चैत्र नवरात्र के साथ शुरु हुआ विक्रम संवत 2072, नवरात्र के पहला दिन मंदिरों में उमड़े श्रद्घालु

By: | Last Updated: Saturday, 21 March 2015 12:07 PM
NAVRATRA_Prime Minister_Narendra Modi

फ़ाइल फ़ोटो: भारतीय पीएम नरेंद्र मोदी

नई दिल्ली: राजधानी समेत देश के अलग – अलग हिस्सों में शनिवार को चैत्र नवरात्र की शुरुआत पर माता के जयकारे के साथ लोंगो ने नवसंवत्सर का स्वागत किया और धर्म एवं आस्था के इस पर्व को पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया.

 

काशी सहित उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों के मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ रही है. चैत्र नवरात्र के पहले दिन देवी दुर्गा के शैलपुत्री स्वरूप की पूजा हो रही है. राज्य के दूर-दराज इलाके से श्रद्घालु देवी मां के दर्शन के लिए काशी पहुंच रहे हैं और परिवार की सुख-शांति के लिए मन्नतें मांग रहे हैं.

 

काशी के अलावा इलाहाबाद, लखनऊ , कानपुर, मेरठ और झांसी में मंदिरों के बाहर सुबह से ही श्रद्घालुओं की लंबी कतारें देखी गईं. पुलिस प्रशासन ने किसी भी तरह की अप्रिय घटना से निपटने के लिए मंदिर परिसरों के बाहर सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया है.

 

लखनऊ के मनकामेश्वर मंदिर के पुजारी छोटेलाल तिवारी ने बताया कि भगवती दुर्गा का पहला स्वरूप शैलपुत्री का है. हिमालय के यहां जन्म लेने से उन्हें शैलपुत्री कहा गया. इनका वाहन वृषभ है.

 

तिवारी ने बताया कि उनके दाएं हाथ में त्रिशूल और बाएं हाथ में कमल है. इन्हें पार्वती का स्वरूप भी माना गया है. ऐसी मान्यता है कि देवी के इस रूप ने ही शिव की कठोर तपस्या की थी और इनके दर्शन मात्र से वैवाहिक कष्ट दूर होते हैं.

 

आचार्य अरविंद त्रिपाठी ने बताया कि नवरात्रि में देवी की पूजा का खास महत्व है. दुर्गा का अर्थ है परमात्मा की वह शक्ति, जो स्थिर और गतिमान है, लेकिन संतुलित भी है. किसी भी तरह की साधना के लिए शक्ति का होना जरूरी है. यह शक्ति हमें देवी मां की पूजा करने से मिलती है.

 

मोदी ने विभिन्न त्योहारों की शुभकामनाएं दीं

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को देशभर में मनाए जा रहे पर्व की शुभकामनाएं दीं. मोदी ने ट्विटर के जरिए देशवासियों को हिंदू नववर्ष विक्रम संवत 2072 की शुभकामनाएं दीं. इसकी शुरुआत 21 मार्च को हुई है. प्रधानमंत्री ने शनिवार से शुरू हो रहे नवरात्र की शुभकामनाएं भी दीं.

 

उन्होंने सिंधी समुदाय को ‘छेती चांद’ की शुभकामनाएं दीं और ट्विटर पर लिखा, “सिंधी समुदाय को छेती चांद के शुभ अवसर पर बधाई. भगवान झुलेलाल हम सभी को आशीर्वाद दें और हमारी जिंदगी में शांति व खुशियां लाएं.”

 

मोदी ने महाराष्ट्र के लोगों को ‘गुडी पड़वा’, आंध्र प्रदेश के लोगों को ‘उगाडी’, कश्मीरियों को ‘नवरेह’, मणिपुर निवासियों को ‘साजिबु नोनग्मपानबा’ की शुभकामनाएं दीं.

 

इस दौरान उन्होंने पारसी समुदाय के लोगों को नवरोज की मुबारकबाद दी.

 

मोदी ने ट्विटर पर लिखा, “मेरे पारसी भाईयों और बहनों को नवरोज मुबारक. आने वाला साल आपकी इच्छाओं को पूरा करे और आपकी जिंदगी में खुशियां लाए.”

 

हरिद्वार: शक्ति के महापर्व पर साधना में जुटे साधक

 

आध्यात्मिक राजधानी कही जाने वाली हरिद्वार नगरी इन दिनों भक्ति के रंग में डूबी है. आज से प्रारंभ हुए शक्ति महापर्व चैत्र नवरात्रि के अवसर पर विश्व भर के साधक हरिद्वार के विभिन्न आश्रमों एवं गंगाघाटों पर आध्यात्मिक अनुष्ठान हेतु पहुंचे हैं.

 

चैत्र नवरात्रि के प्रथम दिन अखिल विश्व गायत्री परिवार के प्रमुख केन्द्र शांतिकुंज में विश्व भर से 20 हजार से अधिक साधक नवरात्रि साधना हेतु पहुंचे हैं.

 

गायत्री साधकों एवं देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को साधक संजीवनी देते हुए डॉ प्रणव पण्ड्या ने कहा कि पर्व मुहूर्त अध्यात्म की ²ष्टि से ही नहीं, वरन विज्ञान की ²ष्टि से भी महत्वपूर्ण है.

 

उन्होंने कहा, “प्रकृति में विशेष शक्ति प्रवाहों के साथ इन दिनों साधना के नियम का पालन करते हुए उपासना करने से आत्म कल्याण और जीवन साधना की प्रगति का द्वार खुलता है.”  उन्होंने कहा कि अपने भीतर श्रेष्ठतम को उभारने और उन्हें आमंत्रण देने की विधा का नाम ही गायत्री साधना है.

 

संवत्सर की यह कालगणना गौरवशाली एवं पूर्णतया पंथ निरपेक्ष है. ब्रह्म पुराण के अनुसार, चैत्रमास के प्रथम दिन ही ब्रह्मा जी ने सृष्टि संरचना प्रारंभ की और इसे ही भारतीय मान्यता के अनुसार चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को नववर्ष का आरंभ मानते हैं.

 

पड्या ने कहा, “इसी प्रतिपदा के दिन कई हजार वर्ष पूर्व उज्जयनी नरेश महाराज विक्रमादित्य ने विदेशी आक्रांत शासकों से भारत-भू का रक्षण किया और इसी दिन से काल गणना प्रारंभ की.” उन्होंने कहा कि इस नवसंवत्सर को ‘कीलक’ का नाम दिया गया है.

 

नवसंवत्सर के सूर्य की प्रथम किरण के साथ ही गंगा घाटों पर सूर्य अघ्र्यदान के साथ साधक अपनी विशेष साधना में लीन हो गए हैं.

 

नवरात्र: विंध्याचल में सुरक्षा रहेगी चाक चौबंद

 

नवरात्र मेले की सुरक्षा के मद्देनजर उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले के विंध्याचल में सुरक्षा चाक चौबंद रहेगी.

पुलिस अधीक्षक दिनेश चंद्र ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए दो अपर पुलिस अधीक्षकों की तैनाती कर दी है. अपर पुलिस अधीक्षक(सिटी) ए.के. सिंह के अलावा एक अपर पुलिस अधीक्षक गैर जिले से मेला सुरक्षा के मद्देनजर बुलाया जा रहा है. इसके अलावा एक हजार कांस्टेबल, दो कंपनी पीएसी, 200 सब इंस्पेक्टर व इतने ही हेड कांस्टेबल मेले की सुरक्षा के लिए तैनात किए जाएंगे.

 

एसपी ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था चौकस रखने के लिए चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल की तैनाती करने की योजना तैयार की है. अपनी योजना को अमली जामा पहनाने के लिए उन्होंने अन्य जिले से एक अपर पुलिस अधीक्षक के अलावा 12 पुलिस उपाधीक्षकों की भी ड्यूटी यहां लगवा ली है.

 

मेला प्रभारी चंद्रमौलि त्रिपाठी के मुताबिक, मेला क्षेत्र में गुंडा दमन दल, एलआईयू की भी टुकड़ी तैनात की गई है. विस्फोटक पदार्थों को निष्क्रिय करने के लिए बम डिस्पोजल दस्ते के जवान भी विंध्यधाम में मेला के दौरान मौजूद रहेगी. मेला क्षेत्र को सुरक्षा के मद्देनजर आठ जोन व 18 सेक्टरों में विभक्त किया गया है.

 

प्रत्येक जोन में एक जोनल मजिस्ट्रेट के अलावा सेक्टर मजिस्ट्रेट की तैनाती कर दी गई है. आग से निपटने के लिए फायर बिग्रेड के जवानों को भी तैनात किया जाएगा. आधा दर्जन दमकल गाड़ियों को विभिन्न स्थानों पर रखा जाएगा, ताकि जरूरत पड़ने पर उसका उपयोग किया जा सके.

 

हिमाचल प्रदेश के मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी

 

हिमाचल प्रदेश में नौ दिनों के चैत्र नवरात्र पर्व की शुरुआत पर शनिवार को मंदिरों में लाखों की संख्या में श्रद्धालु पूजा अर्चना के लिए पहुंचे. एक अधिकारी ने बताया कि बिलासपुर जिले के नैनादेवी मंदिर, उना जिले के चिंतपुरनी मंदिर और कांगड़ा जिले के ज्वालाजी एवं ब्रजेश्वरी देवी मंदिर में भक्तों की बड़ी भीड़ देखी जा रही है.

 

ब्रजेश्वरी देवी मंदिर के अधिकारी पवन बडयाल ने आईएएनएस को बताया, “नौ दिनों के पर्व के दौरान हर रोज 15,000 से 20,000 श्रद्धालु मंदिर के दर्शन को आते हैं.” चैत्र नवरात्र का समापन 28 मार्च को रामनवमी के पर्व के साथ होगा.

 

बडयाल ने कहा कि नवरात्र के आखिरी दो दिनों में मंदिर श्रद्धालुओं के लिए तड़के 2.30 बजे से खुला रहेगा, जबकि सामान्य दिनों में मंदिर के खुलने का समय तड़के चार बजे से रात्रि 10 बजे तक है.

 

चैत्र नवरात्र के दौरान श्रद्धालु ब्रजेश्वरी देवी, नैना देवी, चिंतपुरनी और ज्वालाजी मंदिरों का लाइव दर्शन भी देख सकेंगे और उनके लिए ऑनलाइन पूजा-अर्चना की सुविधा भी उपलब्ध होगी.

 

सिनेजगत में त्योहारों को लेकर जश्न का माहौल

 

विभिन्नता में एकता की मिसाल यहां सिनेजगत में देखी गई, जब अमिताभ बच्चन, लता मंगेशकर, हेमा मालिनी और फरहान अख्तर जैसी हस्तियों ने शनिवार को त्योहारों के मौसम के लिए लोगों को बधाइयां और शुभकामनाएं दी.

 

चैत्र नवरात्र की शुरुआत शनिवार से हुई है, जिसे दक्षिण में भी ‘गुडी पडवा’ और ‘उगाडी’ के रूप में मनाया जाता है.

 

चैत्र नवरात्र के पहले दिन सिंधी समुदाय के लोग ‘छेती चांद’ और कश्मीर सहित देश के कई हिस्सों में ‘नवरेह’ का पर्व मनाते हैं. सिने हस्तियों ने ट्विटर पर लोगों को पर्वो की बधाइयां दी.

 

अमिताभ बच्चन: आप सभी को शुभकामनाएं. मेरी सभी पारसी मित्रों को हैप्पी नवरोज और राजस्थान वासियों को गंगौर पर्व की शुभकामनाएं. हैप्पी पुडी पडवा.

 

लता मंगेश्कर: आप सब को गुडी पडवा, चैत्र नवरात्रि, उगाडी, छेती चांद की बहुत बहुत शुभकामनाएं. आप के जीवन में खुशियां हों. यही मेरी मंगल कामना है.

 

हेमा मालिनी: आप सबको हैप्पी गुडी पडवा और हैप्पी उगाडी.

 

माधुरी दीक्षित ने मराठी में लिखा, “तुम्हा सर्वाना गुडी पडवा अनि नूतन वर्षाच्या हार्दिक सुभेच्छा. (आप सब को गुडी पडवा और नए साल की शुभकामनाएं).”

 

बोमन ईरानी: सबको नवरोज मुबारक.

 

अनुपम खेर: हैप्पी उगाडी, हैप्पी गुडी पडवा, हैप्पी छेती चांद, हैप्पी नवरोज और हैप्पी नवरेह. आपसब को प्यार, शांति और खुशियां मिलें.

 

फरहार अख्तर: आप सब को गुडी पडवा, उगाडी, छेती चांद, नवरोज की शुभकामनाएं देता हूं. नाम अलग-अलग हैं पर खुशियां और जश्न हम एक ही तरह से मनाते हैं.

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