गोरखपुर में कचरे को लेकर एनजीटी ने यूपी सरकार को लगाई फटकार, रिपोर्ट मांगी

By: | Last Updated: Thursday, 8 October 2015 2:37 PM

नई दिल्ली: गोरखपुर जिले में कचरे को इकट्ठा करने और उनके निपटान को लेकर उत्तरप्रदेश सरकार और नगर निकायों के ढीले ढाले रवैये पर कड़ा रूख अपनाते हुए राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण(NGT) ने कहा कि वे ‘‘लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ नहीं कर सकते.’’ न्यायमूर्ति स्वतंत्रत कुमार की अध्यक्षता वाली पीठ ने उत्तरप्रदेश सरकार से पूछा, ‘‘आप लोग पिछले 25 वर्षों से क्या कर रहे हैं? हम केवल पर्यावरण को लेकर चिंतित हैं.

 

आप लोगों के स्वास्थ्य से इस तरह से खिलवाड़ नहीं कर सकते. प्रशासन का क्या मतलब है? यह लोगों की कठिनाइयों का समाधान करना है. हमारे पास कई कानून हैं. क्या आप अपने राज्य में एक भी जिले का नाम बता सकते हैं जो प्रदूषण मुक्त है.’’ NGT ने गोरखपुर के डिविजनल आयुक्त की भी आदेश के बावजूद पीठ के समक्ष उपस्थित नहीं होने के लिए खिंचाई की.

 

गोरखपुर नगर निगम के वकील ने जब बताना चाहा कि राज्य चुनाव आयोग ने उन्हें एक नवम्बर तक ड्यूटी पर लगा रखा है तो पीठ ने नाराजगी जताते हुए कहा, ‘‘कोई चुनाव आयोग किसी अदालत या न्यायाधिकरण के आदेशों के उल्लंघन का निर्देश नहीं दे सकता.’’ पीठ ने कहा, ‘‘भारत के इतिहास में किसी भी चुनाव आयोग ने किसी न्यायिक आदेश के उल्लंघन का आदेश नहीं दिया है.

 

गोरखपुर नगर निगम का पक्ष रख रहे वकील ने कहा कि वह 66 एमएलडी के तीन सीवेज शोध संयंत्र बनाने की योजना बना रहा है और नमामि गंगे परियोजना के तहत केंद्र से 350 करोड़ रूपये हासिल करने के लिए पत्र लिखा है.

 

उन्होंने पीठ को सूचित किया कि जिले में पहले से ही दो एसटीपी काम कर रहे हैं जो नदी में कचरे को छोड़ने से पहले उनका शोधन करता है.

 

पीठ ने कहा, ‘‘स्वच्छ वातावरण मुहैया कराना आपकी जिम्मेदारी है. यह पूरी तरह कुव्यवस्था है. संयंत्र का वित्तपोषण जिला या राज्य सरकार से होना चाहिए.’’

India News से जुड़े हर समाचार के लिए हमे फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर फॉलो करें साथ ही हमारा Hindi News App डाउनलोड करें
Web Title: ngt ask up government
Explore Hindi News from politics, Bollywood, sports, education, trending, crime, business, साथ ही साथ और भी दिलचस्प हिंदी समाचार
और जाने: Gorakhpur NGT UP government
First Published:

Get the Latest Coupons and Promo codes for 2017