NCTC के मुद्दे पर मुख्‍यमंत्रियों की बैठक आज

NCTC के मुद्दे पर मुख्‍यमंत्रियों की बैठक आज

By: | Updated: 04 May 2012 10:38 PM


नई
दिल्‍ली:
क्या केंद्र सरकार
एनसीटीसी
यानी नेशनल काउंटर
टेररिज्म सेंटर के गठन के लिए
राज्यों को मना पाएगी या
राष्ट्रपति चुनाव तक इसे
ठंडे बस्ते में डाल दिया
जाएगा? ये ऐसे सवाल हैं जिनका
जवाब ढूढने के लिए गृह
मंत्रालय आज राज्‍यों के
मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक
कर रहा है.

बैठक में
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह
और गृह मंत्री पी चिदंबरम
एनसीटीसी का विरोध करने वाले
मुख्यमंत्रियों को ये भरोसा
दिलाने की पूरी कोशिश कर रही
है कि केंद्र सरकार राज्यों
का हक नहीं मार रही है.

दिल्ली
के विज्ञान भवन में केंद्र
सरकार राज्यों के
मुख्यमंत्रियों को ये
समझाने की कोशिश कर रही है कि
आतंकवाद से लड़ने के लिए
एनसीटीसी बनाने की जरुरत
क्यों है? लेकिन सहयोगी दलों
और गैर कांग्रेस शासित
राज्यों के जबरदस्त विरोध की
वजह से ये आसान नहीं होगा.




बैठक शुरू होते ही गृह मंत्री
पी चिदंबरम ने कहा कि
आतंकवादी राज्‍यों की सीमा
नहीं देखते हैं और आतंकवाद से
लड़ना राज्‍य और केंद्र
दोनों की साझा जिम्‍मेदारी
है.




वहीं, प्रधानमंत्री मनमोहन
सिंह ने मुख्‍यमंत्रियों से
कहा कि आतंकवाद से लड़ने के
लिए राज्‍यों और केंद्र में
तालमेल जरूरी है.




उन्‍होंने कहा, 'एनसीटीसी के
जरिए हमारा मकसद राज्‍यों का
हक मारना नहीं है. देश के लिए
रणनीति बनाना केंद्र की
जिम्‍मेदारी है और आतंकवाद
से लड़ने के लिए
केंद्र-राज्‍यों में तालमेल
जरूरी है.'

केंद्रीय गृह
मंत्रालय एनसीटीसी के तहत
सुरक्षा एजेंसियों को कहीं
भी और किसी भी संदिग्ध
आतंकवादी की तलाशी और
गिरफ्तारी का अधिकार देने की
वकालत कर रहा है, जबकि
राज्यों को लगता है कि ये
उनके अधिकार क्षेत्र में
दखलनदाजी है. यही वजह है कि
करीब दस राज्यों के
मुख्यमंत्री एनसीटीसी के
सख्त खिलाफ हैं.

इनमें
पश्चिम बंगाल के
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी,
तमिलनाडु की मुख्यमंत्री
जयललिता, ओडिशा के
मुख्यमंत्री नवीन पटनायक,
पंजाब के मुख्यमंत्री
प्रकाश सिंह बादल, बिहार के
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार,
गुजरात के सीएम नरेंद्र मोदी,
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री
शिवराज सिंह चौहान,
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री
रमन सिंह और हिमाचल प्रदेश के
सीएम प्रेम कुमार धूमल शामिल
हैं.

हालांकि केंद्रीय
गृह मंत्री पी चिंदबरम को
पूरा भरोसा है को वो एनसीटीसी
के गठन के लिए इन नाराज
मुख्यमंत्रियों को मना
लेंगे.

गृह मंत्री भले ही
लाख दावा करें लेकिन
एनसीटीसी पर आम सहमति आसान
नहीं है, ऐसा इसलिए भी
क्योंकि आज होने वाली
मुख्यमंत्री की बैठक में देश
के सबसे बड़े राज्य उत्तर
प्रदेश के मुख्यमंत्री
अखिलेश यादव नहीं शामिल हो
रहे.

हालांकि एनसीटीसी का
सबसे ज्यादा विरोध करनेवाले
मुख्यमंत्रियों में नवीन
पटनायक, जयललिता, ममता बनर्जी
और नरेंद्र मोदी बैठक में
मौजूद रहेंगे. माना ये भी जा
रहा है कि राष्ट्रपति चुनाव
तक सरकार ममता बनर्जी को
नाराज करना नहीं चाहेगी और तब
तक एनसीटीसी को ठंडे बस्ते
में डाल दिया जाएगा.




क्या है एनसीटीसी?




नेशनल काउंटर टेरिज्म सेंटर
यानी एनसीटीसी आतंकवाद के
खिलाफ गृह मंत्रालय की एक
महात्वाकांक्षी परियोजना
है, जो गृह मंत्री पी चिदंबरम
की पहल पर गठित की गई है.

एनसीटीसी
एक ऐसी ताकतवर एजेंसी है,
जिसका काम आतंकवादी घटनाओं
को रोकन के लिए सूत्रधार की
भूमिका निभाना है. एनसीटीसी
तमाम सुरक्षा एजेंसियों के
बीच तालमेल बनाए रखने का काम
करेगा. आतंकवाद से जुड़ी
जानकारियों को इकट्ठा करेगा,
उसकी जांच-परख करेगा और
ऑपरेशन को अंजाम देगा.

देश
की सभी सुरक्षा एजेंसियां
एनसीटीसी को आतंकवाद से
जुड़ी जानकारी देंगी.
एनसीटीसी सभी आतंकवादी
सगठनों और आतंक से जुड़ी हर
जानकारी का डेटा बैंक बनाएगा.
एनसीटीसी जरूरत पड़ने पर
आतंकवादियों के खिलाफ
ऑपरेशन के लिए एनएसजी और
दूसरे स्पेशल फोर्स की मदद भी
लेगा.

एनसीटीसी को
आतंकवाद से जुड़े किसी भी
मामले में देश भर में कहीं भी
छापेमारी, तलाशी, गिरफ्तारी
और ऑपरेशन का अधिकार होगा.
इसके लिए एनसीटीसी को राज्य
सरकार या राज्य पुलिस की
अनुमति की जरूरत नहीं होगी.




एनसीटीसी आईबी के तहत आएगा.
इसका प्रमुख एक डायरेक्टर
होगा जो आईबी में एडिशनल
डायरेक्टर रैंक का होगा.

एनसीटीसी
को एक मार्च से अस्तिव में
आना था, लेकिन सरकार की
सहयोगी दलों और कई
मुख्यमंत्रियों की विरोध की
वजह से ऐसा नहीं हो पाया है.





यूपीए सरकार की अहम सहयोगी
ममता बनर्जी समेत करीब 10
राज्यों के मुख्यमंत्रियों
का कहना है कि एनसीटीसी को
केंद्र की ओर से दी कानूनी
ताकत देश के संघीय ढांचे के
लिए खतरा है. इससे केंद्र और
राज्य के बीच संबंध बिगड़ने
का खतरा है.




संबंधित खबरें




केंद्र
राज्‍यों के बीच तकरार






NCTC
पर चिदंबरम का खत






NCTC
के खिलाफ ममता दीदी










फटाफट ख़बरों के लिए हमे फॉलो करें फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर और डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App
Web Title:
Read all latest India News headlines in Hindi. Also don’t miss today’s Hindi News.

First Published:
Next Story कुलभूषण जाधव मामला: भारत-पाकिस्तान को लिखित दलीलें जमा करने की समयसीमा तय