देशभर में मैगी हुई बैन, FSSAI ने जांच में मिले नौ वेरियंट को खतरनाक माना

By: | Last Updated: Friday, 5 June 2015 7:40 AM
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नई दिल्ली : मैगी की जांच करने वाली सबसे बड़ी संस्था FSSAI (भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण) ने मैगी के 9 वेरियंट को खतरनाक माना है. जांच में मैगी ब्रांड के नौ तरह के नूडल को खाने के लिए असुरक्षित और खतरनाक पाया गया है.

 

एफएसएसएआई ने नेस्ले से कहा कि वह तुरंत प्रभाव से इनका उत्पादन, आयात और बिक्री रोके. एफएसएसएआई ने कहा कि नेस्ले ने उत्पाद मंजूरी लिये बगैर और बिना जोखिम एवं सुरक्षा आकलन के ही ‘मैगी ओट्स मसाला नूडल्स’ पेश किया है. उत्पाद को वापस लेने का निर्देश दिया गया है.

 

एफएसएसएआई ने कहा कि नेस्ले ने स्वाद बढ़ाने वाले तत्व ‘एमएसजी’ पर लेबलिंग नियमन का उल्लंघन किया.

 

 नेस्ले ने कहा- लोगों का विश्वास हिला, इसलिए बाजार से हटाया

मैगी पर मचे हंगामे के बीच नेस्ले की सफाई आई है. नेस्ले ने फिर भरोसा दिलाया है कि भारत में मैगी पूरी तरह सुरक्षित है लेकिन इसे इसलिए बाजार से हटाया गया क्योंकि लोगों का भरोसा हिल गया था.

 

नेस्ले के ग्लोबल सीईओ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा, “हम मैगी में मोनो सोडियम ग्लूटामेट यानी MSG नहीं मिलाते है. हो सकता है मैगी में इस्तेमाल होने वाले गेहूं जैसी प्राकृतिक चीजें से MSG आ गया हो.”

 

नेस्ले ने मैगी में लेड मिलने की बात को पूरी तरह खारिज कर दिया. कंपनी ने कहा कि मैगी फिर भारत के बाजार में लौटेगी. साथ ही यह भी साफ कर दिया है कि अब नेस्ले मैगी के पैकेट पर लिखे ‘एमएसजी रहित’ का लेबल हटा देगी.

 

आज बीजेपी सांसद किरीट सोमैया ने इसे नेस्ले के खिलाफ साजिश बताई थी लेकिन इस पर नेस्ले के ग्लोबल सीईओ ने कहा- कोई अनुमान नहीं लगा सकते.

 

नेस्ले ने सफाई में क्या कहा-

  • हम मैगी में एमएसजी नहीं मिलाते।इस मामले की जांच कर रहे हैं की कैसे एमएसजी की मात्रा जांच में मिली.

  • हमको मैगी में सीसा और एमएसजी की जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स के ज़रिये मिली.

  • मैगी नूडल को बाजार से भ्रम के कारण वापस लिया गया है क्योंकि उपभोक्ताओं का भरोसा हिल गया है.

  • हम मैगी नूडल में अतिरिक्त एमएसजी नहीं मिलाते, उत्पाद पर से ‘एमएसजी रहित’ का लेबल हटाएंगे.

  • हमारी प्राथमिकता सरकार को उत्पाद सुरक्षा के संबंध में स्पष्टीकरण देकर जल्द से जल्द बाजार में वापस लौटना है.

  • आंतरिक परीक्षण में मैगी के 1,000 बैच के उत्पादों में कोई सीसा नहीं पाया गया.

  • भारत हमारे लिए महत्वपूर्ण है, इसीलिए हम यहां पर हैं.

  • हमने हज़ारो सैंपल की टेस्टिंग की लेकिन उसमें कोई लैड नहीं मिला

  • जो संदेह पैदा हुए हैं, उन सभी पर सफाई देंगे.

  • उपभोक्ताओं की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है
     

आपको बता दें कि नेस्ले इंडिया ने मैगी नूडल्स के आरोपों में घिरने के चलते मैगी को बाजार से पूरी तरह हटाने का फ़ैसला किया है. हालांकि इस फैसले के साथ ही नेस्ले ने मैगी को पूरी तरह सुरक्षित होने का दावा भी फिर से दोहराया है.

 

मैगी पर बैन का सिलसिला और तेज

भारत में मैगी पर बैन का सिलसिला और तेज हो गया है. दिल्ली, उत्तराखंड, गुजरात, जम्मू कश्मीर के बाद मध्य प्रदेश में भी मैगी पर प्रतिबंध लगा दिया गया है.
 

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि जब तक मैगी में खतरनाक तत्वों को लेकर छिड़े विवाद पर स्थिति साफ नहीं हो जाती है तब तक मैगी नहीं बिकेगी.

 

बिहार में भी मैगी को एक महीने के लिए मैगी को बैन कर दिया गया है. लेड की जरूरत से ज्यादा मात्रा पाए जाने के बाद नीतीश सरकार ने यह फैसला लिया है.

 

इसी बीच केंद्र सरकार ने मैगी पर छिड़े विवाद को लेकर रिपोर्ट मांगी है. केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव से मैगी पर रिपोर्ट देंगे.

 

सिर्फ भारत में ही नहीं नेपाल भी मैगी की जांच कर रहा है. पड़ोसी देश सिंगापुर में भारत में बनी मैगी की बिक्री पर रोक लग गई है. सिंगापुर के फूड विभाग ने आदेश दिए हैं.

 

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