‘नेट न्यूट्रेलिटी’ को लेकर राहुल ने बोला मोदी सरकार पर हमला

By: | Last Updated: Wednesday, 22 April 2015 3:41 PM

नई दिल्ली: नेट निरपेक्षता के मुद्दे को उठाते हुए राहुल गांधी ने आज संसद में मोदी सरकार पर फिर हमला बोला और आरोप लगाया कि सरकार कुछ कारपोरेट घरानों को इंटरनेट स्पेस सौंपने का प्रयास कर रही है. हालांकि सरकार ने इस मामले में फौरन पलटवार करते हुए कहा कि संप्रग शासन घोटालों से घिरा रहा और इंटरनेट पर अंकुश लगाने के प्रयास किये गये थे.

 

भूमि विधेयक एवं किसानों के मुद्दे के बाद अब राहुल ने लोकसभा में तीन दिनों के भीतर अपने दूसरे भाषण में इंटरनेट तक सभी लोगों विशेषकर युवाओं की समान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए एक नया कानून को लाये जाने की मांग की.

 

राहुल के भाषण के फौरन बाद दूरसंचार मंत्री रविशंकर प्रसाद ने सरकार की ओर से सदन में मोर्चा संभालते हुए उनकी आलोचनाओं का जवाब दिया. उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार डिजिटल भारत के पक्ष में है तथा लोगों को किसी भेदभाव के बिना इंटरनेट मुहैया कराया जा रहा है.

 

इस मुद्दे को उठाने के लिए राहुल ने प्रश्नकाल की जगह कार्यस्थगन प्रस्ताव पर विचार करने का नोटिस दिया था. लेकिन वह इस मुद्दे को शून्यकाल में ही उठा पाये.

 

राहुल ने कहा, ‘‘यह सरकार इंटरनेट को अलग कर देना चाहती है और उसे कुछ कारपोरेट को सौंपना चाहती है. सरकार इंटरनेट को उद्योगपतियों को सौंपना चाहती है. प्रत्येक युवक की इंटरनेट तक पहुंच होनी चाहिए.’’ राहुल ने जब सदन में यह मांग उठायी तो उनकी पार्टी के सदस्यों ने मेजें थपथपाकर उनकी इस मांग का समर्थन किया.

 

इससे पहले राहुल ने सोमवार को सदन में मोदी सरकार पर कई बार कटाक्ष किये तथा उसे ऐसी सूट बूट की सरकार बताया जो उद्योगपतियों की समर्थक एवं किसान विरोधी है.

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Web Title: Net Neutrality
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