क्या बीजेपी को रोकने के लिए हाथ मिलाएंगे उमर और महबूबा?

By: | Last Updated: Wednesday, 24 December 2014 7:48 AM
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नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर में बीजेपी के सरकार बनाने की कोशिशओं को झटका लग सकता है. सूत्रों के हवाले से आई बड़ी खबर के मुताबिक जम्मू कश्मीर की दो घोर विरोधी पार्टियां नेशनल कांफ्रेंस और पीडीपी साथ आ सकती हैं.

सूत्रों के मुताबिक नेशनल कांफ्रेंस की बैठक खत्म हो गई है और इस बैठक में फैसला किया गया है कि नेशनल कांफ्रेंस बिना शर्त पीडीपी को समर्थन देने को तैयार है.

 

कांग्रेस का हाथ पीडीपी के साथ ? 

 

पीडीपी जम्मू कश्मीर में 28 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरी है. वहीं एनसी ने 15 सीटें जीती हैं.

 

कल चुनाव नतीजों के बाद उमर अब्दुल्ला ने दावा किया था कि 7 सीटों पर जीतने वाले अन्य में से 2 एनसी के समर्थन से जीते हैं.

 

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तो इस तरह अगर पीडीपी और एनसी साथ आते हैं और अन्य में से 2 भी साथ आ जाते हैं तो जम्मू कश्मीर में बहुमत का आंकड़ 44 हासिल हो जाएगा. इस तरह पीडीपी और एनसी की सरकार जम्मू कश्मीर में संभव हो जाएगी.

जम्मू-कश्मीर में नेशनल कांफ्रेंस पीडीपी को बिना शर्त समर्थन का एलान कर सकती है. उमर अब्दुल्ला राज्यपाल से मिल उन्हें अपना त्यागपत्र सौंपेगे.

 

पीडीपी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने गठबंधन के सवाल पर कहा कि हम बेहतर विकल्प की तलाश में हैं. हम जल्दबाजी में नहीं हैं.

 

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कांग्रेस ने पीडीपी से अपील की है कि सांप्रदायिक ताकतों को रोकने के लिए उसे कांग्रेस के साथ सरकार बनाने पर विचार करना चाहिए.