राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति विधेयक की वैधता को अदालत में चुनौती

By: | Last Updated: Saturday, 23 August 2014 5:04 AM
National Judicial Appointment Commission’s validity challenged in the Madras High Court

चेन्नई: संसद के दोनों सदनों से पास हो चुके राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग विधेयक (एनजेएएसी) 2014 को असंवैधानिक और अधिकार के बिना बताते हुये इसकी वैधता को मद्रास हाई कोर्ट में में चुनौती दी गयी है.

 

मुख्य न्यायाधीश संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति एम सत्यनारायण की प्रथम पीठ के समक्ष एक जनहित याचिका (पीआईएल) के माध्यम से इस विधेयक को चुनौती दी गयी. पीठ ने इसे स्वीकार करने हेतु 26 अगस्त को प्रस्तुत करने के लिये न्यायालय की रजिस्ट्री को निर्देश दिया.

 

याचिकार्ता अधिवक्ता ई विजय आनंद ने अपनी याचिका में कहा है कि विधेयक (बिल) को 2014 के संशोधन विधेयक 97 के पूर्व ही पारित कर दिया गया जो संविधान की धारा 368 (2) के तहत नियत की गयी प्रक्रिया है.

 

इसे राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने से पहले ही पारित कर दिया गया. याचिकाकर्ता की ओर से पेश होते हुये वरिष्ठ अधिवक्ता के एम विजयन ने कहा कि वह इस विधेयक को इसलिये चुनौती दे रहे हैं क्योंकि इसने पहले से संविधान की धारा 124 ए के अस्तित्व को मान लिया है जबकि जिस तारीख को यह विधेयक पारित हुआ, संविधान में संशोधन नहीं हुआ था.

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Web Title: National Judicial Appointment Commission’s validity challenged in the Madras High Court
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