

उन्होंने आगे कहा कि पीएमओ ने नए नाम मांगे हैं, जो कि भेजे जा चुके हैं. हालांकि, उन्होंने ये नहीं साफ़ किया कि नए नाम कब भेजे गए हैं. लेकिन बेंच पर इस दलील का कोई असर नहीं हुआ. बेंच ने कहा, “आप हमारे सामने प्रधानमंत्री कार्यालय का नाम मत लीजिये. हम सिर्फ इतना जानते हैं कि हम NCPCR के खाली पद भरने के लिए 3 बार आदेश दे चुके हैं, जिनका पालन नहीं हुआ है.”

 

इस टिप्पणी के साथ ही सोशल जस्टिस बेंच ने एक बार फिर महिला और बाल कल्याण मंत्रालय पर 25 हज़ार रुपये का जुर्माना लगा दिया.

 

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट की सोशल जस्टिस बेंच इससे पहले भी NCPCR के खाली पद न भरने के लिए महिला और बाल कल्याण मंत्रालय  पर 50 हज़ार रुपये का जुर्माना भी लगा चुकी है.

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Web Title: National Commission for Protection of Child Rights
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