नेशनल हेरल्ड: सोनिया बोलीं- मैं इंदिरा की बहू हूं, किसी से नहीं डरती

By: | Last Updated: Tuesday, 8 December 2015 6:05 AM

नई दिल्ली: जिस नेशनल हेरल्ड अखबार को पंडित नेहरू ने 1938 में शुरू किया था उसके मालिकाना हक को लेकर सोनिया गांधी और राहुल गांधी विवादों में घिरे हैं. दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में केस चल रहा है. आज कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी को पेशी से राहत मिल गई है. दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में अगली  सुनवाई 19 दिसंबर को होगी. इसी दिन सोनिया, राहुल को कोर्ट में पेश होना पड़ेगा.

 

इस मामले पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की भी प्रतिक्रिया आई है. सोनिया गांधी ने कहा, ‘मैं ये आप लोगों पर छोड़ती हूं कि आप इसे कैसे जज करें.’ साथ ही सोनिया गांधी ने ये भी कहा है कि वो किसी से नहीं डरतीं. सोनिया ने कहा, ‘राजनीतिक दुर्भावना के बारे में आप (पत्रकार) फैसला करें. मैं इंदिरा गांधी की बहू हूं. किसी से नहीं डरती. मुझे क्यों परेशान होना चाहिए.’

 

इस कोर्ट केस को लेकर कांग्रेस और सरकार में ठन गई है. कांग्रेस सांसद संसद नहीं चलने दे रहे हैं. सोनिया गांधी ने भी सरकार पर गंभीर आरोप लगा दिए हैं. साथ ही आज राज्यसभा और लोकसभा में कांग्रेस ने हंगामा किया है. कांग्रेस ने सरकार पर दुर्भावना और राजनीति बदले की भावना से काम करने का आरोप लगाया है.

राज्यसभा में कांग्रेस के हंगामे पर मोदी सरकार के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि कांग्रेस को न्यायिक प्रक्रिया में भरोसा नहीं, कोर्ट का मामला यहां क्यों उठा रहे हैं.

 

सरकार का कहना है कि ‘जिस तरह से बयान सोनिया ने दिया है उसे सरकार व पार्टी सिरे से खारिज करती है. कौन गलत है कौन सही है ये मीडिया के जरिये तय नहीं होता है अदालत के जरिये तय होता है. न्यायिक प्रक्रिया और अदालत को अपना काम करने दें और संसद को रोकना विकास की प्रक्रिया रोकने के बराबर है.’

 

आज सुनवाई से पहले इस केस की सुनवाई कर रहे जज गोमती मनोचा का तबादला हो गया जिसे रूटीन ट्रांसफर बताया जा रहा है. अब इस केस की सुनवाई नए जज कर रहे हैं.

 

सोनिया राहुल की ओर अभिषेक मनु सिंघवी ने आरोप लागाया है कि स्वामी की ओर से ये पूरी कार्यवाही प्रतिशोध की भावना से की जा रही है. सिंघवी ने कहा, ‘बीजेपी के नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने दुर्भावना से प्रेरित होकर आरोप लगाए हैं, राजनीतिक बदले की भावना से आरोप लगाए गए हैं.’

 

वहीं सुब्रमण्मय स्वामी ने राहुल और सोनिया का पासपोर्ट कोर्ट में जमा करना चाहते हैं. ABP न्यूज से बातचीत में स्वामी ने कहा, ‘पेश न होने की अपील करने पर सोनिया राहुल के पासपोर्ट को कोर्ट जमा कराए.’ स्वामी ने सोनिया, राहुल के देश से भाग जाने की आशंका जताई है.

 

बताते चलें कि नेशनल हेराल्ड केस में 26 जून 2014 को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने सोनिया गांधी, राहुल गांधी के अलावा मोतीलाल वोरा, ऑस्कर फर्नांडीज, सुमन दुबे और सैम पित्रोदा को समन जारी कर पेशी  के आदेश दिए थे. लेकिन दोबारा अपील करने पर दिल्ली हाईकोर्ट ने समन पर रोक लगा दी थी. इसके बाद कल यानि सोमवार को दिल्ली हाईकोर्ट ने दोनों को निचली अदालत में पेशी से छूट देने से इनकार कर दिया था. अब 19 दिसंबर को राहुल और सोनिया कोर्ट में पेश होंगे.

 

क्या है नेशल हेरल्ड मामला?

नेशनल हेराल्ड समाचार पत्र की स्थापना 1938 में भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने की थी.  पैसों की दिक्कत के चलते 2008 में अखबार छपना बंद हो गया. कांग्रेस के इन आला नेताओं सोनिया गांधी, राहुल गांधी के अलावा मोतीलाल वोरा, ऑस्कर फर्नांडीज, सुमन दुबे और सैम पित्रोदा पर अंग्रेजी अखबार नेशनल हेराल्ड का स्वामित्व पाने के लिए धोखाधड़ी करने का आरोप है.  बीजेपी नेता और अधिवक्ता सुब्रमण्यम स्वामी ने कांग्रेस नेताओं पर अंग्रेजी दैनिक नेशनल हेराल्ड का मालिकाना हक हासिल करने के मामले में धोखाधड़ी और 2000 करोड़ रुपये की हेराफेरी करने का आरोप लगाया था.

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Web Title: National Herald: I am daughter in law of Indira Gandhi, not scared of any one- Sonia Gandhi
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