ज़मीन अधिग्रहण बिल पर सरकार कर सकती है अन्य विकल्पों विचार

By: | Last Updated: Wednesday, 15 July 2015 3:02 PM
niti aayog meeting

नई दिल्ली: ज़मीन अधिग्रहण बिल पर जारी गतिरोध के मद्देनज़र मोदी सरकार अब कुछ और विकल्पों पर भी विचार कर सकती है. आज नीति आयोग की बैठक के बाद सरकार ने ये संकेत दिए हैं.

 

इसमें एक विकल्प ये है कि ज़मीन अधिग्रहण बिल में बदलाव पर फ़ैसला राज्यों पर ही छोड़ दिया जाए. बिल पर बुलाई गई इस बैठक का कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने बहिष्कार किया.  मोदी सरकार के लिए ज़मीन अधिग्रहण बिल की राह मुश्किल होती जा रही है.

 

बिल पर विचार के लिए नीति आयोग के गवर्निंग काउंसिल की बुधवार को बैठक हुई लेकिन उसमें बात नहीं बनी सकी. बैठक में शामिल सभी ग़ैर बीजेपी राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने बिल का विरोध किया. बैठक के बाद सरकार ने संकेत दिए कि अगर बिल संसद में पारित नहीं होता है तो दूसरे विकल्पों पर विचार किया जा सकता है.

 

इसमें एक विकल्प ये है कि बैठक में केवल 16 राज्यों के मुख्यमंत्री ही शामिल हुए. कांग्रेस शासित 9 राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने बैठक का बहिष्कार किया. इसके अलावा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, प. बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता और उड़ीसा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक भी बैठक में मौजूद नहीं हो सके.

 

कांग्रेसी मुख्यमंत्रियों के नहीं आने को सरकार ने संघीय ढ़ांचे की मूल भावना के विरूद्ध क़रार दिया.  बैठक में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने क़ानून में में बदलाव का विरोध करते हुए कहा कि इसके लिए अभी उपयुक्त समय नहीं है जबकि दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि 2013 के क़ानून को अमल में लाकर कुछ समय तक देखना चाहिए.

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Web Title: niti aayog meeting
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